संतों से मिलकर सीएम अखिलेश ने भाजपा पर ली चुटकी
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इशारों ही इशारों में भाजपा पर विकास एजेंडे से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। कहा, सीएम आवास में चौपाई और भजनों से उन्हें तकलीफ होगी।
संतों से मिला सम्मान भी उन्हें रास नहीं आएगा। समाजवादियों पर सबसे ज्यादा सवाल उठाए गए हैं। अब संतों का आशीर्वाद मिल गया है तो समाजवादियों को कोई रोक नहीं सकता।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को कालिदास मार्ग स्थित अपने आवास पर अयोध्या में भजन संध्या स्थल का शिलान्यास किया। बोले, इससे धर्म को समझने का अवसर मिलेगा। इस मौके पर अयोध्या से आए कई प्रमुख संत मौजूद थे।
उन्होंने अपनी बात रखते हुए रामायण की चौपाइयों व भजनों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र, पगड़ी व प्रसाद देकर सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा, एक समय था जब कोई भी सीएम आवास में घुस नहीं पाता था। अब तीर्थयात्रियों का सम्मान हो रहा है, संतों की वाणी सुनाई दे रही है। इससे समाज में संदेश जाएगा।
'हमें उन लोगों से आप ही बचा सकते हैं'
भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सीएम आवास में भजनों व चौपाइयों की गूंज से कुछ लोगों को तकलीफ होगी। अपने गले में पड़े अंगवस्त्र की तरफ इशारा करते हुए कहा कि इस रंग से सम्मान उन्हें बुरा लग रहा होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साढ़े चार साल की सरकार में सड़कें, पुल, मेट्रो, एक्सप्रेस-वे समेत ऐसे तमाम काम किए हैं, जिनसे लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने संतों व श्रद्धालुओं से अपील की, हमें उन लोगों से आप ही बचा सकते हैं जो विकास को छोड़कर दूसरा रास्ता दिखाते हैं।
कहा, धर्म और राजनीति साथ-साथ चलते हैं। पता नहीं लगता कि कब कौन किस रास्ते पर है। इनमें से किसी में मिलावट आ जाए तो समझो परिणाम क्या होगा? उन्होंने कहा, मानसरोवर और सिंधु दर्शन से लौटे तीर्थयात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा होगा। दुर्गम रास्तों से गुजरना पड़ा होगा।
इन यात्राओं का अलग अनुभव और संदेश है। उन्होंने मानसरोवर यात्रा से लौटे 89 तीर्थयात्रियों को 50-50 हजार और सिंधु दर्शन करने वाले 74 तीर्थयात्रियों को 10-10 हजार रुपये अनुदान के चेक दिए।