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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: एसआईटी ने शासन को सौंपी फाइनल रिपोर्ट, जरूरी कार्रवाई के लिए ट्रस्ट को दी गई
Mon, 17 Aug 2026 11:06 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Mon, 17 Aug 2026 11:06 PM IST
सार
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने फाइनल रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। एसआईटी का गठन ट्रस्ट के अनुरोध पर 13 जून को किया गया था। प्रांरभिक जांच के बाद आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की गई थी।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अपनी फाइनल रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। गृह विभाग ने रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद जरूरी कार्रवाई के लिए इसे राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को उपलब्ध करा दिया है।
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ट्रस्ट के अनुरोध पर शासन ने 13 जून को लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। आईजी रेंज किरण एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन कुमार इसके सदस्य थे। एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। इसमें मामले में कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की गई थी।
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प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को राम जन्मभूमि थाने में केस दर्ज किया गया था। ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर दर्ज केस में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद किया गया था। अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया था।
आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था। प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर ही आरोपियों की गिरफ्तारी समेत अन्य कार्रवाई हुई थी।