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Ganga Expressway:गंगा एक्सप्रेसवे पर बारिश से शोल्डर क्षतिग्रस्त, 4 घंटे में मरम्मत पूरी, विस्तृत रिपोर्ट जारी

Mon, 17 Aug 2026 11:26 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Mon, 17 Aug 2026 11:26 PM IST
सार

यूपीडा ने एक्सप्रेसवे के एक छोटे से हिस्से के धंसने पर विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार क्षति का पता चलते ही करीब पांच से छह मीटर क्षेत्र को बैरिकेडिंग कर सुरक्षित किया गया। मरम्मत का पूरा काम चार घंटे में पूरा कर लिया गया।

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Ganga Expressway: Rain damaged shoulder on Ganga Expressway, repairs completed in four hours
गंगा एक्सप्रेसवे पर बने गड्ढे को ठीक करती जेसीबी (फाइल फोटो) - फोटो : संवाद

विस्तार

गंगा एक्सप्रेसवे पर अमरोहा के पास भारी बारिश के कारण धंसे शोल्डर को चार घंटे के भीतर दुरुस्त कर दिया गया। यूपीडा ने अमर उजाला में प्रकाशित खबर के बाद विस्तृत स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि एक्सप्रेसवे की मुख्य तीनों लेन पूरी तरह सुरक्षित रहीं और यातायात पर कोई असर नहीं पड़ा। 

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गंगा एक्सप्रेसवे पर अमरोहा जिले के पास किलोमीटर 421+200 (लेफ्ट हैंड साइड) पर लगातार और तेज बारिश के कारण शोल्डर (सड़क किनारे का हिस्सा) का एक छोटा भाग क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि यूपीडा और कन्सेशनायर ने दावा किया है कि मुख्य मार्ग की तीनों लेन पूरी तरह चालू रहीं और यातायात पर कोई असर नहीं पड़ा।

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यूपीडा के मेरठ इकाई के अधिशासी अभियंता की ओर से जारी पत्र के अनुसार 14 अगस्त को संयुक्त निरीक्षण के दौरान एक्सप्रेसवे के चेनज 90+600 के आसपास अंतिम लेन के किनारे समस्या दिखाई दी। जांच में क्रॉस ड्रेनेज कलवर्ट के ऊपर ढाल वाले हिस्से में पानी के रिसाव और मिट्टी के कटाव के संकेत मिले। इसके बाद प्रभावित हिस्से को तत्काल काटकर जांच की गई, जहां खाली स्थान (कैविटी) बनने की स्थिति सामने आई। क्षतिग्रस्त भाग को हटाकर मानकों के अनुरूप मरम्मत कराई गई।


यूपीडा को भेजी गई तकनीकी रिपोर्ट में बताया गया है कि 16 और 17 अगस्त की रात हुई भारी वर्षा के कारण ढाल वाले हिस्से में कटाव हुआ। रिसाव के चलते शोल्डर का लगभग चार मीटर हिस्सा धंस गया और ड्रेन का कुछ भाग प्रभावित हुआ।

रिपोर्ट के अनुसार क्षति का पता चलते ही करीब पांच से छह मीटर क्षेत्र को बैरिकेडिंग कर सुरक्षित किया गया। मलबा हटाने के बाद कंक्रीट भराव और जीएसबी सामग्री से ढाल को दोबारा मजबूत किया गया। पूरा सुधार कार्य चार घंटे के भीतर पूरा कर लिया गया। इस दौरान मुख्य कैरिजवे की तीनों लेन सामान्य रूप से संचालित होती रहीं।
    
यूपीडा ने संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट और मरम्मत कार्य के पहले तथा बाद के फोटोग्राफ भी मुख्यालय को भेजे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत के बाद प्रभावित हिस्से को यातायात के लिए सुरक्षित घोषित कर दिया गया है।

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