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UP News: सिपाही के पास भी रहेगी यक्ष एप की कमान, पुलिस मंथन के दौरान की गई थी लॉन्चिंग

अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sun, 25 Jan 2026 08:48 AM IST
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सार

यूपी में यक्ष एप की कमान सिपाही के पास भी रहेगी। एआई के जरिये काम करने वाला यह एप पुलिस मंथन के दौरान लॉन्च किया गया था। आगे पढ़ें पूरी खबर...

constables will also have control over Yaksha app In UP launched during police brainstorming session
यक्ष एप - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में एआई के जरिये अपराधियों की निगरानी समेत पुलिसिंग और स्मार्ट व हाईटेक करने के लिए लॉन्च किए गए यक्ष एप की कमान सिपाही के पास भी होगी। मतलब बीट का सिपाही एप को खुद ऑपरेट कर डाटा फीड कर सकेगा। पहले जो एप थे उसमें थाना प्रभारियों को ये अधिकार मिला था। सिपाही को इसका एक्सेस मिलने से एप का इस्तेमाल बेहतर ढंग से और अधिक हो सकेगा।

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दरअसल, यूपी पुलिस के पहले से तीन एप हैं। जिसमें त्रिनेत्र, पहचान और बीट प्रहरी शामिल हैं। इन तीनों की सुविधाओं को यक्ष एप में समाहित किया गया है। साथ ही एआई आधारित भी है। पहले के एप का संचालन थाना स्तर के अधिकारी करते थे। एक तरह से पूरे थाने का भार एक पुलिसकर्मी के पास रहता था। अब जब सिपाही को एप संचालन का अधिकार मिल जाएगा तो वह तय समय में एप संबंधी कार्यवाही पूरी करेगा।

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अपराधी का ठिकाना बदला तो पहुंचेगा अलर्ट

एप में बीटवार अपराधियों का ब्योरा भरा जाएगा। उसकी निगरानी करना बीट सिपाही की जिम्मेदारी होगी। जब कभी कोई अपराधी रहने का स्थान बदलेगा तो उस बीट सिपाही की जिम्मेदारी होगी कि उसका नया पता उसमें दर्ज करे। जैसे ही वह नया पता दर्ज करेगा उस पते के बीट सिपाही के पास एप में इसका अलर्ट पहुंच जाएगा। जिससे वह उसका सत्यापन कर निगरानी शुरू कर देगा।

जल्द होगा एक्टिव, डीजीपी ने दिए निर्देश

डीजीपी ने सभी जिलों एसपी, जोन के एडीजी, रेंज के आईजी समेत अन्य अफसरों को यक्ष एप के संबंध में निर्देश भेज दिए हैं। जिसमें एप का किस तरह से इस्तेमाल करना उसका विस्तृत विवरण दिया गया है। सबसे पहले एप में पहले से फीड डाटा के आधार पर 9 बिंदुओं का सत्यापन करना होगा। इसमें सबसे पहले थाने, चौकी व बीट पर तैनात पुलिसकर्मियों का सत्यापन किया जाएगा। गांव, मोहल्लों सही नाम दर्ज करने, पुलिसकर्मियों को बीट आवंटन, अपराधियों का सम्यापन आदि बिंदु शामिल हैं।

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