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UP News: पाकिस्तान से जाली नोट, बांग्लादेशी तस्करों का साथ और यूपी में सप्लाई; ATS की जांच में बड़ा खुलासा
Tue, 11 Aug 2026 10:28 AM IST
Bhupendra Singh
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Bhupendra Singh
Updated Tue, 11 Aug 2026 10:28 AM IST
सार
जाली नोट तस्करी का सरगना पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था। पाकिस्तान से जाली नोट आते थे, बांग्लादेशी तस्करों का साथ मिलता। यूपी व अन्य राज्यों में इसकी सप्लाई होती थी। ATS की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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- फोटो : istock
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विस्तार
जाली नोटों की तस्करी करने वाले गिरोह का सरगना जमीरुल सोशल मीडिया के जरिये पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था। वहां से जो इशारा मिलता था जमीरुल वही करता था। पाकिस्तानी हैंडलर्स से बांग्लादेश के भी लोग जुड़े हैं।
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वहां से जमीरुल को नोटों की खेप दी जाती थी। फिर वह खेप को बॉर्डर पार करता था और अपने भाई समीरुल व अन्य सदस्यों के जरिये नोटों की सप्लाई यूपी-दिल्ली समेत अन्य राज्यों में करता था। इसके अहम साक्ष्य जांच एजेंसी को मिले हैं।
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एटीएस ने लखनऊ से कासगंज निवासी अजीम खान व समीरुल को गिरफ्तार किया था। उनके पास से पाकिस्तान में छपे भारतीय जाली नोट बरामद हुए थे। एटीएस ने खुलासा किया था कि गिरोह लंबे समय से जाली नोटों को खपा रहा था, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया जा सके। इसके लिए यह नेटवर्क तैयार किया।
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एटीएस की जांच में सामने आया था कि समीरुल का भाई जमीरुल ही इन सभी को नोटों की खेप उपलब्ध करवाता था। सूत्रों के मुताबिक बांग्लादेश में सक्रिय तस्कर व कुछ पाकिस्तानी हैंडलर्स जमीरुल के संपर्क में हैं।
कब, कहां से कितने जाली नोट उठाने हैं और कहां-कहां भारत में सप्लाई करने हैं, इसके पूरे निर्देश वही लोग जमीरुल को देते हैं। पूरी बातचीत सोशल मीडिया के जरिये होती है। आपस में मुलाकात भी नहीं होती है। ये इसलिए, जिससे कभी भी नेटवर्क का पूरी तरह से खुलासा न हो सके।