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UP: यूपी में नकली दवाओं का बड़ा खेल, रद्द लाइसेंस पर भी चल रहा करोड़ों का कारोबार; लखनऊ से गोरखपुर तक फैला जाल

Mon, 27 Jul 2026 09:04 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Mon, 27 Jul 2026 09:04 AM IST
सार

यूपी में नकली दवाओं का बड़ा खेल चल रहा है। लाइसेंस रद्द होने पर भी करोड़ों का कारोबार चल रहा है। लखनऊ से गोरखपुर तक जाल फैला है। आगे पढ़ें पूरी खबर...

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crores counterfeit medicine trade in UP despite cancelled licenses network spans from Lucknow to Gorakhpur
यूपी में नकली दवाओं का बड़ा खेल (सांकेतिक) - फोटो : Medicine

विस्तार

उत्तर प्रदेश में नकली दवा कारोबार से जुड़ा गिरोह फर्जी ट्रेडिंग के लिए उन दुकानदारों को निशाना बनाते हैं, जिनका लाइसेंस किसी कारण से रद्द हो जाता है। रद्द लाइसेंस वालों को दो से आठ फीसदी तक कमीशन दिया जाता है। यह खेल लखनऊ ही नहीं प्रयागराज, आगरा, गोरखपुर सहित अन्य शहरों में भी चल रहा है। 

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एफएसडीए की टीम अब इन शहरों की जांच शुरू कर दी है।नकली दवा कारोबारी दवाओं की आपूर्ति के लिए न सिर्फ अपना कर्मचारी तैनात कर रहे हैं बल्कि बिलिंग में खेल के लिए लाइसेंस रद्द होने वाले और जिनकी बिक्री औसत कम है, उन्हें भी जाल में फंसाते हैं। 

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तीन से आठ फीसदी कमीशन मिलता था

लखनऊ में हुई जांच में यह खुलासा हुआ है। दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया गया है कि शिव शक्ति मेडिकल स्टोर के संचालक कपिल जायसवाल का लाइसेंस पांच जनवरी को रद्द कर दिया गया। फिर भी उसके लाइसेंस नंबर पर अमीनाबाद के विद्या फार्मा के संचालक प्रियांशु व सुधांशु आपूर्ति देते रहे। इसके एवज में कपिल को तीन से आठ फीसदी कमीशन मिलता था। इसी तरह नकली दवा ले आने वाले हरमीत और साहिल को दो फीसदी कमीशन मिलता था। यह दवाएं लखनऊ से कानपुर और गोरखपुर के व्यापारियों के यहां भी भेजी गई हैं। 

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बाजार में बड़ी मात्रा में पहुंची हैं बीपी की दवाएं

ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने के लिए दी जाने वाली टेल्मा एएम बैच नंबर 18240682 और टेल्मा एच की बैच नंबर 18240905, बैच नंबर 18240905 और बैच नंबर 18240628 को फर्जी बिलिंग में दर्ज किया गया है। ऐसे में आशंका है कि यह बैच नंबर नकली दवाओं पर दर्ज नंबर है। ऐसे में बाजार में ब्लड प्रेशर की बड़ी मात्रा में नकली दवाएं पहुंच चुकी हैं।

मेरठ और बागपत में तैयार हो रही थी नकली दवा 

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम को जानकारी मिली है कि उत्तराखंड से बड़ी मात्रा में नकली दवाएं यूपी में खपाई गई हैं। हिमाचल और उत्तराखंड से लाई गई नकली दवाओं की पैकिंग अलग-अलग शहरों में भी हो रही है। मेरठ के खरदौनी में छापेमारी के दौरान दवाओं की पैकेजिंग में प्रयोग होने वाली मशीन मिली है। 



उत्तराखंड के रुद्रपुर स्थित आरएस ग्लोबल फार्मा से सांठगांठ करके फैटी लिवर में प्रयोग होने वाली दवा इवियान 40 तैयार किया जा रहा था। यहां मिले सुराग के आधार पर बागपत के प्रेस्कॉट फार्मा जेल प्राइवेट लिमिटेड की जांच की गई को वहीं भी बिना पैकिंग वाली विटामिन ई मिली है। यहां से अवैध रूप से प्रोसेस व पैक कर इवियन 400 एमजी को बाजार में भेजा जा रहा था।

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