पांच सौ और हजार रुपये के नोट बंद होने की खबर आते ही पूरा शहर दौड़ पड़ा। घर-घर अफरा-तफरी मच गई। इससे पूरे शहर की रंगत बदल गई। पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लग गईं।
पेट्रोल पंपों पर हंगामा, एटीएम पर भीड़ और देर रात तक चली शॉपिंग
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कैश डिपॉजिट करने के लिए एटीएम पर लोग उमड़ पड़े। पेट्रोल पंपों ने पेट्रोल देना बंद कर दिया तो दवा दुकानों के शटर गिर गए। हंगामा बढ़ा तो पुलिस ने मोर्चा संभाला और पंपों को खुलवाकर पेट्रोल दिलवाए। हजरतगंज में तो मार्केट में सन्नाटा पसर गया। हर तरफ अफरा-तफरी के माहौल के बीच रात 12 बजे तक 500-1000 के नोटों के बदले खरीदारी का ऑफर दिया तो वहां लंबी भीड़ लग गई।
पुलिस के मुताबिक, चौक मेडिकल कॉलेज चौराहा स्थित एलपी वैश्य एंड संस पेट्रोप पंप ने तो नोट बंद होने की घोषणा के घंटे भर बाद ही पंप बंद कराकर रस्सी बंधवा दी। तेल लेने पहुंचे लोगों ने सौ रुपये का नोट भी देने को तैयार हुए मगर पंपकर्मी राजी नहीं हुए।
इसको लेकर लोगों ने वहां पर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर दरोगा चंद्र मोहन सिंह फोर्स संग पहुंचे मैनेजर अशोक कुमार को समझाने की कोशिश किया मगर वह नहीं माना। करीब आधे घंटे बाद कोतवाली से पहुंची अतिरिक्त फोर्स ने मैनेजर को जीप में लादने के निर्देश दिए। पुलिस की मौजूदगी में मैनेजर ने पंप खुलवाकर लोगों को तेल बंटवाया।
वहीं चौक-ठाकुरगंज रोड पर पंपकर्मी अपने पंप बंद करके भाग निकले। उधर, गुडंबा इलाकेके रिंग रोड पर तेल न मिलने पर लोगों ने हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराया। एसआई पंकज मिश्रा ने फोर्स संग एनआरएल पंप को खुलवाकर लोगों को तेल बंटवाया।