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दारुल उलूम फरंगी महल ने जारी किया फतवा, घर में ही अदा करें ईद की नमाज
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लखनऊ। लखनऊ स्थित दारुल उलूम फरंगी महल के दारुल इफ्ता ने फतवा जारी करते हुए कहा है कि अगर ईद तक लॉकडाउन जारी रहता है तो ईद की नमाज घरों में अदा करें। साथ ही मुसलमानों से ईद के खर्च से गरीबों की मदद करने को भी कहा गया है। लॉकडाउन की तीसरी मुद्दत 17 मई को खत्म हो रही है। हालात को देखते हुए लॉकडाउन के बढ़ने की उम्मीद है। 25 मई को ईद होने की भी उम्मीद है। ईद की नमाज मुसलमानों की सबसे बड़ी जमाअत होती है। इस सिलसिले में राजधानी के फैजुर्रहमान सिद्दीकी ने दारुल उलूम फरंगी महल के दारूल इफ्ता से सम्पर्क किया। इन सवालों के जवाब में दारुल इफ्ता फरंगी महल की तरफ से मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, मौलाना नसरूल्लाह, मौलाना नईमुर्रहमान सिद्दीक़ी और मौलाना मुहम्मद मुश्ताक के हस्ताक्षरों से फतवा जारी किया गया है। दारुल उलूम से पूछे गए सवाल
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-ईद उल फित्र की तैयारी कैसे की जाए। -ईद की नमाज कैसे और कहां पढ़ी जाए, खुतबा पढ़ा जायेगा या नहीं।
- ईद की खुशियां कैसे मनाई जाएं, ईद के दिन आम लोगों से कैसे मिला जाए। दारुल उलूम ने फतवा जारी कर दिए जवाब
- ईद उल फित्र के लिए नए कपड़ों का इंतजाम करना जरूरी नहीं है। जो सबसे अच्छे कपड़े हों, उन्हीं को पहन लिया जाए।
- ईद की नमाज तक अगर मस्जिदें नहीं खुलती हैं तो जैसे अभी तक इमाम, मुअज्जिन के साथ तीन लोग नमाज अदा कर रहे थे, वैसे ही ईद की नमाज भी अदा करें।
- ईद की नमाज के लिए इमाम के साथ तीन मर्द का होना जरूरी है। बाकी लोग अपने घरों पर ही नमाज अदा करें।
- ईद की नमाज का तरीका यह है कि तकबीर तहरीमा के बाद सना पढ़ें। इसके बाद दो तकबीर कहें। हर बार कानों तक हाथ उठाएं और छोड़ दें फिर तीसरी तकबीर कहें और हाथों को कानों तक उठा कर नीयत बांध लें। उसके बाद सूरह फातिहा और कोई सूरत पढे़ं। पहली रकआत पूरी करें। दूसरी रकआत में सूरह फातिहा और कोई सूरत पढ़कर तीन बार तकबीर कहें और हर बार कानों तक हाथ उठायें और छोड़ दें फिर चौथी तकबीर में बिना हाथ उठाए हुए रुकू में चले जाएं। बाकी नमाजी भी ऐसा ही करें।
- खुतबा पढ़ना मसनून है। अगर किसी को खुतबा याद न हो तो पहले खुतबे में सूरह फातिहा और सूरह अखलास पढ़ ले और दूसरे खुतबे में दरूद शरीफ के साथ कोई दुआ पढ़ ले। इस तरह खुतबा हो जायेगा।
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- ईद के दिन घर वालों के साथ खुशियां मनाएं, सेवइयां खाएं, रिश्तेदारों, दोस्तों और पड़ोसियों को फोन करके मुबारकबाद दें और अपने घर पर ही रहें, किसी और के घर न जाएं। किसी से न हाथ मिलाएं और न ही गले मिलें। गरीबों की मदद करें। नमाज के बाद इस बीमारी के जल्द खात्मे के लिए दुआ करें।
-जकात की रकम से गरीबों की करें मदद सादगी से मनाएं ईद
घरों में इबादत में गुजरा 17वां रोजा
रमजान का 17वां रोजा घरों में इबादत में गुजरा। रोजेदारों ने अपने रब का शुक्र अदा करने के साथ ही कोरोना से निजात की दुआ मांगी। वहीं उलमा ने जकात की रकम से गरीबों की मदद करने के साथ ही ईद सादगी से मनाने की अपील की। इदारा-ए-शरइया फरंगी महल के अध्यक्ष मुफ्ती अबुल इरफान मियां फरंगी महली ने कहा कि रमजान में अल्लाह की रहमतों बरकतों मगफिरतों को हासिल करने का महीना है। उन्होंने कहा कि दौलत और गरीबी यह दोनों ही इबादत में खलल डालती हैं। लिहाजा अल्लाह का इरशाद है कि अगर तुम्हारे पास 7.50 तोला सोना या 52.50 तोला चांदी है या चांदी और सोना मिला कर कोई एक रकम हमारे पास साल भर घर पर रखी है तो तुम उस रकम का ढाई फीसदी जकात में अपने गरीब रिश्तेदारों, मुफलिसों,जो मुसाफिर हों, परेशानहाल लोगों या मदरसे के गरीब बच्चों को दें। उन्होंने कहा कि ईद के दिन या ईद से पहले साहिबे निसाब के ऊपर अपने और अपने घर के अफराद की तरफ से 49 रुपये कीमत प्रति व्यक्ति फितरा दिया जाए। उन्होंने ईद सादगी से मनाने की अपील की।
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