सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Four X-ray technicians are listed on Human Resource Portal in Pilibhit but only three are employed

UP News: पोर्टल पर दिख रहे चार एक्सरे टेक्नीशियन, कार्यरत हैं सिर्फ तीन; भर्ती में अनियमितता का संदेह

अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sun, 11 Jan 2026 12:24 PM IST
विज्ञापन
सार

मानव संपदा पोर्टल पर चार एक्सरे टेक्नीशियन दिख रहे हैं, जबकि कार्यरत सिर्फ तीन हैं। पीलीभीत में एक्सरे टेक्नीशियन भर्ती में अनियमितता का संदेह है। मानव संपदा पोर्टल और सूचना के अधिकार के आंकड़े में अंतर मिला है। 

Four X-ray technicians are listed on Human Resource Portal in Pilibhit but only three are employed
एक्सरे टेक्नीशियन। (सांकेतिक) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

यूपी के पीलीभीत जिले में मानव संपदा पोर्टल पर चार एक्सरे टेक्नीशियन कार्यरत बताए जा रहे हैं, लेकिन सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत सीएमओ कार्यालय ने केवल तीन के कार्यरत होने की जानकारी दी। इससे एक टेक्नीशियन का नाम गायब होने की स्थिति बनी और भर्ती में भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ गई।

Trending Videos


मानव संपदा पोर्टल पर पीलीभीत जिले में सीएचसी बीसलपुर में धीरेंद्र सिंह, न्यूरिया में विमल प्रकाश, जिला क्षयरोग केंद्र में मुकेश कुमार गौतम, पूरनपुर में चंद्रप्रकाश कार्यरत हैं। यहां कार्यरत लोगों के बारे में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई। सीएमओ कार्यालय ने बताया है कि पूरनपुर, न्यूरिया और जिला क्षयरोग केंद्र में कार्यरत एक्सरे टेक्नीशियन की जानकारी दी है, लेकिन बीसलपुर में पद खाली बताया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इस अंतर को लेकर सवाल उठ रहे हैं और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को भेजे गए शिकायती पत्र में मामले की जांच कराने की मांग की गई है। पत्र में यह भी संकेत दिया गया है कि बीसलपुर का मामला पहले हुए भर्ती घोटाले से जुड़ा हो सकता है। भेजे गए पत्र में यह भी बताया गया है कि मुजफ्फरनगर के शाहपुर सीएचसी में कार्यरत अंकुर नामक एक्सरे टेक्नीशियन को हटा दिया गया था, लेकिन अब वह दोबारा कार्य करने लगा है। ऐसे में इस मामले की भी जांच कराई जाए।

एक्सरे टेक्नीशियन भर्ती में भ्रष्टाचार मामले में ठप हुई जांच

अमर उजाला ने एक अर्पित के नाम पर प्रदेश में अलग-अलग जिलों में छह अर्पित के नौकरी करने के मामले का खुलासा किया था। खबर छपने के बाद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। सीएमओ की रिपोर्ट में भी ये फर्जी साबित हुए। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने जांच ठंडे बस्ते में डाल दी है। हालत यह है कि पूरे प्रकरण में विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी तय नहीं की जा सकी है। 


इस रैकेट के फिर सक्रिय होने का अंदेशा जताया जा रहा है। इसके बाद अंकित के नाम पर अलग-अलग स्थानों पर नौकरी करने वालों का भी खुलासा हुआ। वर्ष 2016 की तरह ही 2008 में भी फर्जीवाड़ा हुआ था। लैब टेक्नीशियन भर्ती मामले में भी फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। वजीरगंज थाने के इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। चार टीमें गठित की गई है। वह अलग-अलग जिलों में जाकर पड़ताल कर रही हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed