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Lucknow News: प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लिए हेल्थकेयर सेक्टर अहम
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपो (यूपीटेक्स 2026) के दूसरे दिन शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में क्रेडिट फैसिलिटीज स्कीम फॉर एमएसएमई इन हेल्थकेयर इंडस्ट्रीज पर सेमिनार आयोजित की गई। इसमें विशेषज्ञों ने कहा कि प्रदेश को वन ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने के लिए हेल्थकेयर सेक्टर बेहद अहम है। पांच दिवसीय एक्सपो का आयोजन पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) कर रहा है।
सेमिनार में केजीएमयू में रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत ने कहा कि निजी हेल्थकेयर कंपनियों के आने से प्रदेश में मृत्यु दर घटकर 1000 में 38 हुई है। मातृ मृत्युदर एक लाख में महज 150 बची है। सीईओ और सेक्रेटरी जनरल पीएचडीसीसीआई डॉ. रंजीत मेहता ने बताया कि सीएम के एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को प्राप्त करने में हेल्थ सेक्टर का बहुत बड़ा योगदान रहेगा। सिडबी (भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक) के महाप्रबंधक जय कुमार गुप्ता ने बताया कि हेल्थकेयर सेक्टर में फार्मास्यूटिकल्स के लिए सामान्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की योजनाओं को लागू किया गया है। यह अस्पतालों, मेडिकल डिवाइस निर्माण और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनियों पर लागू होती हैं। इसे कोविड 19 के दौरान शुरू किया गया था। पीएचडीसीसीआई के सह अध्यक्ष यूपी राजेश निगम,जीबी सिस्टम इक्विपमेंट के निदेशक प्रणव गुप्ता, ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्स के उपनिदेशक आशुतोष राय आदि मौजूद रहे।
जीआई टैग मिलने से मिला विस्तार
वाराणसी निवासी शहनाई निर्माता और वादक राकेश कुमार बताते हैं कि जीआई टैग मिलने से शहनाई बनाने व बजाने वालों को सम्मान मिला है। इससे कारोबार में भी इजाफा हुआ है। देश के कोने-कोने से शहनाई के ऑर्डर भी मिलते हैं। मिट्टी की ब्लैक पॉटरी से जुड़े निजामाबाद के दीपक प्रजापति ने बताया कि ब्लैक पॉटरी कला को जीआई टैग मिलने से उनके व्यापार में लगभग 20% की बढ़ोतरी हुई है। मुरादाबाद से आए पीतल के कारोबारी मोहम्मद आबिद ने बताया कि पीतल के बर्तनों को जीआई टैग मिलने के बाद नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) के सहयोग से हम जैसे छोटे व्यापारी भी अपना व्यापार कर पा रहे हैं।
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सेमिनार में केजीएमयू में रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत ने कहा कि निजी हेल्थकेयर कंपनियों के आने से प्रदेश में मृत्यु दर घटकर 1000 में 38 हुई है। मातृ मृत्युदर एक लाख में महज 150 बची है। सीईओ और सेक्रेटरी जनरल पीएचडीसीसीआई डॉ. रंजीत मेहता ने बताया कि सीएम के एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को प्राप्त करने में हेल्थ सेक्टर का बहुत बड़ा योगदान रहेगा। सिडबी (भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक) के महाप्रबंधक जय कुमार गुप्ता ने बताया कि हेल्थकेयर सेक्टर में फार्मास्यूटिकल्स के लिए सामान्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की योजनाओं को लागू किया गया है। यह अस्पतालों, मेडिकल डिवाइस निर्माण और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनियों पर लागू होती हैं। इसे कोविड 19 के दौरान शुरू किया गया था। पीएचडीसीसीआई के सह अध्यक्ष यूपी राजेश निगम,जीबी सिस्टम इक्विपमेंट के निदेशक प्रणव गुप्ता, ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्स के उपनिदेशक आशुतोष राय आदि मौजूद रहे।
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जीआई टैग मिलने से मिला विस्तार
वाराणसी निवासी शहनाई निर्माता और वादक राकेश कुमार बताते हैं कि जीआई टैग मिलने से शहनाई बनाने व बजाने वालों को सम्मान मिला है। इससे कारोबार में भी इजाफा हुआ है। देश के कोने-कोने से शहनाई के ऑर्डर भी मिलते हैं। मिट्टी की ब्लैक पॉटरी से जुड़े निजामाबाद के दीपक प्रजापति ने बताया कि ब्लैक पॉटरी कला को जीआई टैग मिलने से उनके व्यापार में लगभग 20% की बढ़ोतरी हुई है। मुरादाबाद से आए पीतल के कारोबारी मोहम्मद आबिद ने बताया कि पीतल के बर्तनों को जीआई टैग मिलने के बाद नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) के सहयोग से हम जैसे छोटे व्यापारी भी अपना व्यापार कर पा रहे हैं।
