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Lucknow News: ला मार्टिनियर भूमि मामले की सुनवाई अब 29 को
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हाईकोर्ट।
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लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने ला मार्टिनियर कॉलेज की भूमि पर कथित निर्माण मामले में सुनवाई की अगली तारीख 29 अप्रैल तय की है। इस तिथि को दोपहर के भोजन के बाद मामले पर सुनवाई होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति जफीर अहमद की खंडपीठ ने कॉलेज के प्रधानाचार्य की ओर से दाखिल याचिका पर दिया। मुख्य स्थायी अधिवक्ता ने याचिका वापस लेने की अर्जी पर आपत्ति जताई। एलडीए के वकील ने भी याचिका वापस लेने के आवेदन पर आपत्ति दर्ज कराई। कोर्ट ने ये सभी हलफनामे रिकॉर्ड पर ले लिए। याचिकाकर्ता के वरिष्ठ अधिवक्ता ने इन हलफनामों के अध्ययन के लिए समय मांगा।
याचिकाकर्ता के अनुसार, संस्था कोठी मार्टिन साहिब में भूमि का स्वामित्व रखती है। सरकार इस भूमि पर ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तहत सड़क और फ्लाईओवर बनाना चाहती है। आरोप है कि संस्था की सहमति या अधिग्रहण प्रक्रिया के बिना निर्माण शुरू हुआ।
याचिकाकर्ता के वरिष्ठ अधिवक्ता ने तर्क दिया कि यह भूमि लखनऊ मार्टिनियर चैरिटीज ट्रस्ट की है। उचित कानूनी प्रक्रिया के बिना इसका हस्तांतरण नहीं किया जा सकता। दूसरी ओर, एलडीए के वकील ने अदालत को बताया कि विवादित भूमि पर निर्माण कार्य रोक दिया गया है। एलडीए ने कहा कि ट्रस्टियों से आवश्यक अनुमति मिलने के बाद ही इसे पुनः शुरू किया जाएगा।
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यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति जफीर अहमद की खंडपीठ ने कॉलेज के प्रधानाचार्य की ओर से दाखिल याचिका पर दिया। मुख्य स्थायी अधिवक्ता ने याचिका वापस लेने की अर्जी पर आपत्ति जताई। एलडीए के वकील ने भी याचिका वापस लेने के आवेदन पर आपत्ति दर्ज कराई। कोर्ट ने ये सभी हलफनामे रिकॉर्ड पर ले लिए। याचिकाकर्ता के वरिष्ठ अधिवक्ता ने इन हलफनामों के अध्ययन के लिए समय मांगा।
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याचिकाकर्ता के अनुसार, संस्था कोठी मार्टिन साहिब में भूमि का स्वामित्व रखती है। सरकार इस भूमि पर ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तहत सड़क और फ्लाईओवर बनाना चाहती है। आरोप है कि संस्था की सहमति या अधिग्रहण प्रक्रिया के बिना निर्माण शुरू हुआ।
याचिकाकर्ता के वरिष्ठ अधिवक्ता ने तर्क दिया कि यह भूमि लखनऊ मार्टिनियर चैरिटीज ट्रस्ट की है। उचित कानूनी प्रक्रिया के बिना इसका हस्तांतरण नहीं किया जा सकता। दूसरी ओर, एलडीए के वकील ने अदालत को बताया कि विवादित भूमि पर निर्माण कार्य रोक दिया गया है। एलडीए ने कहा कि ट्रस्टियों से आवश्यक अनुमति मिलने के बाद ही इसे पुनः शुरू किया जाएगा।