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UP: उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व मंत्री अंगद यादव की पैरोल याचिका खारिज, कोर्ट ने सरकार के फैसले को माना सही

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Sat, 28 Mar 2026 10:59 PM IST
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सार

उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व मंत्री अंगद यादव की पैरोल याचिका हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने खारिज कर दी। कोर्ट ने सरकार के फैसले को सही माना। आगे पढ़ें पूरी खबर...

Lucknow Bench of HC has rejected parole petition of former Minister Angad Yadav who is serving life sentence
लखनऊ हाईकोर्ट का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

यूपी में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व विधायक अंगद यादव की पैरोल याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने साफ कहा कि केवल बच्चों की शादी तय करने या रिश्ते खोजने के लिए किसी कैदी को पैरोल नहीं दी जा सकती। यह फैसला न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ ने सुनाया। 

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अंगद यादव ने राज्य सरकार के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें पैरोल देने से मना कर दिया गया था। वे 1995 के एक हत्या मामले में लखनऊ के अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत से सुनाई गई उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। उनकी सजा के खिलाफ दायर अपीलें पहले ही हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों द्वारा खारिज की जा चुकी हैं।

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रिश्ते तलाशने के लिए पैरोल नहीं दी जा सकती

अंगद ने दो बार पैरोल की मांग की थी। पहली बार उन्होंने स्वास्थ्य और मानवीय आधार पर रिहाई मांगी, लेकिन सरकार ने कहा कि व्यक्तिगत इलाज के लिए पैरोल का नियम में प्रावधान नहीं है। दूसरी बार उन्होंने 60 दिन की पैरोल मांगी ताकि अपने बेटे-बेटी की शादी तय कर सकें और खेती-बाड़ी का काम देख सकें। सरकार ने यह कहते हुए आवेदन खारिज कर दिया कि शादी की कोई निश्चित तारीख तय नहीं है। केवल रिश्ते तलाशने के लिए पैरोल नहीं दी जा सकती है। 

ऐसे कैदी पैरोल के पात्र नहीं होते

हाईकोर्ट ने भी सरकार के फैसले को सही माना। अदालत ने कहा कि खेती के काम के लिए पैरोल तभी मिल सकती है, जब कोई दूसरा विकल्प न हो, जबकि याचिकाकर्ता के तीन वयस्क बेटे मौजूद हैं जो यह जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन कैदियों के खिलाफ अन्य आपराधिक मामले लंबित होते हैं, वे कानून के अनुसार पैरोल के पात्र नहीं होते। इसी आधार पर याचिका खारिज कर दी गई।

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