सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lucknow University: Assistant Professor Dr. Paramjit Singh suspended

Lucknow University: लविवि के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह निलंबित, 15 दिन में लिखित स्पष्टीकरण मांगा

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Wed, 20 May 2026 08:53 AM IST
विज्ञापन
सार

बीएससी अंतिम वर्ष की छात्रा को पेपर लीक कराने का प्रलोभन देकर अशोभनीय बातें करने और परीक्षा प्रश्नपत्र लीक करने का प्रलोभन देकर छात्रा के यौन शोषण का प्रयास के सभी आरोप शिक्षक पर सही पाए गए हैं।

Lucknow University: Assistant Professor Dr. Paramjit Singh suspended
असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार

लखनऊ विश्वविद्यालय में बीएससी अंतिम वर्ष की छात्रा को पेपर लीक कराने का प्रलोभन देकर अशोभनीय बातें करने के मामले में विवि प्रशासन ने आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह को निलंबित कर दिया है। कुलपति प्रो. जेपी सैनी की अध्यक्षता में हुई कार्यपरिषद की आपात बैठक में पेश तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय अनुशासन समिति की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया। अमर उजाला ने दो दिन पूर्व ही निलंबन की संभावना जता दी थी।

Trending Videos


अनुशासन समिति ने वायरल ऑडियो क्लिप्स, लिखित व मौखिक शिकायतों तथा आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की ओर से जुटाए तथ्यों की जांच के बाद अंतरिम रिपोर्ट में शिक्षक के खिलाफ प्रथम दृष्टया गंभीर आरोप सही पाए। रिपोर्ट में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक करने का प्रलोभन देकर छात्रा के यौन शोषण का प्रयास, गोपनीय परीक्षा सूचना साझा करने की बात स्वीकार करना, अनैतिक आचरण से विश्वविद्यालय की साख को क्षति पहुंचाना तथा विशाखा गाइडलाइंस और यूजीसी विनियम 2015 के तहत कार्यस्थल पर यौन व मानसिक उत्पीड़न जैसे आरोप शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - यूपी: बसपा से गठबंधन करना चाहते हैं राहुल गांधी, मायावती के घर भेजे अपने दूत; बसपा सुप्रीमो ने बैरंग वापस लौटाए
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - यूपी: राहुल गांधी के आज अमेठी पहुंचने से पहले पूरे शहर में लगे पोस्टर, सांसद केएल शर्मा को बनाया गया निशाना


कार्यपरिषद ने निर्णय पर मुहर लगाते हुए कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में छात्राओं की सुरक्षा और परीक्षा की शुचिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य सुरक्षित और निष्पक्ष शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है। विश्वविद्यालय ने आरोपी शिक्षक को आरोप पत्र जारी करते हुए 15 दिन में लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। तय समय में संतोषजनक जवाब न मिलने पर सेवा समाप्ति सहित कठोर कार्रवाई की जा सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed