{"_id":"69752ce75138e97edd01cc2d","slug":"now-free-treatment-will-be-available-in-lari-for-the-first-24-hours-lucknow-news-c-13-lko1070-1575050-2026-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: अब लारी में भी शुरुआती 24 घंटे मिलेगा मुफ्त इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: अब लारी में भी शुरुआती 24 घंटे मिलेगा मुफ्त इलाज
विज्ञापन
लारी कार्डियोलॉजी।
विज्ञापन
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर के साथ ही अब लारी कार्डियोलॉजी विभाग की इमरजेंसी में भी पहले 24 घंटे निशुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी। इससे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। उधर, ट्रॉमा सेंटर में मुफ्त जांच के लिए पूर्वाभ्यास शुरू कर दिया गया है। अगले सप्ताह से इसे व्यवहार में लाया जाएगा। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने यह जानकारी दी।
लारी कार्डियोलॉजी विभाग इस समय दिल के इलाज के लिए उत्तर भारत का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां रोजाना ओपीडी में करीब 400 मरीज देखे जाते हैं। सौ के करीब इमरजेंसी में आते हैं। केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में निशुल्क दवाएं देने और जांच की व्यवस्था शुरू होने जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके साथ कार्डियोलॉजी विभाग में भी मुफ्त इलाज की सुविधा देने का फैसला किया है। इसके लिए जरूरी तैयारियों और खर्च का आकलन किया जा रहा है। इससे गंभीर मरीजों को काफी राहत मिलेगी। यह सुविधा पहले 24 घंटे के लिए ही होगी। इसके बाद मरीजों को इलाज का खर्च उठाना होगा।
राजधानी में एसजीपीजीआई और लोहिया संस्थान की इमजरेंसी में शुरुआती 24 घंटे निशुल्क इलाज की व्यवस्था है। केजीएमयू में अभी तक यह व्यवस्था शुरू नहीं थी। ट्रॉमा सेंटर में आने वाले 99 प्रतिशत मरीजों की एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और पैथोलॉजी जांचें करानी पड़ती हैं। अमर उजाला ने 26 अगस्त के अंक में इसका मुद्दा उठाया था। इसके बाद केजीएमयू प्रशासन ने इसका संज्ञान लिया और अब यह व्यवस्था व्यवहार में आने जा रही है।
शुरुआती 24 घंटे में ही होती हैं ज्यादातर जांच
ट्रॉमा सेंटर हो या लारी कार्डियोलॉजी, दोनों ही स्थानों पर शुरुआती 24 घंटे में ही सबसे ज्यादा जांचें होती हैं। एक बार जांच हो जाने के बाद इलाज की दिशा तय हो जाती है। इसकी वजह से यह निशुल्क सुविधा मरीजों को बड़ी राहत देगी।
दिल के इलाज की मुकम्मल व्यवस्था नहीं
राजधानी में सरकारी क्षेत्र में केजीएमयू, एसजीपीजीआई और लोहिया संस्थान में ही दिल के इलाज की सभी सुविधाएं मौजूद हैं। किसी भी सरकारी अस्पताल में एंजियोप्लास्टी तक की सुविधा नहीं है। इस वजह से इन तीनों संस्थानों पर मरीजों का काफी दबाव रहता है।
Trending Videos
लारी कार्डियोलॉजी विभाग इस समय दिल के इलाज के लिए उत्तर भारत का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां रोजाना ओपीडी में करीब 400 मरीज देखे जाते हैं। सौ के करीब इमरजेंसी में आते हैं। केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में निशुल्क दवाएं देने और जांच की व्यवस्था शुरू होने जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके साथ कार्डियोलॉजी विभाग में भी मुफ्त इलाज की सुविधा देने का फैसला किया है। इसके लिए जरूरी तैयारियों और खर्च का आकलन किया जा रहा है। इससे गंभीर मरीजों को काफी राहत मिलेगी। यह सुविधा पहले 24 घंटे के लिए ही होगी। इसके बाद मरीजों को इलाज का खर्च उठाना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
राजधानी में एसजीपीजीआई और लोहिया संस्थान की इमजरेंसी में शुरुआती 24 घंटे निशुल्क इलाज की व्यवस्था है। केजीएमयू में अभी तक यह व्यवस्था शुरू नहीं थी। ट्रॉमा सेंटर में आने वाले 99 प्रतिशत मरीजों की एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और पैथोलॉजी जांचें करानी पड़ती हैं। अमर उजाला ने 26 अगस्त के अंक में इसका मुद्दा उठाया था। इसके बाद केजीएमयू प्रशासन ने इसका संज्ञान लिया और अब यह व्यवस्था व्यवहार में आने जा रही है।
शुरुआती 24 घंटे में ही होती हैं ज्यादातर जांच
ट्रॉमा सेंटर हो या लारी कार्डियोलॉजी, दोनों ही स्थानों पर शुरुआती 24 घंटे में ही सबसे ज्यादा जांचें होती हैं। एक बार जांच हो जाने के बाद इलाज की दिशा तय हो जाती है। इसकी वजह से यह निशुल्क सुविधा मरीजों को बड़ी राहत देगी।
दिल के इलाज की मुकम्मल व्यवस्था नहीं
राजधानी में सरकारी क्षेत्र में केजीएमयू, एसजीपीजीआई और लोहिया संस्थान में ही दिल के इलाज की सभी सुविधाएं मौजूद हैं। किसी भी सरकारी अस्पताल में एंजियोप्लास्टी तक की सुविधा नहीं है। इस वजह से इन तीनों संस्थानों पर मरीजों का काफी दबाव रहता है।
