UP: एसआईआर की परीक्षा में नोटिस पाने वाले 2.80 करोड़ मतदाता पास, दूसरों के आवेदन पर अभी तक कटे मात्र 7820 नाम
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नए मतदाता बनने के लिए पुरुषों से ज्यादा महिलाओं ने फॉर्म-6 भरे हैं। नाम काटने के लिए भरे जाने वाले फॉर्म-7 पर विपक्ष ने काफी मुखर विरोध किया था।
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उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के उत्साह भरे परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रदेश में कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं के लिए नोटिस तैयार हो चुके हैं। इनमें से 3.06 करोड़ नोटिस मतदाताओं को प्राप्त कराए जा चुके हैं। 2.80 करोड़ मतदाताओं ने नोटिस के जवाब में जरूरी दस्तावेज मुहैया करा दिए हैं। इनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल होना तय है।
यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शनिवार को लोकभवन में प्रेसवार्ता में बताया कि नए मतदाता बनने के लिए पुरुषों से ज्यादा महिलाओं ने फॉर्म-6 भरे हैं। नाम काटने के लिए भरे जाने वाले फॉर्म-7 पर विपक्ष ने काफी मुखर विरोध किया था। रिणवा ने बताया कि दूसरे व्यक्तियों की शिकायत पर अभी तक प्रदेश में 7820 नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं। इनमें 5153 मृतक शामिल हैं।
रिणवा ने एसआईआर की 6 जनवरी से 6 मार्च तक चली दावा एवं आपत्ति अवधि के आंकड़े मीडिया के सामने रखे। उन्होंने बताया कि गणना चरण में वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान न कराने वाले 1.04 करोड़ मतदाता और तार्किक विसंगति वाले 2.22 करोड़ मतदाताओं को नोटिस प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इन पर सुनवाई 27 मार्च तक चलेगी। 6 जनवरी को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में कुल मतदाता 12,55,56,025 हैं।
कुल 93.8 प्रतिशत नोटिसों का वितरण हो चुका है, जिनमें से 85.8 प्रतिशत मतदाताओं की सुनवाई पूरी हो चुकी है। रिणवा ने बताया कि सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सुनवाई के लिए आने वाले मतदाताओं को असुविधा न हो। मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान केंद्रों पर भी सुनवाई की जा रही है। बूथ लेवल अधिकारी भी मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने में सहयोग कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि तार्किक विसंगति के लिए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि बीएलओ नोटिस को मतदाता या उसके संबंधी को देकर पावती व फोटो को अपलोड करेगा। संबंध का दस्तावेज और पिछले विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण का अंश व अपनी घोषणा बीएलओ एप पर अपलोड करेगा।
नए मतदाता बनने के लिए कुल 86.69 लाख आवेदन
सीईओ रिणवा ने बताया कि 27 अक्तूबर 2025 से 6 मार्च 2026 तक कुल 86,69,073 फॉर्म-6 प्राप्त हुए। इनमें पुरुषों की संख्या 43,06,364, महिलाओं की सख्या 43,62,323 और तृतीय लिंग की संख्या 386 है। 18 से 29 आयु वर्ग की संख्या 57,30,989 है।
मतदाता सूची से कटे कुल 44952 नाम
इसी तरह से 27 अक्तूबर से 6 मार्च तक कुल 318140 फॉर्म-7 प्राप्त हुए। इनमें पुरुषों की संख्या 186362, महिलाओं की संख्या 131766 और तृतीय लिंग की संख्या 12 है। 6 मार्च तक यूपी में कुल 44952 नाम काटे गए। इनमें से 27118 नाम स्थान परिवर्तन के कारण और 10014 नाम काटने के लिए खुद ही मतदाताओं ने आवेदन किये थे। दूसरे व्यक्तियों के आवेदन पर 1 हजार नाम अन्यत्र शिफ्ट होने और 932 पहले से कहीं और दर्ज होने के कारण हटाए गए।
संशोधन के लिए 22.55 लाख आवेदन
संशोधन के लिए कुल 2255473 फॉर्म-8 आए। इनमें पता परिवर्तन के लिए 156313, प्रविष्टियों में सुधार के लिए 2025611, इपिक प्रतिस्थापन के लिए 71536 और दिव्यांग मतदाताओं के चिह्नांकन के लिए 2013 आवेदन आए।
राजनीतिक दलों ने भरे कुल 1805 फॉर्म-7
उन्होंने बताया कि एसआईआर के अंतर्गत मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों की ओर से 582877 बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए गए। सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों की ओर से मिलकर कुल-40669 फार्म-6 और कुल 1805 फॉर्म 7 जमा किए गए। एसआईआर के तहत प्रदेश में चार चार विशेष अभियान दिवस रखे गए थे।
बीएलओ से मिली मदद में यूपी देश में दूसरे स्थान पर
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के उत्साह भरे परिणाम सामने आ रहे हैं। यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शनिवार को प्रेसवार्ता में बताया कि शिकायतों के निस्तारण में मतदाताओं की ओर से मिली रेटिंग में यूपी देश में पहले स्थान पर रहा। राष्ट्रीय शिकायत पोर्टल (एनजीएसपी) पर 27 अक्तूबर से 6 मार्च तक कुल 92497 शिकायतें प्राप्त हुईं। इसके सापेक्ष कुल 91790 (99.24 प्रतिशत) शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कर पूरे देश में चौथा स्थान प्राप्त किया। इसी तरह बुक ए कॉल विद बीएलओ सुविधा के अंतर्गत फरवरी में उत्तर प्रदेश को पूरे देश में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है।
राजनीतिक दलों से मिलीं 92 शिकायतें
रिणवा ने बताया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अवधि में विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों से कुल 92 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिसमें समाजवादी पार्टी से 78, भारतीय जनता पार्टी से 8, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से 5 और आम आदमी पार्टी से 1 शिकायत प्राप्त हुई। सभी शिकायतों का निस्तारण कराया जा चुका है।
4540 प्रवासी भारतीयों ने भरे फॉर्म
प्रवासी भारतियों ने मतदाता बनने के लिए 4540 फॉर्म-6ए भरे हैं। इसमें 3686 पुरुष व 854 महिलाएं हैं। ऐसे लोगों को मतदाता सूची में शामिल तो किया जाता है, लेकिन वोटर आईडी कार्ड नहीं बनता। यह अपने पासपोर्ट को दिखाकर वोट डालते हैं।
