सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Strangled daughter, assumed dead and committed suicide by jumping into Gomti river

Lucknow News: बेटी का गला दबाया, मरा समझकर गोमती में कूदकर दे दी जान

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 25 Jan 2026 01:51 AM IST
विज्ञापन
Strangled daughter, assumed dead and committed suicide by jumping into Gomti river
सत्येंद्र सिंह की फाइल फोटो।
विज्ञापन
लखनऊ। रहीमनगर में किराये के मकान में रहने वाले सत्येंद्र सिंह ने घरेलू कलह में बेटी की गला दबाकर हत्या करने की कोशिश की। उसे मरा समझकर शुक्रवार रात सत्येंद्र गोमती के किनारे पहुंचे और छलांग लगा दी। शनिवार सुबह उनका शव 1090 चौराहे के पास नदी में उतराता मिला। सिविल अस्पताल में भर्ती उनकी बेटी समृद्धि की हालत खतरे से बाहर है।
Trending Videos




विभूतिखंड स्थित निजी बैंक में पीआर मैनेजर सत्येंद्र मूल रूप से हरदोई स्थित फतेहपुर गाजी के रहने वाले थे। उनके पिता इंद्रपाल सिंह के मुताबिक बृहस्पतिवार को बेटे सत्येंद्र और बहू ज्योति में विवाद हुआ। झगड़े के बाद दोनों ने महानगर थाने में एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी। बाद में दोनों में समझौता कराया गया। इंद्रपाल ने बहू पर प्रेमी के साथ मिलकर बेटे की हत्या का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन




इंस्पेक्टर महानगर अखिलेश कुमार मिश्र ने बताया कि 1090 चौराहे पर शुक्रवार देर रात खड़ी बाइक देखकर गौतमपल्ली पुलिस ने छानबीन की। बाइक में रखे कागजात के आधार पर ज्योति से संपर्क किया गया। पूछताछ में उसने पूरी बात बताई। शनिवार सुबह मिले शव की पहचान ज्योति ने पति सत्येंद्र के रूप में की।



ज्योति एक एनजीओ के तहत संचालित संस्था में शिक्षिका की ट्रेनिंग कर रही हैं। उन्होंने बताया कि पति सत्येंद्र कई दिन से डिप्रेशन में थे। वह उन्हें नौकरी करने से मना कर रहे थे। इसे लेकर दोनों में बृहस्पतिवार रात विवाद हुआ था। सत्येंद्र ने ज्योति की पिटाई करने के साथ प्रेस से जला दिया।



ज्योति का आरोप है कि सत्येंद्र अक्सर मारपीट और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। शुक्रवार को ज्योति ने उनके खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत की। सत्येंद्र ने भी पत्नी की दूसरे व्यक्ति से नजदीकियों और जान का खतरा बताकर तहरीर दी थी।



परिजनों ने कराया था समझौता



विवाद की सूचना पाकर हरदोई से इंद्रपाल और गोंडा से ज्योति के परिजन लखनऊ पहुंचे और समझौता कराया। सुलह के बाद सत्येंद्र को मकान मालिक मानसिक रोगियों का इलाज करने वाले डॉक्टर के पास ले गए थे। परिजनों ने बताया कि सत्येंद्र ने दवा नाली में फेंक दी थी। खाना खाने के बाद ज्योति अलग कमरे में लेट गईं। सत्येंद्र बेटी समृद्धि के साथ अलग कमरे में सोने चले गए। ज्योति के मुताबिक शुक्रवार रात करीब तीन बजे बेटी के कराहने की आवाज सुनकर उनकी नींद खुल गई। वह कमरे में गईं तो समृद्धि बदहवास थी। सत्येंद्र के बारे में पूछा तो उसने रोते हुए बताया कि वह सो रही थी। इसी दौरान पिता ने उसके मुंह पर तकिया रखी और गला दबाकर मारने का प्रयास किया।



तुम्हें मारकर मैं भी मर जाऊंगा...



समृद्धि ने बताया कि गला दबाते हुए पापा बोल रहे थे कि तुम्हें मारकर मैं भी मर जाऊंगा। इसके बाद वह कमरे से तेजी से निकल गए। ज्योति के मुताबिक गंभीर हालत में उन्होंने बेटी को सिविल में भर्ती कराया। पोस्टमार्टम हाउस में ज्योति ने रोते हुए बताया कि सत्येंद्र बेटी को बहुत प्यार करते थे, पर उसका गला दबाते समय उनका हाथ नहीं कांपा। पोस्टमार्टम के बाद सत्येंद्र के परिजन शव लेकर चले गए। ज्योति का आरोप है कि उन्हें अंतिम दर्शन तक नहीं कराए गए। इंस्पेक्टर महानगर का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। अभी किसी पक्ष ने तहरीर नहीं दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed