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यूपी: 6.37 करोड़ रुपये के एलआईसी घोटाले का आरोपी अरेस्ट, CBI टीम ने लखनऊ मेट्रो स्टेशन से पकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Akash Dwivedi
Updated Wed, 01 Apr 2026 05:05 PM IST
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सार
एलआईसी घोटाले में फरार आरोपी को सीबीआई ने लखनऊ मेट्रो स्टेशन से गिरफ्तार किया। आरोप है कि फर्जी पॉलिसी और नकली चेक के जरिए करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की गई। पहले जमानत पर छूटकर फरार हो गया था, जिसे बाद में पकड़कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
CBI
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एलआईसी घाटाले मामले में फरार आरोपी समीर जोशी को लखनऊ के एक मेट्रो स्टेशन से गिरफ्तार किया है। अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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यह मामला 13 अगस्त 2012 का है। जिसे एलआईसी, लखनऊ से मिली शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था।
आरोप था कि आरोपियों ने फर्जी पॉलिसी धारकों के नाम पर नकली चेक बनाकर एलआईसी के फंड का दुरुपयोग किया। खातों में हेराफेरी कर फरवरी 2006 से अगस्त 2010 के बीच 6.37 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
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सीबीआई ने 21 अगस्त 2014 को समीर जोशी सहित 12 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। जांच में सामने आया कि समीर जोशी ने एलआईसी के तत्कालीन उच्च श्रेणी सहायक पंकज सक्सेना के साथ मिलकर अपनी पत्नी अंजू जोशी और कर्मचारी जितेंद्र कुमार के नाम पर लगभग 62 लाख रुपये के फर्जी चेक तैयार किए और राशि का गबन कर लिया। गिरफ्तारी के बाद समीर जोशी को जमानत मिल गई थी, लेकिन वह फरार हो गया। 24 दिसंबर 2025 को उसे भगोड़ा घोषित किया गया।