यूपी: एक के बाद एक झटकों से उबरे आकाश, परिपक्व होकर नए तेवर के साथ आए सामने; लंबी पारी खेलने के संकेत
Akash Anand:आकाश आनंद एक बार फिर से यूपी की राजनीति में प्रत्यक्ष रूप से सक्रिय हो गए हैं। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद वह नेपथ्य में चले गए थे।
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बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद शुरुआती सियासी झटकों के बाद अब परिपक्व नजर आने लगे हैं। हालांकि, उनके तेवर अभी भी बरकरार हैं। सोमवार को हाथरस के सादाबाद में जनसभा के जरिये उत्तर प्रदेश में उनकी करीब दो साल बाद दोबारा लॉन्चिंग हुई। भाषण में पार्टी सुप्रीमो मायावती की नसीहतों का असर साफ दिखाई दिया, वहीं युवाओं के बीच उनका आकर्षण भी बरकरार नजर आया। इस तरह आकाश ने अपनी दोबारा लॉन्चिंग के जरिये लंबी सियासी पारी खेलने के संकेत दिए।
दरअसल, पिछले दिनों बसपा में मची उठापटक का सबसे अधिक असर आकाश पर पड़ने की आशंका जताई जा रही थी। मायावती ने उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ को दूसरी बार पार्टी से बाहर कर दिया था। इस फैसले के बाद पारिवारिक कलह एक बार फिर सतह पर आ गई थी। इसके बावजूद आकाश ने इसका असर खुद पर नहीं आने दिया और पुराने तेवर में जनसभा को संबोधित किया।
उनके निशाने पर भाजपा और सपा के साथ कांग्रेस भी रही। युवाओं के प्रदर्शन का मुद्दा उठाकर उन्होंने विपक्षी दलों को आईना दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हालांकि, उन्होंने ऐसा कोई विवादास्पद बयान नहीं दिया, जिससे उनके सियासी रूप से परिपक्व होने का संकेत मिला।
सीतापुर के विवादित भाषण के बाद यूपी से हुए थे दूर
आकाश ने 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान सीतापुर में विवादित भाषण दिया था। इसके बाद मायावती ने उनसे उत्तर प्रदेश में प्रचार समेत कई जिम्मेदारियां वापस ले ली थीं। उन्हें पार्टी से बाहर करने के साथ ही उत्तराधिकारी के पद से भी हटा दिया गया था। इससे उनके सियासी सफर पर ग्रहण लगा लेकिन वह जल्द ही इससे उबर गए।
आकाश का सियासी सफर
- वर्ष 2019 में सहारनपुर के देवबंद की रैली में मायावती ने भाई आनंद कुमार के बेटे आकाश को मंच पर जगह देकर उनके सियासी सफर की शुरुआत की
- उन्हें लोकसभा चुनाव में पार्टी का स्टार प्रचारक और बाद में नेशनल कोआर्डिनेटर बनाया गया
- वर्ष 2023 में मायावती ने आकाश को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया और कई राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी
- वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में विवादित भाषण देने के बाद मायावती ने आकाश को अपरिपक्व बताते हुए पद से हटा दिया
- चुनाव के बाद आकाश की फिर वापसी हुई लेकिन यूपी और उत्तराखंड को छोड़ अन्य राज्यों में भेजा
- वर्ष 2025 में मायावती ने अचानक आकाश व उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर कर दिया
- चार माह बाद माफी मांगने पर मायावती ने दोनों को पार्टी में वापस लिया लेकिन यूपी की सियासत से दूर रखा
- इसके बाद आकाश को हरियाणा, दिल्ली, बिहार समेत कई राज्यों के चुनाव में भेजा गया लेकिन वह असफल रहे
- करीब दो साल के वनवास के बाद आकाश को सादाबाद में आयोजित जनसभा के जरिये दोबारा यूपी में लॉन्च किया गया