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UP : सीएम योगी बोले- आपदा प्रबंधन हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा होना चाहिए, मुख्यालय के नए भवन का किया लोकार्पण

Sun, 19 Jul 2026 12:58 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Sun, 19 Jul 2026 12:58 PM IST
सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नवीन मुख्यालय भवन का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रबंधन को लोगों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।

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UP: Chief Minister Yogi Adityanath inaugurated the new headquarters building of the State Disaster Management
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपदा के प्रति पहले से सतर्कता, तैयारी और जागरूकता जन-धन की हानि को न्यूनतम स्तर पर ला सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आपदा प्रबंधन हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा होना चाहिए। असामान्य आचरण से नुकसान बढ़ता है, जबकि थोड़ी सी अवेयरनेस बड़ी हानि को नियंत्रित कर सकती है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नवीन मुख्यालय भवन का लोकार्पण करने के बाद संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने हाल ही में खराब मौसम के कारण एक ही दिन में हुई 111 मौतों पर गहरा दुख और नाराजगी व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ सहित फतेहपुर, प्रयागराज, जौनपुर और आजमगढ़ जैसे कई जनपदों में अचानक बदले मौसम से ये मौतें हुईं, जिन्हें बेहतर समन्वय से रोका जा सकता था। उन्होंने अधिकारियों को आपदा से बचाव के लिए 'अर्ली वार्निंग सिस्टम' को तुरंत प्रभावी बनाने और आपसी कोऑर्डिनेशन के साथ काम करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
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सतर्कता, तैयारी व जागरूकता आपदा में जन-धन की हानि को न्यूनतम स्तर पर ला सकती है

सीएम ने कहा कि प्रायः आपदा व जनधन की व्यापक हानि के बाद हम लोग सक्रिय होते हैं औऱ संवेदना व्यक्त करते हैं लेकिन आपदा के प्रति पहले से सतर्कता, तैयारी व जागरूकता जनधन की हानि को न्यूनतम स्तर पर ला सकती है। दैनिक जीवन, स्कूली पाठ्यक्रम व परिवार में संवाद के जरिए इसके बचाव के बारे में बताने की आवश्यकता है। सीएम ने बचपन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय स्कूल व परिवारों में चर्चा होती थी कि आग, भूकंप, बाढ़ के दौरान क्या सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि इन घटनाओं में असामान्य आचरण नुकसान पहुंचाता है, लेकिन जागरूकता के जरिए इसे दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए तो जनधन की हानि को नियंत्रित किया जा सकता है। 

घटनाओं को नजरअंदाज करने की प्रवृत्ति खतरनाक 
मुख्यमंत्री ने घटनाओं को नजरअंदाज करने की प्रवृत्ति को खतरनाक बताया। उन्होंने प्रशिक्षण पर जोर देते हुए कहा कि 45 हजार होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है। जिन आपदा मित्रों को प्रशिक्षण दिया गया है, उन्हें इस भर्ती में प्राथमिकता देंगे। होमगार्ड को भी आपदा मित्र का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से दिया जाएगा। यह फर्स्ट रिस्पांडर हैं। सरकार इन्हें अच्छी सुविधा, मानदेय, पांच लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, घटना-दुर्घटना होने पर परिजनों को लगभग 35-40 लाख रुपये तथा मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपये अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराती है। सीएम ने उम्मीद जताई कि सुविधाएं बोझ नहीं बननी चाहिए, बल्कि अपनी सेवा का बेहतर उपयोग समाज के लिए करना चाहिए। 

सीएम ने आकाशीय बिजली से बचाव के तरीके भी बताए

मुख्यमंत्री ने कहा कि आकाशीय बिजली की घटना में भी जान बचाई जा सकती है। इसके लिए उन्होंने तकनीक पर जोर दिया, कहा कि इसका उपयोग करके डेढ़-दो घंटे पहले भी बता सकते हैं कि कि किस एरिया में आकाशीय बिजली गिरने वाली है। उन्होंने कहा कि 40 साल पहले तकनीक नहीं थी, फिर भी बताया जाता था कि बादल नजदीक हों और लगता हो कि आपस में घने व विशेष रंग के हैं तो सावधानी बरतने की आवश्यकता है। ऐसे में खुले स्थान या पेड़ के न खड़ा होना है और न ही लोहे या कोई धातु की वस्तु लेकर चलना है, बल्कि पक्के भवन के नीचे शरण लेनी है। 

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