UP: नोएडा घटना पर डीजीपी राजीव कृष्ण का पहला बयान, बोले- हालात सामान्य, भड़काने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी
राजीव कृष्ण ने नोएडा घटना पर कहा कि हालात सामान्य हैं और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, जिन पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस सोशल मीडिया पर नजर रख रही है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
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नोएडा में श्रमिकों के बवाल के बाद हरकत में आई पुलिस ने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर भड़काने वालों की तलाश तेज कर दी है। इस मामले में नोएडा पुलिस ने अब तक 7 एफआईआर दर्ज करने के साथ 300 से अधिक उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। शासन के निर्देश पर पूरे मामले की जांच कर रही एसटीएफ को दिल्ली के कुछ संगठनों की इसमें संलिप्तता के सुराग मिले हैं, जिनकी गहनता से जांच की जा रही है।
वहीं दूसरी ओर नोएडा में मंगलवार सुबह कुछ जगहों पर हिंसा भड़कने के बाद डीजीपी राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद और एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने पुलिस मुख्यालय के कंट्रोल रूप से स्थिति का जायजा लिया और नोएडा के अफसरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीजीपी ने कहा कि नोएडा में स्थिति अब सामान्य है। सभी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं जो लगातार श्रमिक संगठनों और उद्यमियों से संवाद कर रहे हैं। पुलिस सोशल मीडिया पर नजर रख रही है।
हर सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। शासन के निर्देश पर नोएडा भेजी गई हाईपावर कमेटी भी पूरी संवेदनशीलता के साथ बातचीत से मामले को सुलझा रही है। कमेटी ने श्रमिकों के हित में कई फैसले लिए हैं। अब तक की जांच में सामने आया है कि कुछ समूहों ने श्रमिकों को भड़काने की कोशिश की है।
इसके पुख्ता सुबूत जुटाए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह भड़काने वालों के बहकावे में न आएं। कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। फिलहाल आसपास के जिलों से नोएडा में अतिक्ति पुलिस बल भेजा गया है, जो कुछ दिनों तक तैनात रहेगा।
उच्चाधिकार प्राप्त समिति की सिफारिशों पर बढ़ी न्यूनतम मजदूरी
सरकार ने श्रमिकों व उद्यमियों से संवाद और औद्योगिक सौहार्द व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उच्चाधिकार प्राप्त समिति बनाई है। समिति के अध्यक्ष औद्योगिक विकास आयुक्त हैं। अपर मुख्य सचिव (एमएसएमई), प्रमुख सचिव (श्रम एवं सेवायोजन विभाग) और श्रमायुक्त कानपुर इसके सदस्य हैं।
आज औद्योगिक इकाइयां बंद
समिति में श्रमिक संगठनों के पांच प्रतिनिधि एवं उद्यमी संघों के तीन प्रतिनिधि भी सदस्य हैं। समिति ने नोएडा पहुंचते ही पहला निर्णय किया कि शांति व्यवस्था बनाने और स्थिति संभालने के मकसद से मंगलवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा की सभी औद्योगिक इकाइयां बंद रहेंगी।
दो घंटे में ही पूरे शहर में फैल हालात हुए बेकाबू गई आग
चार दिनों से सुलग रही वेतन बढ़ाने की मांग सोमवार को ज्वाला बन गई। सुबह करीब 9 बजे फेज-2 की मदरसन कंपनी से श्रमिकों का शुरू हुआ प्रदर्शन देखते-देखते हिंसक बन गया। यह आग करीब दो घंटे में पूरे शहर में फैल गई।
सड़क पर उतरे कामगारों ने सेक्टर-58, 59, 62, 63 और सेक्टर-84 की कंपनियों में तोड़फोड़ कर दी। इस बीच पुलिस ने कई स्थानों पर लाठीचार्ज किया। हालात पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इसके बावजूद प्रदर्शन जारी रहा।
दोपहर 2 बजे तक पुलिस के हटते ही श्रमिक टोलियों में सामने आकर प्रदर्शन करते रहे। आगजनी जारी रही। सीसीटीवी कैमरे और कांच तोड़ दिए गए। दो बजे के बाद मामला शांत होने लगा। कंपनियों के बाहर बड़ी तादाद में पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए।
