यूपी: जानिए प्रदेश में कितनी प्रभावी रहीं बीते वर्षों में केंद्रीय बजट में की गई घोषणाएं, ये काम हुए पूरे
Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026-26 आज प्रस्तुत हो रहा है। हम आपको बता रहे है कि बीते वर्ष यूपी के लिए जो घोषणाएं की गईं थीं उनमें कितना अमल हुआ है।
विस्तार
पिछले पांच वर्षों में केंद्रीय आम बजट में लखनऊ के लिए की गई कई महत्वपूर्ण घोषणाओं ने या तो धरातल पर उतरकर रफ्तार पकड़ी है, या फिर वे अब भी अधर में लटकी हैं। डिफेंस कॉरिडोर के तहत स्थापित लखनऊ इकाई से वर्ष 2025 में ब्रह्मोस मिसाइल की पहली खेप बनकर निकली। वहीं, लखनऊ को प्रदेश के प्रमुख शहरों से जोड़ने वाली सस्ती हवाई यात्रा की घोषणाएं अभी तक हकीकत नहीं बन पाई हैं।
राजधानी लखनऊ को बीते पांच वित्तीय वर्षों के दौरान केंद्रीय बजट में कई महत्वपूर्ण सौगातें देने की घोषणाएं की गई थीं। इनमें सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण भी शामिल था, जिसका कार्य प्रगति पर है। केंद्रीय बजट की घोषणाओं का सकारात्मक प्रभाव लखनऊ के रेल और सड़क यातायात पर तो स्पष्ट रूप से दिखाई दिया, लेकिन लखनऊ से अमेठी, सुल्तानपुर, फतेहपुर, प्रतापगढ़ और पलिया जैसे शहरों के बीच हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट बनाकर हवाई यात्राएं शुरू करने की योजनाएं अभी तक शुरू ही नहीं हो पाई हैं।
इंटरनेट के अभाव में स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर लैब का भविष्य अनिश्चित
सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा भी बजट का हिस्सा थी। इसके लिए अंडरलाइन तो बिछाई गई, लेकिन कनेक्शन स्थापित नहीं हो सके हैं। इस कारण न तो स्मार्ट क्लासरूम सुचारू रूप से चल पा रहे हैं और न ही कंप्यूटर लैब में प्रशिक्षण संभव हो पा रहा है। शिक्षक निजी वाई-फाई का उपयोग कर व्यवस्था चला रहे हैं।
एमएसएमई क्रेडिट कार्ड का लाभ अब तक नहीं मिला
पिछले वर्ष एक फरवरी को पेश किए गए केंद्रीय बजट में सरकार ने विनिर्माण क्षेत्र पर जोर देते हुए देशभर में 10 लाख सूक्ष्म उद्यमों के लिए 5 लाख रुपये तक के क्रेडिट कार्ड की घोषणा की थी। इसका मुख्य उद्देश्य उन उद्यमों को वित्तीय सहायता देना था, जिन्हें धन की कमी के कारण संचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इसके अतिरिक्त, निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक्सपोर्ट क्रेडिट कार्ड की भी घोषणा की गई थी। लखनऊ में 2.07 लाख से अधिक छोटे उद्यम पंजीकृत हैं, जिनमें से अधिकांश ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) उत्पाद, जैसे चिकनकारी, से जुड़े हैं। अकेले चिकनकारी उद्योग का ही 2000 करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक कारोबार है, जिसमें 300 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात बाजार शामिल है। इसके बावजूद, इन दोनों महत्वपूर्ण घोषणाओं का लाभ अब तक उद्यमियों तक नहीं पहुंच सका है। लखनऊ में प्रमुख रूप से चिकनकारी, फ्लोर मिल, प्लास्टिक, स्टील उत्पाद, केबल, इलेक्ट्रिक उपकरण, होम्योपैथ दवाएं और फैब्रिकेटिंग जैसे छोटे उद्योग संचालित होते हैं।
ब्रह्मोस प्लांट से लखनऊ को मिली रक्षा शक्ति
पिछले वर्ष मई में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डिफेंस कॉरिडोर स्थित ब्रह्मोस एयरोस्पेस इंटीग्रेशन एंड टेस्टिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया था। इसके साथ ही, पीटीसी ग्रुप के 50 एकड़ परिसर में टाइटेनियम और सुपर एलॉय की इकाई का उद्घाटन और सात अन्य परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया था। 2500 करोड़ रुपये के निवेश से लखनऊ में सेमीकंडक्टर निर्माण इकाई स्थापित करने की भी जानकारी दी गई थी। डीआरडीओ (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) से जुड़े कुछ नए प्रोजेक्ट भी पाइपलाइन में हैं, जिनके नए साल में शुरू होने की उम्मीद है।
किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसानों को मिला लाभ
किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत तीन लाख रुपये के बजाय पांच लाख रुपये तक के ऋण पर छूट देने की घोषणा का जिले के 15 हजार किसानों को सीधा लाभ मिला है। जिला कृषि अधिकारी तेग बहादुर सिंह के अनुसार, किसानों को उनकी जमीन के अनुसार कार्ड और ऋण की सीमा निर्धारित की जाती है। इस धनराशि का उपयोग किसान फसल, बीज, सिंचाई और अन्य कृषि संबंधी आवश्यकताओं के लिए करते हैं।
लखपति दीदी योजना की धीमी प्रगति
ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई लखपति दीदी योजना लखनऊ में अभी तक अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाई है। योजना के तहत, राजधानी के 10 हजार स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी लगभग 1.20 लाख महिलाओं में से 56 हजार को लखपति बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। हालांकि, अब तक केवल 16 हजार महिलाएं ही इस लक्ष्य को प्राप्त कर सकी हैं। जिला विकास अधिकारी अजीत कुमार का कहना है कि प्रशासन इस दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है।
अभी नहीं आई कोई पॉलिसी
बैंकों से संपर्क करने पर यही बताया गया कि कि उनके यहां ऐसी कोई पॉलिसी नहीं आई है। ऐसी योजनाओं से उद्यमियों में उत्साह आता है लेकिन धरातल पर न उतर पाने पर निराशा ही जन्म लेती है।- विकास खन्ना, चेयरमैन, आईआईए
वर्ष - 2025-26 में यह रही योजना स्थिति
ब्रह्मोस प्लांट- उद्धाटन होकर वर्ष 2025 में निर्माण शुरू
कैंसर की सस्ती दवाएं और डे केयर सेंटर- घोषणा के साथ ही सुविधा मिलनी शुरू
परिषदीय स्कूलों में हाईस्पीड इंटरनेट- अभी तक काम पूरा नहीं हुआ है। केबल पड़े हैं, लेकिन सुविधा नहीं मिल रही।
पांच लाख महिलाओं और एससी-एसटी महिलाओं को उद्यम ऋण- योजना का लाभ मिलना शुरू
स्टार्टअप योजना- लाभ मिलना शुरू
वर्ष 2024-25
अनुबंध पर इलेक्टि्रक बसें- अनुबंध पर संचालन जारी
गोमतीनगर से पुरी व कटरा के लिए ट्रेनें- गोमतीनगर से पुरी तक ट्रेन संचालन की तैयारी पूरी, लेकिन कटरा तक ट्रेन की स्थिति अस्पष्ट।
चारबाग रेलवे ट्रैक का विस्तार - काम चल रहा।
लखपति दीदी- लखनऊ में 1.50 लाख महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़ने का काम बाकी, लखपति बनने का सपना अभी अधूरा
वर्ष 2023-24
किफायती हवाई सेवा- 80 सीटर विमान के माध्यम से लखनऊ से पटना, देहरादून, जयपुर और प्रयागराज की सस्ती उड़ानें शुरू होनी थीं, लेकिन नई सेवाएं शुरू होने के बजाय कई पुरानी भी बंद हो गईं।
लखनऊ से वंदेभारत ट्रेन- शुरू हो गई।
डिफेंस कॉरिडोर- डिफेंस कॉरिडोर में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण के साथ ही डीआरडीओ लैब और कई अन्य काम जारी।
लखनऊ कानपुर एक्सप्रेस वे- कार्य प्रगति पर।
सीतापुर रोड स्थित भिठौली फ्लाईओवर- कार्य पूरा।
लखनऊ आउटर रिंग रोड- निर्माण पूरा, आवागमन जारी
वित्तीय वर्ष 2022-23
मानसिक सेहत के लिए केंद्र- केजीएमयू में केंद्र सरकार से वित्तपोषित सेंटर संचालित।
लखनवी चिकन और दशहरी की ब्रांडिंग- चारबाग रेलवे स्टेशन पर दोनों के लिए स्टॉल खुले।
वित्तीय वर्ष 2021-22
लखनऊ से जयपुर और उदयपुर की ट्रेन- संचालन जारी।
वायरोलॉजी लैब- कोरोना महामारी के समय केजीएमयू में वायरोलॉजी लैब का प्रस्ताव पास हुआ, लेकिन महामारी शांत होते ही प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया।
ऑर्गन ट्रांसप्लांट- केजीएमयू, पीजीआई समेत बड़े संस्थानों में प्रत्यारोपण की सुविधाएं बढ़ीं।
