UP: एक्सप्रेसवे हादसे में पांच मौतें, आगरा में ड्राइवर ने पी थी शराब, बिहार के थे बस में सवार ज्यादातर यात्री
Purvanchal Expressway accident: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे हादसे के पीछे की वजह सामने आ गई है। इसके पीछे ड्राइवर का शराब पीकर गाड़ी चलाने की वजह सामने आ रही है।
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डबल डेकर स्लीपर बस के चालक की लापरवाही ने पांच लोगों की जान ले ली। चालक के साथ परिचालक भी मौके से भाग निकला। घायल यात्रियों ने बताया कि रविवार शाम को चार बजे चालक बस लेकर निकला था। बस में पानीपत से भी कुछ यात्रियों को बिठाया गया था। बस में ज्यादातर बिहार और नेपाल के यात्री सवार थे। हादसे में घायल गौरव कुमार, ओमकार सिंह और रवींद्र कुमार ने बताया कि चालक ने आगरा में ढाबे पर बस रोकी थी। वहां उसने खाना खाने से पहले शराब पी थी। आरोप है कि आगरा से निकलने के बाद ही चालक लापरवाही से गाड़ी चला रहा था। कई यात्रियों ने उसे आराम से चलाने के लिए बोला, लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी। अत्यधिक नशे में होने के कारण चालक को झपकी आ गई और हादसा हो गया।
खून से सन गई थी सड़क, पुलिस ने धुलवाई
हादसे के बाद घटनास्थल पर चारों तरफ खून बिखरा था। एक्सप्रेसवे खून से सन गया था। पुलिस ने पास में चल रहे ट्यूबवेल से पानी लाकर सड़क को धुलवाया। बस को क्रेन की मदद से किनारे किया गया। घायलों ने बताया कि चालक के साथ परिचालक ने भी शराब पी थी। इसलिए दोनों हादसे के बाद भाग निकले।
एक्सप्रेसवे पर लगा जाम, वीडियो वायरल
बस दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर रफ्तार थम गई। वहां से गुजरने वाले लोगों ने वाहन रोक दिया और घायलों की मदद के लिए आगे बढ़े। इस दौरान लेन पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब आधे घंटे तक वहां जाम लग गया। बड़ी संख्या में एंबुलेंस भी मुख्य मार्ग से घायलों को लादकर अस्पताल जा रही थीं। आधे घंटे बाद जाम खुलवाकर पुलिस ने यातायात सामान्य करवाया। वहां से गुजर रहे लोगों ने हादसे के का वीडियो भी बनाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
होली पर जा रहे थे घर, मातम में बदली खुशियां
बस में सवार सभी 40 यात्री होली का पर्व मनाने के लिए छुट्टी लेकर अपने घर जा रहे थे। हालांकि, इससे पहले ही वे हादसे का शिकार हो गए। घायल सुलेखा, पूनम और काव्या ने बताया कि घर पर परिजन उनका इंतजार कर रहे हैं। सभी मंगलवार को घर पर होते। परिवार होली की तैयारी कर रहा था, लेकिन इससे पहले ही हादसा हो गया। लुधियाना में मुर्गी फॉर्म में काम करने वाली राधा रानी अपनी नातिन के साथ नेपाल घर जा रही थीं। उन्होंने बताया कि हादसे में वह और उनकी नातिन बाल-बाल बच गए।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर गोसाईंगंज के जौखंडी गांव के पास सोमवार शाम साढ़े चार बजे डबलडेकर स्लीपर बस (एचएआर 55 एएफ 1323) पलट गई। हादसे में पांच यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 31 गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को एपेक्स ट्रॉमा-2 में भर्ती कराया गया है। आरोप है कि बस चालक नशे में धुत था।
ऐसे हुई थी घटना, पांच की हुई थी मौतें
बस के पास मिली शराब की बोतलें
बृजेश ने बताया कि हादसे के कारण सभी बस में फंस गए। डर के कारण कुछ यात्रियों ने एक दूसरे के ऊपर से चढ़कर बस से निकलने की कोशिश की। ऐसे में लोगों को काफी चोटें आ गईं। किसी का सिर फट गया तो किसी के हाथ पैर टूट गए। पुलिस के पहुंचने पर बस सीधी हो सकी। बृजेश का कहना है कि जब वह किसी तरह बस से निकले तो उन्हें चालक की सीट के बाहर शराब की बोतलें भी पड़ी मिलीं।
एक पल के लिए लगा आज नहीं बचेगी जान, गर्भ से थी महिला
लुधियाना से आ रहीं नेपाल निवासी यात्री राधा देवी ने बताया कि बस लहराते हुए जब पलटी तो वह बुरी तरह से घबरा गई। उनका कहना था कि एक पल के लिए तो ऐसा लगा कि आज नहीं बचूंगी। हादसा तब और भयानक लगने लगा जब लोग बाहर निकलने के लिए किसी तरह से अपने जूतों से खिड़कियों के शीशों को तोड़ने लगे। इस दौरान अन्य यात्री भी चोटिल हो गए। राधा देवी ने यह भी कहा कि हादसे में जिस महिला की मौत हुई है वह गर्भवती थी।
क्षत विक्षत शव देख हो गई उल्टी
बृजेश के साथी डब्ल्यू ने बताया कि वह जब बस के बाहर निकले तो पास में पड़े क्षत विक्षत शव देखकर उनकी हालत बिगड़ गई। हर ओर खून ही खून था। उल्टी होने से लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। कुछ लोग तो बेहोश हो गए। पुलिस ने उन्हें किसी तरह से संभाला और अस्पताल पहुंचाया। वहीं, कुछ की हालत पानी पीने पर सामान्य हो गई थी।
रोते हुए मां और भाई को पुकार रही थी मासूम बच्ची
हादसे के दौरान घायलों को बस से निकाला गया। इस दौरान तीन साल की बस के भीतर से रोने की आवाज सुनाई दी। पुलिस ने बच्ची को बाहर निकाला। घायलों से बच्ची के बारे में बताया गया, लेकिन कोई भी उसके बारे में बता नहीं सका। घायलों को अस्पताल भेज दिया गया। इस दौरान बच्ची हादसे वाले स्थान पर मां और भाई की तलाश में बिलखने लगी।
नायब तहसीलदार शेव्या मिश्रा ने बच्ची को चिप्स और केला खिलाया। बच्ची को पानी पिलाकर शांत कराया। पूछताछ में बच्ची ने बताया कि वह मां और भाई के साथ जा रही थी। इसके अलावा वह कुछ नहीं बता सकी। पूछने पर उसने भाई का नाम गौरव बताया। छानबीन में पता चला कि मासूम की मां की हालत गंभीर है। यही नहीं, गौरव की भी हालत नाजुक है। पुलिस प्रशासन बच्ची की देखरेख कर रहा है।
