{"_id":"6a1edad34791c9be5305f168","slug":"up-gst-evasion-through-bogus-firms-two-wanted-accused-each-carrying-a-50-000-reward-arrested-had-defraude-2026-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: बोगस फर्में बनाकर जीएसटी चोरी, 50-50 हजार रुपये के दो इनामी पकड़े; करोड़ों का लगा चुके हैं चूना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: बोगस फर्में बनाकर जीएसटी चोरी, 50-50 हजार रुपये के दो इनामी पकड़े; करोड़ों का लगा चुके हैं चूना
डिजिटल डेस्क, लखनऊ
Published by: Akash Dwivedi
Updated Tue, 02 Jun 2026 07:00 PM IST
विज्ञापन
सार
विशेष कार्यबल ने फर्जी कंपनियां बनाकर करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले दो आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया। दोनों पर इनाम घोषित था। जांच में सामने आया कि वे नकली दस्तावेजों के जरिए फर्में पंजीकृत कर फर्जी बिल और ई-वे बिल बनाते थे, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
सौरभ और अजीत की फोटो।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
बोगस फर्में बनाकर करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों सौरभ अग्रवाल और अजीत कुमार को एसटीएफ ने सोमवार को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। दोनों की गिरफ्तारी पर कुशीनगर पुलिस ने 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। दोनों का हरिनगर थाना क्षेत्र के मोहल्ला क्लॉक टावर से पकड़ने के बाद स्थानीय थाने में दाखिल कराया गया है।
एसटीएफ के डिप्टी एसपी प्रमेश कुमार शुक्ला ने बताया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्मों का पंजीकरण कराकर फर्जी इनवाइसेज, ई-वे बिल काटकर वास्तविक फर्मों को इनपुट टैक्स क्रेडिट बेचने वालों के खिलाफ जीएसटी विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
इनकी जांच में सहयोग के लिए एसटीएफ को निर्देश मिला था। एसटीएफ ने जांच के बाद कुशीनगर के खलीलाबाद थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर 12 फरवरी को संदीप कुमार व अमन उपाध्याय को गिरफ्तार किया था, जबकि सौरभ अग्रवाल व अजीत कुमार सहित 4 आरोपी फरार हो गये थे।
दोनों के दिल्ली में होने की सूचना मिलने पर एसटीएफ की टीम भेजी गई थी। दोनों से पूछताछ में पता चला कि वह दिल्ली में एकाउंटेसी संबंधी कार्य करते हैं, जहां अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्में बनाते हैं। बाद में उनके जरिए जीएसटी की चोरी करते हैं। उन्होंने दिल्ली समेत कई जिलों में बोगस फर्में बनाई थीं।