य़ूपी में घोंघा बसंत: 'कुमार विश्वास' का 'ममता बनर्जी' के साथ हुआ गंधर्व विवाह!, 'मायावती' ने दिया नेग
Ghogha Basant Sammelan: रंगभारती संस्था का घाेंघा बसंत सम्मेलन बुधवार को गंधर्व विवाह, मूर्खरत्न सम्मान, रंगभारती सम्मान और हास्य कवि सम्मेलन को लेकर शहर में खूब चर्चा में रहा।
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65 वर्ष से लगातार हास्य की स्वस्थ परंपरा को जीवंतता देता रंगभारती संस्था का घाेंघा बसंत सम्मेलन बुधवार को गंधर्व विवाह, मूर्खरत्न सम्मान, रंगभारती सम्मान और हास्य कवि सम्मेलन को लेकर शहर में खूब चर्चा में रहा। इस दौरान मशहूर कवि कुमार विश्वास का पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ गंधर्व विवाह ने भी खूब वाहवाही लूटी। इस वर्ष का ढेंचू सम्मान एक बार फिर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दिया गया। वहीं नगर निगम और एलडीए को कुंभकर्ण सम्मान से नवाजा गया। उलटी गंगा बहाते हुए आयोजन के अंत में मूर्खिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में गधे ने समारोह का उद्घाटन किया।
घोंघा बसंत सम्मेलन में वरिष्ठ कलाकार पद्मा गिडवानी ने दीप-प्रज्ज्वलन के साथ सरस्वती-वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद मशहूर हास्य कलाकार राजेंद्र विश्वकर्मा हरिहर ने देवकीनंदन के साथ हास्य की फुलझड़ियों से हॉल में खूब ठहाके लगवाए। मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि 1961 से घाेंघा बसंत सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है जो देश का सबसे पुराने हास्य सम्मेलन है। उन्होंने कहा कि रंगभारती संस्था के अध्यक्ष श्याम कुमार ने जिस जीवटता के साथ 84 वर्ष की आयु में भी निर्बाध गति से आयोजनों की शृंखला जारी रखी है, वह समाज को बहुत बड़ा संदेश देती है।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पत्रकार श्याम कुमार जी ने साधनों का अभाव होते हुए भी तमाम ऐसे कार्यक्रमों, परंपराओं की नींव डाली, जो आज भी अपनी प्रांसगिकता बरकरार रखे हैं। रंगभारती के अध्यक्ष श्याम कुमार ने कहा कि आज की तनावभरी जिंदगी में हंसना और हंसाना बहुत जरूरी है, हास्य उत्सवों का उद्देश्य भी यही है। उन्होंने बताया कि 1961 में प्रयागराज से घोंघा बसंत सम्मेलन की शुरुआत की गई थी। इस अवसर पर समाजसेवी नम्रता पाठक, महंत देव्यागिरि और सुधीर हलवासिया समेत बड़ी संख्या में श्रोता, कवि, कलाकार और विशिष्टजन मौजूद रहे।
दूल्हे की पोशाक में नजर आए श्याम कुमार वरिष्ठ पत्रकार श्याम कुमार ने दूल्हे के गेटअप में आकर दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर दिया। वे अपने कमांडो और डुगडुगी वादकों के साथ मंच पर पहुंचे तो वरिष्ठ हास्य कलाकार राजेंद्र विश्वकर्मा ने उनका इटली के जूतों से बनी माला से स्वागत किया।
सूर्यकुमार पांडेय को बेढब बनारसी रंगभारती सम्मान
समारोह में वरिष्ठ हास्य कवि सूर्यकुमार पांडेय और सांड़ बनारसी को बेढब बनारसी रंगभारती सम्मान से नवाजा गया। अस्वस्थ होने के कारण सांड़ बनारसी समारोह में नहीं आ सके। कवि समीर शुक्ल को रमई काका सम्मान से नवाजा गया।
इन्हें मिला मूर्खरत्न का राष्ट्रीय शिखर सम्मान
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह।
इन्हें मिला कुंभकर्ण सम्मान
लखनऊ नगर निगम का अतिक्रमण उन्मूलन प्रभाग, लखनऊ विकास प्राधिकरण, बिजली विभाग, वन विभाग और मुख्यमंत्री पोर्टल।
इनका हुआ गंधर्व विवाह
कवि कुमार विश्वास संग ममता बनर्जी, उप मुख्यमंत्री का कंगना रनौत, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन का महबूबा मुफ्ती, श्याम कुमार का माधुरी दीक्षित और कवि अमित अनपढ़ का करीना कपूर के साथ। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की ओर से प्रत्येक जोड़े को 11-11 रुपये का नेग दिया गया।
बदन होता है बूढ़ा, दिल कभी बूढ़ा नहीं होता...
हास्य कवि सम्मेलन के दौरान वरिष्ठ हास्य कवि सूर्यकुमार पांडेय की पंक्तियों पर खूब ठहाके लगे। उन्होंने पढ़ा- बदन होता है बूढ़ा, दिल कभी बूढ़ा नहीं होता, पुराना कुकर क्या सीटी बजाना छोड़ देता है। डंडा बनारसी ने सुनाया- रोज सरहद से दिखाते थे वो हथियार मुझे, एक दिन मैंने दिखाया तो बुरा मान गए। डॉ. ताराचंद तनहा ने सुनाया- गोरी तेरे होंठ यूं ज्यों फागुन के छंद, जाने किसके नाम है निविदा मोहरबंद। विनोद सिंह कलहंस, अरविंद झा, अमित अनपढ़, कमलेश मौर्य मृदु, समीर शुक्ल, राज बनारसी, नर कंकाल और श्याम कुमार ने भी अपनी रचनाओं से श्रोताओं को खूब हंसाया।