UP: कानपुर किडनी कांड में नया खुलासा, डोनर-रिसीवर लखनऊ रेफर, डॉक्टरों ने तोड़े ट्रांसप्लांट के सारे मानक
कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट कांड में डोनर और रिसीवर को लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान रेफर किया गया। ट्रांसप्लांट गैरकानूनी तरीके से हुआ, एचएलए एंटीजन और इम्युनोलॉजिकल जांच नहीं हुई। कानपुर के अस्पताल को सील किया गया। मामले में साइबर अपराधियों से जुड़ाव और नर्सिंगहोम पर कड़ी पुलिस कार्रवाई की तैयारी है।
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डॉक्टरों ने गैर कानूनी तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट तो किया ही सारे मानकों और चिकित्सा नैतिकता की भी हत्या कर दी। ट्रांसप्लांट के पहले डोनर और रोगी दोनों की इम्युनोलॉजिकल जांचें नहीं कराई गई। ट्रांसप्लांट के पहले सबसे जरूरी एचएलए एंटीजन की भी जांच नहीं हुई।
कानपुर किडनी ट्रांसप्लांट मामले में डोनर और रिसीवर को लखनऊ रेफर कर दिया गया है। दोनों को बृहस्पतिवार को गोमतीनगर स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया। नेफ्रोलॉजी विभाग में दोनों की देखरेख की जा रजा रही है।
संस्थान के प्रवक्ता प्रो. भुवन चंद्र तिवारी ने बताया कि किडनी दान करने वाले युवक की उम्र पच्चीस वर्ष है। वहीं, किडनी प्राप्त करने वाली महिला की उम्र पैंतालीस वर्ष है।
कानपुर में अस्पतालों को किया गया सील
कानपुर में किडनी रैकेट का खुलासा होने के बाद अस्पताल को सील किया गया था। इसके बाद दोनों को उचित देखभाल के लिए कानपुर के हैलेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों को ऐसे अस्पताल की जरूरत थी, जहां पर किडनी प्रत्यारोपण हो रहा हो।
इसको देखते हुए डॉक्टरों की सलाह पर दोनों को लोहिया संस्थान में डॉ. अभिलाष चंद्रा की देखरेख में भर्ती कराया गया है। इस दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।
लखनऊ पहुंचने के बाद, लोहिया अस्पताल में तत्काल उनकी जांच की गई। डॉक्टरों की टीम अब उनकी स्वास्थ्य स्थिति का गहन मूल्यांकन कर रही है।
साइबर अपराधियों से जुड़ रहे ट्रांसप्लांट करने वालों के तार
कानपुर शहर में किडनी ट्रांसप्लांट करने वालों के तार साइबर अपराधियों से जुड़ रहे हैं। पुलिस को बिहार के बेगुसराय निवासी डोनर आयुष से पूछताछ में इसके सुबूत मिले हैं। उसने अली नाम के युवक की जानकारी दी है। वह एक टेलीग्राम ग्रुप संचालित कर रहा था।
नर्सिंगहोम को रखना होगा 60 दिन के सीसीटीवी कैमरे का बैकअप
किडनी ट्रांसप्लांट का मामला सामने आने के बाद से कमिश्नरी पुलिस सतर्क हो गई है। नर्सिंगहोम और निजी अस्पतालों में आए दिन मारपीट, विवाद और आरोप प्रत्यारोप की घटनाओं को देखते हुए उनके लिए दिशानिर्देश जारी किया जा रहा है।
थानेदार क्षेत्र के नर्सिंगहोम को जारी करेंगे नोटिस
थानेदार अपने क्षेत्रों के नर्सिंगहोम को नोटिस जारी करेंगे। नोटिस में बताए गए दिशा निर्देशों को न मानने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि नर्सिंगहोम में आए दिन मरीज की मौत पर गलत इलाज और दवा देने का आरोप लगता है।