Hindi News
›
Video
›
Uttar Pradesh
›
Lucknow News
›
बी.एस.एन.वी. पीजी कॉलेज में संगोष्ठी: प्रो. सिद्धार्थ सिंह बोले- कविता अपने उच्चतम स्तर पर ‘मंत्र’ बन जाती है
{"_id":"69d3733b7556aa71e20cc7fb","slug":"video-besaenava-paja-kalja-ma-sagashhatha-para-sathathharatha-saha-bl-kavata-apana-ucacatama-satara-para-matara-bna-jata-ha-2026-04-06","type":"video","status":"publish","title_hn":"बी.एस.एन.वी. पीजी कॉलेज में संगोष्ठी: प्रो. सिद्धार्थ सिंह बोले- कविता अपने उच्चतम स्तर पर ‘मंत्र’ बन जाती है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बी.एस.एन.वी. पीजी कॉलेज में संगोष्ठी: प्रो. सिद्धार्थ सिंह बोले- कविता अपने उच्चतम स्तर पर ‘मंत्र’ बन जाती है
लखनऊ के बी.एस.एन.वी. पीजी कॉलेज के अंग्रेजी विभाग द्वारा आयोजित संगोष्ठी में वक्ता प्रोफेसर सिद्धार्थ सिंह ने कविता की गहराई और उसके दार्शनिक पक्ष पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कविता केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि अपने उच्चतम स्तर पर ‘मंत्र’ का रूप ले लेती है।
प्रो. सिंह ने मिर्जा गालिब और दांते जैसे महान कवियों का उदाहरण देते हुए बताया कि सच्ची कविता अस्तित्व की गहरी दार्शनिक अभिव्यक्ति होती है। यह मनुष्य को उसके भीतर के सत्य और अनुभूति से जोड़ती है।
भारतीय परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कविता ‘परमानंद’ और ईश्वर के आनंद को प्राप्त करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने तुलसीदास की ‘रामचरितमानस’ का उदाहरण देते हुए कहा कि अवधी भाषा में रचित होने के बावजूद यह एक पवित्र ग्रंथ के रूप में स्थापित हुई।
उन्होंने यह भी कहा कि विश्व की महान कविताएं अपनी स्थानीय भाषाओं में होते हुए भी सार्वभौमिक दर्शन प्रस्तुत करती हैं। अंत में उन्होंने कविता को एक रहस्यमयी और आध्यात्मिक अनुभवों की यात्रा बताते हुए उसके महत्व को रेखांकित किया।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।