सीहोर जिले का मंडी क्षेत्र रविवार को अचानक उबाल पर आ गया, जब लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ नागरिकों और व्यापारियों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया। हालात इतने बिगड़े कि सीहोर-श्यामपुर मार्ग पर घंटों तक यातायात ठप रहा। लोगों का गुस्सा साफ था कि अब सहनशक्ति जवाब दे चुकी है और बिजली कंपनी की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी।
रविवार को मंडी क्षेत्र में 6 घंटे से ज्यादा बिजली गुल रही। सुबह 7:00 बजे से ही बिजली दो फिर 2:00 बजे के बाद ही आई। यह कटौती बिना किसी पूर्व सूचना के की गई, जिससे लोग दिनभर उमस और गर्मी में तड़पते रहे। घरों में पंखे बंद, पानी की सप्लाई प्रभावित और व्यापार पूरी तरह चौपट। इन हालातों ने जनता को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया।
चक्काजाम कर दिया संदेश... अब नहीं सहेंगे अत्याचार
गुस्साए नागरिकों और व्यापारियों ने सीहोर-श्यामपुर मार्ग पर चक्काजाम कर बिजली कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बिजली कटौती अब एक “नीति” बन चुकी है। दिन में 8 से 10 बार बिजली जाना आम बात हो गई है, जिससे हर वर्ग त्रस्त है। स्थानीय लोगों ने बिजली कंपनी पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बिल वसूली के समय कंपनी बेहद सख्त रहती है, लेकिन सुविधा देने के नाम पर पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।
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व्यवसायी लालू शाह ने तीखे शब्दों में कहा कि “बिजली कटौती ने व्यापार की कमर तोड़ दी है, ग्राहक आते हैं लेकिन अंधेरे में लौट जाते हैं।” पूर्व पार्षद राम प्रकाश चौधरी ने बताया कि कई बार बिजली विभाग को शिकायत दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों की लापरवाही ने जनता के गुस्से को और भड़का दिया है। अरविंद साहू का कहना है कि यह सिर्फ एक वर्ग की समस्या नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की पीड़ा बन चुकी है।
नया सब-स्टेशन भी बना दिखावा, राहत नहीं मिली
सबसे बड़ा सवाल उस नए 33/11 केवी सब-स्टेशन पर उठ रहा है, जिसका लोकार्पण हाल ही में किया गया था। 26 मार्च को प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर ने करीब 2 करोड़ 79 लाख रुपए की लागत से इस सब-स्टेशन का उद्घाटन किया था। दावा किया गया था कि इससे क्षेत्र को निर्बाध बिजली मिलेगी और गर्मी में राहत मिलेगी। लेकिन हकीकत इसके उलट निकली।कटौती कम होने के बजाय और बढ़ गई। इससे लोगों में यह भावना गहराने लगी है कि योजनाएं सिर्फ कागजों और मंचों तक सीमित हैं।
व्यापार पर पड़ा सीधा असर, नुकसान बढ़ता गया
मंडी क्षेत्र में बिजली कटौती का सबसे ज्यादा असर व्यापारियों पर पड़ा है। दुकानों में अंधेरा, मशीनें बंद और ग्राहक गायब हैं। इन हालातों ने कारोबार को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई व्यापारियों का कहना है कि रोजाना हजारों रुपए का नुकसान हो रहा है, लेकिन बिजली कंपनी को इसकी कोई परवाह नहीं है। लगातार हो रही कटौती और शिकायतों की अनदेखी ने प्रशासन और बिजली कंपनी दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। लोगों का साफ कहना है कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र हो सकता है। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि बिजली आपूर्ति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।