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यूपी: परिवहन निगम में ड्राइवर-कंडक्टर बनने का मौका, 6500 पदों पर होंगी भर्तियां; बढ़ाई जाएंगी बसें भी

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 11 Mar 2026 05:47 PM IST
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सार

UP Transport Corporation: यूपी परिवहन निगम की बसों में ड्राइवर और कंडक्टर बनने का मौका मिलने जा रहा है। परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह ने इस बारे में जानकारी दी। 

UP: Opportunity to become a driver-conductor in the Transport Corporation, recruitment will be done for 6500 p
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम। - फोटो : amar ujala
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विस्तार

यदि आप यूपी परिवहन निगम की बसों में चालक और परिचालक बनना चाह रहे हैं तो यह आपके आप की खबर है।  परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने कहा कि इस माह के अंत तक 3060 चालकों एवं 3614 परिचालकों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। भर्ती की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। 

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चालकों की भर्ती संविदा पर, जबकि परिचालकों की भर्ती आउटसोर्सिंग से होगी। इससे बसों के संचालन में और सुधार होगा। इससे यात्रियों को राहत मिलेगी। वह परिवहन निगम मुख्यालय के सभागार कक्ष में परिवहन निगम के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में बसों के संचालन में एवं आय में कमी की शिकायत पाई जाए, वहां के क्षेत्रीय प्रबंधक, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई करें। बसों की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।

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यूपी के हर गांव में पहुंचेंगी बसें

कैबिनेट ने प्रदेश की बची 12200 ग्राम सभाओं तक बस सेवा पहुंचाने का फैसला लिया। इन बसों को परमिट व टैक्स से मुक्त रखा गया है। इन बसों का संचालन मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 के तहत होगा। इस तरह प्रदेश के हर गांव तक बस पहुंचेगी। पंचायत चुनाव से पहले कैबिनेट ने इस योजना के जरिये ग्रामीणों को तोहफा दिया है।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि अब तक इन ग्राम सभाओं तक बसें नहीं पहुंच रही थीं, लेकिन अब सभी ग्राम सभाओं तक बसें पहुंचेंगी। इन बसों को चलाने की अनुमति निजी लोगों को मिलेगी। इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनेगी। इसमें सीडीओ, एसपी, एआरटीओ, एआरएम सदस्य होंगे। ये बसें रात में गांव में ही रुकेंगी। सुबह ब्लॉक व तहसील होते हुए सुबह 10 बजे तक जिला मुख्यालय तक पहुंचेंगी।

उन्होंने बताया कि करीब 5000 गांवों में ऐसी सड़कें हैं जहां बड़ी बसों को मोड़ने में दिक्कत होगी। लिहाजा इन गांवों में छोटी बसें चलाई जाएंगी। सुबह 10 से शाम चार बजे तक इन बसों को डायवर्ट किया जाएगा। इसके बाद ये बसें दूरी के हिसाब से अधिकतम शाम 8 बजे तक गांव में पहुंच जाएंगी। इन बसों के ड्राइवर, कंडक्टर व क्लीनर आसपास गांव के ही होंगे, जिससे रात में गांव में रुकने और सुबह आने में उन्हें परेशानी न हो। इन बसों की औसत आयु 15 वर्ष रहेगी, लेकिन पहले 10 साल के लिए ही इन्हें परिचालन की इजाजत दी जाएगी।

कमेटी तय करेगी किराया
परिवहन मंत्री ने बताया कि कमेटी स्थानीय स्तर पर किराया तय करेगी। इसका टिकट भी सस्ता रहेगा। योजना के तहत प्रत्येक आवेदक (जिस ब्लॉक के लिए उसने आवेदन किया है) को समस्त ग्राम पंचायत एवं रूट पर अपने विवेकानुसार वाहन संचालन तथा फेरों की संख्या का अधिकार होगा। बस संचालक ब्लॉक की प्रत्येक ग्राम पंचायत को प्रतिदिन कम से कम दो बार वाहन सेवा देगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए आवेदन की स्क्रीनिंग 15 दिन में होगी। मंजूरी के बाद आवेदक को 15 दिन में वाहन उपलब्ध कराने होंगे। पूरी प्रक्रिया 45 दिनों में पूरी होगी। आवेदनों का परीक्षण एवं चयन कमेटी करेगी। कमेटी सेवा प्रदाताओं का चयन कर मार्ग निर्धारण को अंतिम रूप देगी। योजना के क्रियान्वयन एवं निगरानी का दायित्व क्षेत्रीय प्रबंधकों का होगा, जो नियमित रूप से (न्यूनतम मासिक) आयुक्त को प्रगति से बताएंगे।

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