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UP: हथियार निर्माण का नया पावर हाउस बना यूपी, पिस्टल-रिवॉल्वर बनाने में सबसे आगे; ये जिले भी बना रहे पहचान

Fri, 17 Jul 2026 08:15 AM IST
Bhupendra Singh अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Fri, 17 Jul 2026 08:15 AM IST
सार

पिस्टल-रिवॉल्वर बनाने में यूपी देश भर में नंबर वन है। पिस्टल-रिवॉल्वर के निर्माण में देश में सर्वाधिक निवेश उत्तर प्रदेश में हुआ। कानपुर के बाद हरदोई, अलीगढ़ व झांसी जैसे जिले भी अपनी पहचान बना रहे हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर...

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UP ranks first nationwide in manufacture of pistols and revolvers
आयुध निर्माणी कानपुर - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास के साथ छोटे हथियारों के निर्माण का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। राज्य में रक्षा क्षेत्र में करीब 29 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें पिस्टल, रिवॉल्वर और अन्य स्मॉल आर्म्स बनाने वाली कई निजी कंपनियां उत्पादन शुरू कर चुकी हैं या परियोजनाओं पर काम कर रही हैं। 

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पहले जहां छोटे हथियारों का निर्माण मुख्य रूप से कानपुर की सरकारी इकाइयों तक सीमित था, वहीं अब हरदोई, अलीगढ़ और झांसी जैसे जिले भी इस क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं। इससे यूपी में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों का सबसे बड़ा स्मॉल आर्म्स क्लस्टर विकसित हो गया है जबकि तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल में मुख्यतः सरकारी हथियार इकाइयां हैं।

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सबसे बड़ा उभरता हुआ केंद्र बना यूपी

उत्तर प्रदेश अब छोटे हथियार यानी पिस्तौल, रिवॉल्वर और कार्बाइन निर्माण का सबसे बड़ा उभरता हुआ केंद्र बन चुका है। सरकारी निवेश, स्थापित इकाइयों और चल रहे उत्पादन के आधार पर उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में सबसे आगे है। पहले यूपी में रिवॉल्वर केवल कानपुर की स्माल आर्म्स फैक्टरी और फील्ड गन फैक्टरी में बनती थी, जिनकी धूम थी। 

वक्त बदलने के साथ तकनीकी बदली और औद्योगिक विकास योजनाओं ने इस सेक्टर की तस्वीर ही बदल दी है। इसकी शुरुआत दुनिया की नंबर एक रिवॉल्वर-पिस्टल बनाने वाली कंपनी वेबले एंड स्काट से हुई, जब कंपनी ने स्याल एंड कंपनी के साथ संयुक्त रूप से पहली बार इंग्लैंड से बाहर सीधे यूपी में अपनी इकाई लगाई।

यूपी में वेबले मेड इन इंडिया हो गई और इसी के साथ यहां रिवॉल्वर और पिस्टल बनाने वाली कई कंपनियों ने कदम रख दिए हैं। इस समय इन दोनों ही हथियारों के निर्माण में सबसे ज्यादा निवेश देशभर में यूपी में सबसे ज्यादा हुआ है।

यूपी में सरकारी क्षेत्र में निर्माण इकाइयां

कानपुर में स्मॉल आर्म्स फैक्टरी और एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड पहले से सेना और सुरक्षा बलों के लिए पिस्टल व अन्य छोटे हथियार बना रही हैं। उत्तर प्रदेश में कुल 7 आयुध कारखाने, 4 एचएएल इकाइयां और 2 स्मॉल आर्म्स/फील्ड गन फैक्ट्रियां मौजूद हैं, जिससे राज्य को मजबूत औद्योगिक आधार मिला है। अलीगढ़ और झांसी विशेष रूप से स्मॉल आर्म्स क्लस्टर के रूप में विकसित हो रहे हैं, जबकि कानपुर सरकारी उत्पादन का प्रमुख केंद्र है।

यूपी में प्रमुख स्मॉल आर्म्स इकाइयां

  • वेबले एंड स्कॉट इंडिया (हरदोई) – .32 बोर रिवॉल्वर और पिस्टल का निर्माण।
  • वेरीविन डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड (अलीगढ़) – 65 करोड़ निवेश, स्मॉल आर्म्स का उत्पादन शुरू।
  • शान आर्म्स इंडस्ट्रीज (झांसी) – लगभग 100 करोड़ निवेश
  • सेकिंग्टन इंडस्ट्रीज (झांसी) – लगभग 120 करोड़ निवेश।
  • डेल्टा कॉम्बैट सिस्टम्स (झांसी) – लगभग 150 करोड़ निवेश, छोटे हथियार और कारतूस निर्माण।

अन्य राज्यों में रक्षा उत्पादन का फोकस

  • तमिलनाडु : डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत एयरोस्पेस, मिसाइल और उन्नत रक्षा प्रणालियां।
  • मध्य प्रदेश – जबलपुर आयुध निर्माणी, सरकारी हथियार निर्माण।
  • पश्चिम बंगाल – इशापुर राइफल फैक्टरी।
  • तेलंगाना – निजी रक्षा उद्योग लेकिन मुख्य रूप से मिसाइल, ड्रोन और एयरोस्पेस।
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