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MP Weather Today: एमपी में बारिश की वापसी, अगले चार दिन बरसेंगे बादल, आज 15 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी
Wed, 22 Jul 2026 07:13 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Wed, 22 Jul 2026 07:13 AM IST
सार
मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। पिछले 36 घंटे में 35 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई है। मौसम विभाग ने अगले चार दिन तेज बारिश का अनुमान जताते हुए 15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बारिश से प्रदेश का वर्षा घाटा 17% से घटकर 14% रह गया है।
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश में कई दिनों की सुस्ती के बाद मानसून ने फिर जोर पकड़ लिया है। पिछले करीब 36 घंटों से प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिन तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा का सिलसिला जारी रहेगा।
बुधवार को शिवपुरी, गुना, सागर, डिंडौरी समेत 15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित कई जिलों में भी अच्छी बारिश होने की संभावना है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा बरसेंगे बादल
मौसम विभाग ने शिवपुरी, गुना, सागर और डिंडौरी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है। इसके अलावा श्योपुर, अशोकनगर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, धार और बड़वानी में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, इंदौर, देवास, खंडवा, खरगोन, जबलपुर, रीवा, सतना, सीधी, शहडोल, उमरिया समेत कई जिलों में रुक-रुक कर तेज और हल्की बारिश का दौर बना रहेगा।
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एक दिन की बारिश से सुधरी प्रदेश की स्थिति
लगातार बारिश का असर प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर भी दिखा है। सोमवार तक जहां प्रदेश में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज थी, वहीं मंगलवार तक यह अंतर घटकर 14 प्रतिशत रह गया। अब तक प्रदेश में औसतन 286.8 मिलीमीटर (11.3 इंच) बारिश हुई है, जबकि इस समय तक 335.3 मिलीमीटर (13.2 इंच) बारिश होना सामान्य माना जाता है। पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा अभी भी सामान्य से 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 11 प्रतिशत कम बनी हुई है।
41 जिलों में अब भी बारिश की कमी
हालांकि ताजा बारिश के बावजूद प्रदेश के 41 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के लगभग सभी जिले अभी भी वर्षा की कमी से जूझ रहे हैं। दूसरी ओर भोपाल, इंदौर, सीहोर, देवास, हरदा, उज्जैन, राजगढ़, नीमच, खंडवा और खरगोन सहित 14 जिलों में बारिश का प्रदर्शन सामान्य से बेहतर रहा है।
देवास सबसे आगे, आलीराजपुर सबसे पीछे
प्रदेश में अब तक सबसे ज्यादा बारिश देवास जिले में हुई है। यहां सामान्य से करीब 51 प्रतिशत अधिक यानी लगभग 18.4 इंच वर्षा दर्ज की गई है। भोपाल में 14.5 इंच, इंदौर और सीहोर में करीब 14 इंच तथा हरदा में 15.4 इंच बारिश हो चुकी है। इसके विपरीत आलीराजपुर में अब तक करीब 2 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से लगभग 78 प्रतिशत कम है।
यह भी पढ़ें-विधानसभा में फायर सेफ्टी कानून पास, कैलाश विजयवर्गीय बोले- जन-धन की हानि होगी कम
कृषि के लिए राहत, शहरों में बढ़ सकती हैं मुश्किलें
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने और सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इससे जलाशयों और खरीफ फसलों को फायदा मिलेगा, लेकिन शहरों में जलभराव और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
यह भी पढ़ें-विधानसभा के दूसरे दिन यूसीसी पर कांग्रेस का हल्ला बोल, सांकेतिक शव रखकर किया प्रदर्शन
जुलाई अभी भी तय करेगा पूरे मानसून की तस्वीर
मौसम विभाग के अनुसार जून में बारिश सामान्य से कम रही थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी वर्षा से स्थिति सुधरी, लेकिन बीच में करीब नौ दिन बारिश कमजोर पड़ने से फिर घाटा बढ़ गया। अब सक्रिय मानसून से वर्षा का अंतर कम होने की उम्मीद है। प्रदेश में पूरे मानसून के दौरान औसतन 37.3 इंच बारिश होती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में सामान्य वर्षा लगभग 38 से 39 इंच रहती है, जिसमें सबसे बड़ा योगदान जुलाई महीने का होता है।
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बुधवार को शिवपुरी, गुना, सागर, डिंडौरी समेत 15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित कई जिलों में भी अच्छी बारिश होने की संभावना है।
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इन जिलों में सबसे ज्यादा बरसेंगे बादल
मौसम विभाग ने शिवपुरी, गुना, सागर और डिंडौरी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है। इसके अलावा श्योपुर, अशोकनगर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, धार और बड़वानी में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, इंदौर, देवास, खंडवा, खरगोन, जबलपुर, रीवा, सतना, सीधी, शहडोल, उमरिया समेत कई जिलों में रुक-रुक कर तेज और हल्की बारिश का दौर बना रहेगा।
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एक दिन की बारिश से सुधरी प्रदेश की स्थिति
लगातार बारिश का असर प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर भी दिखा है। सोमवार तक जहां प्रदेश में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज थी, वहीं मंगलवार तक यह अंतर घटकर 14 प्रतिशत रह गया। अब तक प्रदेश में औसतन 286.8 मिलीमीटर (11.3 इंच) बारिश हुई है, जबकि इस समय तक 335.3 मिलीमीटर (13.2 इंच) बारिश होना सामान्य माना जाता है। पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा अभी भी सामान्य से 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 11 प्रतिशत कम बनी हुई है।
41 जिलों में अब भी बारिश की कमी
हालांकि ताजा बारिश के बावजूद प्रदेश के 41 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के लगभग सभी जिले अभी भी वर्षा की कमी से जूझ रहे हैं। दूसरी ओर भोपाल, इंदौर, सीहोर, देवास, हरदा, उज्जैन, राजगढ़, नीमच, खंडवा और खरगोन सहित 14 जिलों में बारिश का प्रदर्शन सामान्य से बेहतर रहा है।
देवास सबसे आगे, आलीराजपुर सबसे पीछे
प्रदेश में अब तक सबसे ज्यादा बारिश देवास जिले में हुई है। यहां सामान्य से करीब 51 प्रतिशत अधिक यानी लगभग 18.4 इंच वर्षा दर्ज की गई है। भोपाल में 14.5 इंच, इंदौर और सीहोर में करीब 14 इंच तथा हरदा में 15.4 इंच बारिश हो चुकी है। इसके विपरीत आलीराजपुर में अब तक करीब 2 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से लगभग 78 प्रतिशत कम है।
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कृषि के लिए राहत, शहरों में बढ़ सकती हैं मुश्किलें
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने और सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इससे जलाशयों और खरीफ फसलों को फायदा मिलेगा, लेकिन शहरों में जलभराव और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
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जुलाई अभी भी तय करेगा पूरे मानसून की तस्वीर
मौसम विभाग के अनुसार जून में बारिश सामान्य से कम रही थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी वर्षा से स्थिति सुधरी, लेकिन बीच में करीब नौ दिन बारिश कमजोर पड़ने से फिर घाटा बढ़ गया। अब सक्रिय मानसून से वर्षा का अंतर कम होने की उम्मीद है। प्रदेश में पूरे मानसून के दौरान औसतन 37.3 इंच बारिश होती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में सामान्य वर्षा लगभग 38 से 39 इंच रहती है, जिसमें सबसे बड़ा योगदान जुलाई महीने का होता है।
