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Indore News: इंदौर में विधानसभा के साथ लोकसभा की सीट भी बढ़ेगी, जानिए कैसा रहा इंदौर में सियासी सीटों का समीकरण
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सार
इंदौर में आगामी परिसीमन के बाद लोकसभा और विधानसभा सीटों में बढ़ोतरी संभव है। वर्तमान 9 विधानसभा सीटें बढ़कर करीब 12 हो सकती हैं, जबकि लोकसभा सीट 1 से 2 होने की संभावना है। प्रदेश में कुल विधानसभा सीटें 230 से बढ़कर लगभग 280 तक हो सकती हैं।
इंदौर में बढ़ सकती हैं विधानसभा-लोकसभा की सीटें
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव नए परिदृश्य में होंगे। इसके लिए मोदी सरकार तीन दिवसीय संसद का विशेष सत्र का आयोजन कर रही है। इसमें लोकसभा के साथ विधानसभा की सीटें बढ़ाने की तैयारी और नए परिसीमन की मंजूरी के साथ महिला आरक्षण को भी मंजूरी मिलने की संभावना है।
इंदौर लोकसभा क्षेत्र में वर्तमान में नौ विधानसभा स्थान हैं। इसमें महू विधानसभा सीट को धार लोकसभा में 2008 में सम्मिलित कर दिया है। अब नए परिसीमन में इंदौर में दो लोकसभा स्थान के होने की संभावना है। वहीं विधानसभा क्रमांक एक, दो और 5 तथा देपालपुर में मतदाताओं की संख्या सर्वाधिक है। इस वजह से इन विधानसभा सीटों को भी भौगोलिक आधार पर विभाजित कर इंदौर में विधानसभा की एक दर्जन सीटें होने की संभावना है। लोकसभा में मालवा-निमाड़ में 8 सीट है जो भी परिसीमन में बढ़ेगी।
ये भी पढ़ें- एमपी की राजनीति में बड़ा बदलाव: 345 विधानसभा सीटें और 43 लोकसभा सीटें, 33% महिला आरक्षण से बदलेगा पूरा समीकरण
इसी तरह प्रदेश में विधानसभा में वर्तमान में 230 सीटों से 280 स्थान नए परिसीमन में होने की संभावना है, जबकि इस परिसीमन में मालवा और निमाड़ का दबदबा कायम रहेगा। अभी वर्तमान में मालवा और निमाड़ में 66 विधानसभा की सीटें हैं। नए परिसीमन में यह संख्या निश्चय ही बढ़ेगी, जो प्रदेश के अन्य अंचल के मुकाबले सर्वाधिक सीटें होंगी। साथ ही प्रदेश में इंदौर नगर सर्वाधिक विधानसभा सीटों वाला जिला भी हो सकता है। यहां पर एक दर्जन विधानसभा सीटें होने की संभावना है। इंदौर में 12 सीट विधानसभा की और लोकसभा की दो सीटें हो सकती हैं, वहीं महिला आरक्षण की वजह से इंदौर नगर का राजनीतिक परिदृश्य कुछ अलग ही होगा।
इंदौर की सीटों का इतिहास
1951 में इंदौर मध्य भारत में था, तब विधानसभा की 6 सीटें थीं। जिसमें देपालपुर की दो सीटें थीं, एक सामान्य और एक आरक्षित। इसी तरह 1957 में भी विधानसभा की 6 सीटें रहीं, 1962 से 72 तक विधानसभा की 7 सीटें हो गईं। सांवेर नए स्थान के रूप में सम्मिलित किया गया। 1977 से 2003 तक इंदौर में 8 सीटें रही। उसमें एक सीट इंदौर नगर में वृद्धि की गई थी। 2008 में इंदौर जिले में नौ विधानसभा सीट हो गईं, जिसमें राऊ नई विधानसभा सीट बनाई गई और लोकसभा में महू को धार में शामिल कर दिया गया। इस तरह इंदौर में वर्तमान में नौ विधानसभा सीटें तथा लोकसभा की एक सीट है। जहां तक लोकसभा का सवाल है, 1951 से वर्तमान तक इंदौर में लोकसभा की एक ही सीट है। अब यह भी दो सीट नए परिसीमन में हो सकती है।
इंदौर विधान सभा सीटों की स्थिति
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इंदौर लोकसभा क्षेत्र में वर्तमान में नौ विधानसभा स्थान हैं। इसमें महू विधानसभा सीट को धार लोकसभा में 2008 में सम्मिलित कर दिया है। अब नए परिसीमन में इंदौर में दो लोकसभा स्थान के होने की संभावना है। वहीं विधानसभा क्रमांक एक, दो और 5 तथा देपालपुर में मतदाताओं की संख्या सर्वाधिक है। इस वजह से इन विधानसभा सीटों को भी भौगोलिक आधार पर विभाजित कर इंदौर में विधानसभा की एक दर्जन सीटें होने की संभावना है। लोकसभा में मालवा-निमाड़ में 8 सीट है जो भी परिसीमन में बढ़ेगी।
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इसी तरह प्रदेश में विधानसभा में वर्तमान में 230 सीटों से 280 स्थान नए परिसीमन में होने की संभावना है, जबकि इस परिसीमन में मालवा और निमाड़ का दबदबा कायम रहेगा। अभी वर्तमान में मालवा और निमाड़ में 66 विधानसभा की सीटें हैं। नए परिसीमन में यह संख्या निश्चय ही बढ़ेगी, जो प्रदेश के अन्य अंचल के मुकाबले सर्वाधिक सीटें होंगी। साथ ही प्रदेश में इंदौर नगर सर्वाधिक विधानसभा सीटों वाला जिला भी हो सकता है। यहां पर एक दर्जन विधानसभा सीटें होने की संभावना है। इंदौर में 12 सीट विधानसभा की और लोकसभा की दो सीटें हो सकती हैं, वहीं महिला आरक्षण की वजह से इंदौर नगर का राजनीतिक परिदृश्य कुछ अलग ही होगा।
इंदौर की सीटों का इतिहास
1951 में इंदौर मध्य भारत में था, तब विधानसभा की 6 सीटें थीं। जिसमें देपालपुर की दो सीटें थीं, एक सामान्य और एक आरक्षित। इसी तरह 1957 में भी विधानसभा की 6 सीटें रहीं, 1962 से 72 तक विधानसभा की 7 सीटें हो गईं। सांवेर नए स्थान के रूप में सम्मिलित किया गया। 1977 से 2003 तक इंदौर में 8 सीटें रही। उसमें एक सीट इंदौर नगर में वृद्धि की गई थी। 2008 में इंदौर जिले में नौ विधानसभा सीट हो गईं, जिसमें राऊ नई विधानसभा सीट बनाई गई और लोकसभा में महू को धार में शामिल कर दिया गया। इस तरह इंदौर में वर्तमान में नौ विधानसभा सीटें तथा लोकसभा की एक सीट है। जहां तक लोकसभा का सवाल है, 1951 से वर्तमान तक इंदौर में लोकसभा की एक ही सीट है। अब यह भी दो सीट नए परिसीमन में हो सकती है।
इंदौर विधान सभा सीटों की स्थिति
| चुनाव वर्ष | विधानसभा सीट |
|---|---|
| 1951 | 6 |
| 1957 | 6 |
| 1962 | 7 |
| 1967 | 7 |
| 1972 | 7 |
| 1977 | 8 |
| 1980 | 8 |
| 1985 | 8 |
| 1990 | 8 |
| 1993 | 8 |
| 1998 | 8 |
| 2003 | 8 |
| 2008 | 9 |
| 2013 | 9 |
| 2018 | 9 |
| 2023 | 9 |

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