{"_id":"6a1a5e631a7b03d8f50bb25d","slug":"bablu-is-better-than-you-wifes-taunt-took-his-life-skeleton-found-in-cave-15-days-later-sidhi-news-c-1-1-noi1337-4338639-2026-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP: गुड़िया बैगा हत्याकांड का खुलासा, जंगल की गुफा में छिपाया था शव; पुलिस ने सुलझाई अंधी हत्या की गुत्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP: गुड़िया बैगा हत्याकांड का खुलासा, जंगल की गुफा में छिपाया था शव; पुलिस ने सुलझाई अंधी हत्या की गुत्थी
Sat, 30 May 2026 12:11 PM IST
सीधी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीधी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीधी
Published by: सीधी ब्यूरो
Updated Sat, 30 May 2026 12:11 PM IST
सार
सीधी जिले के कुसमी थाना क्षेत्र में सामने आए चर्चित गुड़िया बैगा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जंगल की गुफा में कंबल में लिपटा मिला महिला का कंकाल उसके पति की करतूत निकला। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर हत्या की गुत्थी सुलझा ली है।
विज्ञापन
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सीधी के कुसमी थाना क्षेत्र के पोड़ी चौकी अंतर्गत कुन्दौर गांव में सामने आए गुड़िया बैगा हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। जिस महिला का कंकाल जंगल की गुफा में कंबल में लिपटा मिला था, उसकी हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके पति बुद्धसेन बैगा ने ही की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और शनिवार को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
कुसमी थाना प्रभारी अरुणा द्विवेदी ने बताया कि महिला की पहचान गुड़िया बैगा के रूप में हुई थी। शव मिलने के बाद पुलिस ने जब जांच शुरू की तो कई संदेहास्पद तथ्य सामने आए। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पति बुद्धसेन बैगा को हिरासत में लिया गया, जहां उसने हत्या की पूरी वारदात कबूल कर ली।
जानें किस बात को लेकर हुआ विवाद?
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बताया कि करीब चार साल पहले गलत नंबर पर बातचीत के बाद उसकी पहचान गुड़िया से हुई थी। इसके बाद गुड़िया अपने पहले पति को छोड़कर उसके साथ रहने लगी थी। दोनों की एक बच्ची भी है। आरोपी के मुताबिक हाल के दिनों में गुड़िया अक्सर एक ठेकेदार बबलू का जिक्र करती थी और उसके साथ रहने की बात कहती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया।
विज्ञापन
घेराबंदी से नहीं बच पाया आरोपी
थाना प्रभारी अरुणा द्विवेदी ने बताया कि हत्या के बाद आरोपी तीन दिन तक जंगल में छिपा रहा। इस दौरान वह आम, जामुन और अन्य जंगली फलों के सहारे भूख मिटाता रहा। बाद में जब वह वापस गांव लौटा तो पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया और हत्या में इस्तेमाल किए गए कपड़ों तथा अन्य साक्ष्यों के बारे में भी जानकारी दी।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
पुलिस के मुताबिक, 10 मई की सुबह बुद्धसेन बैगा अपनी पत्नी गुड़िया को तेंदूपत्ता तोड़ने के बहाने मान डोंगरी के जंगल ले गया। वहां सुनसान स्थान पर उसने पीछे से गर्दन पकड़ ली। विरोध करने पर दोनों के बीच संघर्ष हुआ। आरोपी ने पास पड़े पत्थर से वार किया और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को कंधे पर उठाकर गुफा तक ले गया। शाम को घर से कंबल लाकर शव को उसमें बांधा और गुफा के अंदर घसीटकर छिपा दिया। बाहर से पत्थर लगाकर गुफा को बंद कर दिया ताकि किसी को भनक न लगे। हत्या के बाद उसने परिजनों को यह कहकर गुमराह किया कि गुड़िया कहीं भाग गई है।
करीब 15 दिन बाद जंगल की उसी गुफा में कंबल में लिपटा कंकाल मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। अब पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया है।
विज्ञापन
कुसमी थाना प्रभारी अरुणा द्विवेदी ने बताया कि महिला की पहचान गुड़िया बैगा के रूप में हुई थी। शव मिलने के बाद पुलिस ने जब जांच शुरू की तो कई संदेहास्पद तथ्य सामने आए। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पति बुद्धसेन बैगा को हिरासत में लिया गया, जहां उसने हत्या की पूरी वारदात कबूल कर ली।
विज्ञापन
जानें किस बात को लेकर हुआ विवाद?
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बताया कि करीब चार साल पहले गलत नंबर पर बातचीत के बाद उसकी पहचान गुड़िया से हुई थी। इसके बाद गुड़िया अपने पहले पति को छोड़कर उसके साथ रहने लगी थी। दोनों की एक बच्ची भी है। आरोपी के मुताबिक हाल के दिनों में गुड़िया अक्सर एक ठेकेदार बबलू का जिक्र करती थी और उसके साथ रहने की बात कहती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया।
विज्ञापन
घेराबंदी से नहीं बच पाया आरोपी
थाना प्रभारी अरुणा द्विवेदी ने बताया कि हत्या के बाद आरोपी तीन दिन तक जंगल में छिपा रहा। इस दौरान वह आम, जामुन और अन्य जंगली फलों के सहारे भूख मिटाता रहा। बाद में जब वह वापस गांव लौटा तो पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया और हत्या में इस्तेमाल किए गए कपड़ों तथा अन्य साक्ष्यों के बारे में भी जानकारी दी।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
पुलिस के मुताबिक, 10 मई की सुबह बुद्धसेन बैगा अपनी पत्नी गुड़िया को तेंदूपत्ता तोड़ने के बहाने मान डोंगरी के जंगल ले गया। वहां सुनसान स्थान पर उसने पीछे से गर्दन पकड़ ली। विरोध करने पर दोनों के बीच संघर्ष हुआ। आरोपी ने पास पड़े पत्थर से वार किया और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को कंधे पर उठाकर गुफा तक ले गया। शाम को घर से कंबल लाकर शव को उसमें बांधा और गुफा के अंदर घसीटकर छिपा दिया। बाहर से पत्थर लगाकर गुफा को बंद कर दिया ताकि किसी को भनक न लगे। हत्या के बाद उसने परिजनों को यह कहकर गुमराह किया कि गुड़िया कहीं भाग गई है।
करीब 15 दिन बाद जंगल की उसी गुफा में कंबल में लिपटा कंकाल मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। अब पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया है।
