अंतरिक्ष में लगातार सैटेलाइट्स का कचरा बढ़ता ही जा रहा है जिसने वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि सैटेलाइट्स का बढ़ता कचरा धरती के लिए खतरा बन सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, अभी अंतरिक्ष मलबे के 1 करोड़ 70 लाख से ज्यादा टुकड़े मौजूद हैं जिनमें प्राकृतिक उल्कापिंड, कृत्रिम वस्तुओं के टूटे टुकड़े और निष्क्रिय उपग्रह शामिल हैं।
अमेरिका के यूटा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं का कहना है कि अंतरिक्ष में काफी अधिक कचरा भर गया है जिसकी वजह से धरती के चारों तरफ शनि जैसे छल्ले का निर्माण करना पड़ेगा। इस छल्ले को बनाने के लिए मैग्नेट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। अगर ऐसा नहीं किया गया, तो अंतरिक्ष में बढ़ते कचरे की वजह से अंतरिक्षयान और सैटेलाइट टकरा सकते हैं।
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पृथ्वी पर मंडरा रहा बड़ा खतरा
- फोटो : Pixabay
जानिए कितना खतरनाक है अंतरिक्ष कचरा
पृथ्वी पर मौजूद प्रदूषण की तरह ही अंतरिक्ष कचरा भी खतरनाक है जो अंतरिक्ष यात्रियों और अंतरिक्ष मिशन के लिए बड़ा संकट पैदा कर सकता है। एक आंकड़े के मुताबिक, बीते 10 साल में अंतरिक्ष में 7,500 मीट्रिक टन कचरे की वृद्धि हुई है। यह अंतरिक्ष में सैटेलाइटों की सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक है।
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पृथ्वी पर मंडरा रहा बड़ा खतरा
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जानिए क्या है अतंरिक्ष कचरा
अंतरिक्ष में कचरा हर दिन बढ़ता ही जा रहा है। सबसे पहले अंतरिक्ष में जो कचरा मिला था वह तांबे के सुईयों का एक बंडल था। इसको अमेरिकी सेना ने अतंरिक्ष में भेजा था ताकि अमेरिकी सेना के कम्यूनिकेशन में आ रही समस्या के बारे में पता लगाया जा सके। इसके बाद इस समस्या को दूर करने के लिए अमेरिका ने लाखों की संख्या में तांबे की सुइयों को अंतरिक्ष में भेज दिया। इसको आयनमंडल की विकल्प के रूप में भेजा गया था। इसके बाद से अंतरिक्ष में कचरा लगातार बढ़ रहा है जो पृथ्वी के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है।