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Pics: बर्फीले तूफान में जवान शहीद, एक साल पहले हुई थी शादी, तीन माह की परी ने खोया पिता  

Wed, 15 Jan 2020 08:17 PM IST
ajay kumar मनन सैनी, संवाद न्यूज एजेंसी, गुरदासपुर ( पंजाब)
मनन सैनी, संवाद न्यूज एजेंसी, गुरदासपुर ( पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Wed, 15 Jan 2020 08:17 PM IST
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Gurdaspur soldier martyred in Avalanche in Jammu And Kashmir
Army Jawan - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

भारतीय सेना की 45 राष्ट्रीय राइफल्स के 26 वर्षीय सिपाही रणजीत सिंह सलारिया जम्मू-कश्मीर में कुपवाड़ा जिले के माछिल सेक्टर में तैनात थे। मंगलवार को अपने साथियों के साथ हजारों फीट ऊंची चोटी पर ड्यूटी निभा रहे थे। अचानक हिमखंड की चपेट में आने से चार साथियों समेत वे शहीद हो गए। उनकी शहादत की खबर जैसे ही उनके गांव सिद्धपुर पहुंची पूरे गांव में मातम पसर गया। 

Gurdaspur soldier martyred in Avalanche in Jammu And Kashmir
Army Jawan - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

शहीद रणजीत के पिता ठाकुर हरबंस सिंह सलारिया ने बताया कि मंगलवार को उन्हें बेटे की यूनिट से फोन आया कि उनका बेटा देश की सुरक्षा करते हुए शहीद हो गया है। खबर सुनते ही वह सन्न हो गए। 12 जनवरी को ही उनके बेटे का फोन आया था। उसने कहा था कि वह ठीक है और अप्रैल में घर आएगा। उसकी शहादत की खबर से परिवार पर जो वज्रपात हुआ है शायद ही हमारा परिवार इससे उबर पाए। पूरे घर की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। 

Gurdaspur soldier martyred in Avalanche in Jammu And Kashmir
Army Jawan - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

नन्हीं परी के सिर से उठ गया पिता का साया
शहीद रणजीत की शादी पिछले साल 26 जनवरी को पठानकोट के गांव रानीपुर बासा में हुई थी। अक्तूबर में उनके घर बेटी ने जन्म लिया। उन्होंने प्यार से उसका नाम परी रखा है। उसके जन्म पर वह दो महीने की छुट्टी लेकर घर आए थे। बेटी के जन्म पर उन्होंने खूब जश्न मनाया था। 9 नवंबर को वह ड्यूटी पर लौटे। तीन महीने की नन्हीं परी घर के हर सदस्य को विलाप करते हुए एकटक निहार रही थी। उस मासूम को यह अहसास भी नहीं था कि उसके सिर से पिता का साया उठ चुका है।

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Gurdaspur soldier martyred in Avalanche in Jammu And Kashmir
Army Jawan - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

सदमे में शहीद की पत्नी 
पत्नी दीया शहादत की खबर सुन पत्थर सी हो गई है। शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की ने जब उन्हें दिलासा दिया तो वह कहने लगी कि मेरा रणजीत आ रहा है मिलकर जाना। उन्होंने तो कहा था कि अप्रैल में आऊंगा। पता नहीं इतनी जल्दी क्यों आ रहा है। शहीद की मां रीना रानी व बड़ी बहन जीवन ज्योति ने नम आंखों से बताया कि रणजीत चार वर्ष पहले सेना की 221 आरटी फील्ड रेजीमेंट में भर्ती हुआ था। पिछले वर्ष देहरादून से शादी की छुट्टी लेकर घर आया था। साथ ही उसकी पोस्टिंग भी जम्मू-कश्मीर के आतंक प्रभावित क्षेत्र कुपवाड़ा में हो गई। शादी के बाद वह सीधा वहीं पर ड्यूटी देने रवाना हुआ। शादी के समय रणजीत ने नए मकान की नींव भरवाई थी। शादी के बाद इसका निर्माण करवाना था। हालांकि उसका नया घर बनाने का सपना अधूरा रह गया। 

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Gurdaspur soldier martyred in Avalanche in Jammu And Kashmir
Army Jawan - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी करते हैं जांबाज 
शहीद सिपाही रणजीत सलारिया के परिवार को ढांढस देने पहुंचे शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की ने बताया कि सीमा प्रहरी जांबाज कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी निभाते हुए देश की सुरक्षा करते हैं। दो महीने में ही हमारे 15 जवान बर्फीले तूफान का शिकार होकर शहादत का जाम पी चुके हैं। उन्होंने बताया कि शहीद रणजीत का पार्थिव शरीर बुधवार को गांव पहुंचना था लेकिन कश्मीर में खराब मौसम के कारण नहीं लाया जा सका। अब गुरुवार को जहाज से अमृतसर या जम्मू लाया जाएगा। वहां से सैन्य वाहन से घर पहुंचाया जाएगा। 

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