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घर बैठे बनाएं ये गजब की ‘ड्रीम कार’ फेरारी, हैरान करेगा बनाने का तरीका और जुगाड़
अरविंद वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 11 Nov 2018 03:13 PM IST
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फेरारी
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एक शख्स ने अपनी ही फोर्ड आइकन कार को 'ड्रीम कार' फेरारी में तब्दील कर लिया। इसे बनाने के लिए उसने जो जुगाड़ लगाए, देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे, देखिए।
‘ड्रीम कार’ फेरारी
चेसिस फोर्ड आइकन की...लाइट्स वॉक्सवैगन व हुंडई की और लुक ड्रीम कार ‘फेरारी’ का। यह कमाल है ट्राईसिटी के एलबी गुलाटी का। उनकी तैयार सुर्ख लाल रंग की कार को जो देखता है, एकटक देखता ही रह जाता है। पद्मश्री नेकचंद के शहर चंडीगढ़ में ऐसे कई हुनरमंद हैं, जिनको बेकार हो चुके आइटम का उपयोग खूब आता है।
Ferrari F512 M
ऐसे ही हैं एलबी गुलाटी, जिनको अपने घर में खड़ी फोर्ड आइकन कार का बेकार खड़ा होना रास नहीं आया। उन्होंने इसी कार पर एक नई कार की कल्पना की और तीन माह की मेहनत के बाद तैयार कर दी अपनी ड्रीम कार। पंचकूला के एलबी गुलाटी ने यह कमाल गवर्नमेंट आर्ट कॉलेज के स्टूडेंट्स और अपने आठ कर्मचारियों की मदद से किया। वह बताते हैं कि इस कार को तैयार करने के लिए उन्होंने रोजाना करीब 12 घंटे काम किया।
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Ferrari F30
एलबी गुलाटी ने बताया कि उन्होंने कार की फ्रंट लाइट वॉक्सवैगन की और बैक लाइट आई20 की लगाईं है। इसके साथ ही स्टेयरिंग को चेंज करके आई-10 का लगा दिया गया। मॉडिफाइड कार में साइड मिरर को मोटराइज्ड कर दिया गया। इसके साथ ही बैक सेंसर और बैक कैमरा लगाया गया। मॉडिफाइड कार में स्टीरियो ऐसा लगाया गया, जिसमें जीपीएस कनेक्टिविटी भी है।
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ferrari portofino
स्केचिंग से तैयार हुआ डिजाइन
एलबी गुलाटी ने बताया कि फोर्ड आइकन को काटने के पहले उसकी स्केलिंग की गई। वास्तव में वह फोर्ड के हरेक पार्ट का सदुपयोग करना चाहते थे। इसमें यह भी ध्यान रखा कि कहीं नई कार में कोई ऐसा पार्ट न लगा दिया जाए जो कि बाद में बाजार में उपलब्ध न हो। इसके लिए स्केलिंग की गई और उसके बाद कार को काटा गया। फोर्ड आइकन फोर सीटर थी और नई कार में वह दो सीट ही लगाना चाहते थे इसके लिए जरूरी था कि कार का दरवाजा बड़ा किया जाए। फोर्ड आइकन को काटा गया तो उसके बाद उसके दरवाजों को मोल्ड करके एक दरवाजा तैयार किया गया। फोर्ड की मूल चेसिस को वही रखा गया।
एलबी गुलाटी ने बताया कि फोर्ड आइकन को काटने के पहले उसकी स्केलिंग की गई। वास्तव में वह फोर्ड के हरेक पार्ट का सदुपयोग करना चाहते थे। इसमें यह भी ध्यान रखा कि कहीं नई कार में कोई ऐसा पार्ट न लगा दिया जाए जो कि बाद में बाजार में उपलब्ध न हो। इसके लिए स्केलिंग की गई और उसके बाद कार को काटा गया। फोर्ड आइकन फोर सीटर थी और नई कार में वह दो सीट ही लगाना चाहते थे इसके लिए जरूरी था कि कार का दरवाजा बड़ा किया जाए। फोर्ड आइकन को काटा गया तो उसके बाद उसके दरवाजों को मोल्ड करके एक दरवाजा तैयार किया गया। फोर्ड की मूल चेसिस को वही रखा गया।