{"_id":"5cf52d29bdec22070d45b089","slug":"10-best-roles-of-actor-nutan-grandmother-of-pranutan-behl-mother-of-mohnish-behl","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"एक्टिंग की ‘नोटबुक’ नूतन के सबसे प्रभावशाली 10 किरदार, इनमें से छह के लिए मिले बेस्ट एक्टिंग अवार्ड","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
एक्टिंग की ‘नोटबुक’ नूतन के सबसे प्रभावशाली 10 किरदार, इनमें से छह के लिए मिले बेस्ट एक्टिंग अवार्ड
Mon, 03 Jun 2019 08:10 PM IST
Avinash Pal
एंटरटेनमेंट डेस्क, मुंबई
एंटरटेनमेंट डेस्क, मुंबई
Published by: Avinash Pal
Updated Mon, 03 Jun 2019 08:10 PM IST
विज्ञापन
नूतन
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिंदी सिनेमा के नए शो मैन संजय लीला भंसाली जब भी किसी अभिनेत्री के साथ काम करना शुरू करते हैं तो उन्हें एक ही अदाकारा की फिल्में देखने को कहते हैं, और वह अभिनेत्री हैं नूतन। चर्चित अभिनेत्री शोभना समर्थ की बेटी, तनूजा की बहन और हाल ही में फिल्म नोटबुक से सिनेमा में कदम रखने वाली अभिनेत्री प्रनूतन बहल की दादी। नूतन के छह फिल्मफेयर पुरस्कार जीतने के रिकॉर्ड की बराबरी उनकी भतीजी काजोल ने 2011 में अपना छठा फिल्मफेयर पुरस्कार जीतकर की। नूतन के जन्मदिन (4 जून) पर आइए बताते हैं आपको उन 10 कालजयी किरदारों के बारे में, जो अब भी हिंदी सिनेमा की अभिनेत्रियों के लिए मील के पत्थर माने जाते हैं। देखिए आगे की स्लाइड्स
फिल्म सीमा का पोस्टर
- फोटो : मुंबई टीम
किरदार - गौरी
फिल्म- सीमा (1955)
अमेय चक्रवर्ती के निर्देशन में बनी फिल्म सीमा में नूतन ने एक अनाथ लड़की गौरी के किरदार में बेहतरीन अदाकारी की। उनके हाव भाव, उनके अभिनय और उनकी चितवन ने हिंदी सिनेमा के दर्शकों का मन मोह लिया। इसी फिल्म के लिए नूतन को फिल्मफेयर का पहला बेस्ट एक्टर फीमेल खिताब मिला।
फिल्म- सीमा (1955)
अमेय चक्रवर्ती के निर्देशन में बनी फिल्म सीमा में नूतन ने एक अनाथ लड़की गौरी के किरदार में बेहतरीन अदाकारी की। उनके हाव भाव, उनके अभिनय और उनकी चितवन ने हिंदी सिनेमा के दर्शकों का मन मोह लिया। इसी फिल्म के लिए नूतन को फिल्मफेयर का पहला बेस्ट एक्टर फीमेल खिताब मिला।
फिल्म पेइिंग गेस्ट का पोस्टर
- फोटो : मुंबई टीम
किरदार - शांति
फिल्म - पेइंग गेस्ट (1957)
सुबोध मुखर्जी के निर्देशन में बनी कॉमेडी ड्रामा फिल्म पेइंग गेस्ट में नूतन, देव आनंद और शुभा खोटे मुख्य भूमिका में थे। इस फिल्म में नूतन ने एक जमीदार की बेटी शान्ति का किरदार निभाया और विचारों व परंपराओं के द्वंद्व में फंसी एक लड़की का अभिनय कर अपने लिए ही अभिनय की एक बड़ी लकीर खींच दी जिसे आगे चलकर वह बार बार और लंबी करती रहीं। एस डी बर्मन के संगीत से सजी इस फिल्म में नूतन का अभिनय शानदार रहा और इसे फिल्म समीक्षकों की खूब सराहना मिली।
फिल्म - पेइंग गेस्ट (1957)
सुबोध मुखर्जी के निर्देशन में बनी कॉमेडी ड्रामा फिल्म पेइंग गेस्ट में नूतन, देव आनंद और शुभा खोटे मुख्य भूमिका में थे। इस फिल्म में नूतन ने एक जमीदार की बेटी शान्ति का किरदार निभाया और विचारों व परंपराओं के द्वंद्व में फंसी एक लड़की का अभिनय कर अपने लिए ही अभिनय की एक बड़ी लकीर खींच दी जिसे आगे चलकर वह बार बार और लंबी करती रहीं। एस डी बर्मन के संगीत से सजी इस फिल्म में नूतन का अभिनय शानदार रहा और इसे फिल्म समीक्षकों की खूब सराहना मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन
फिल्म सुजाता का पोस्टर
- फोटो : मुंबई टीम
किरदार - सुजाता
फिल्म - सुजाता (1959)
बंगाली लघुकथा सुजाता पर आधारित इस फिल्म ने नूतन को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई। 1960 के कान फिल्म फेस्टिवल में ये फिल्म प्रदर्शित हुई तो पूरा विदेशी मीडिया इस नई अभिनेत्री को जानने के लिए बेताब हो उठा। इस फिल्म में नूतन ने मुख्य पात्र सुजाता का किरदार निभाया। प्रसिद्ध निर्देशक बिमल रॉय के निर्देशन में बनी इस फिल्म में नूतन के अलावा सुनील दत्त, ललित पवार और शशिकला मुख्य भूमिका में थे। एक ब्राह्मण पुरुष और एक दलित महिला के प्रेम संबंधों पर आधारित इस फिल्म ने हिंदी सिनेमा में पहली बार जाति विभेद पर गहरी चोट की। बेहतरीन अदाकारी के लिए नूतन को फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर फीमेल का पुरस्कार दिया गया। फिल्म ने एक राष्ट्रीय और चार फिल्मफेयर पुरस्कार जीते।
फिल्म - सुजाता (1959)
बंगाली लघुकथा सुजाता पर आधारित इस फिल्म ने नूतन को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई। 1960 के कान फिल्म फेस्टिवल में ये फिल्म प्रदर्शित हुई तो पूरा विदेशी मीडिया इस नई अभिनेत्री को जानने के लिए बेताब हो उठा। इस फिल्म में नूतन ने मुख्य पात्र सुजाता का किरदार निभाया। प्रसिद्ध निर्देशक बिमल रॉय के निर्देशन में बनी इस फिल्म में नूतन के अलावा सुनील दत्त, ललित पवार और शशिकला मुख्य भूमिका में थे। एक ब्राह्मण पुरुष और एक दलित महिला के प्रेम संबंधों पर आधारित इस फिल्म ने हिंदी सिनेमा में पहली बार जाति विभेद पर गहरी चोट की। बेहतरीन अदाकारी के लिए नूतन को फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर फीमेल का पुरस्कार दिया गया। फिल्म ने एक राष्ट्रीय और चार फिल्मफेयर पुरस्कार जीते।
विज्ञापन
छलिया का पोस्टर
- फोटो : मुंबई टीम
किरदार - शान्ति
फिल्म - छलिया (1960)
मशहूर अभिनेता राज कपूर की वैसे तो नरगिस के साथ बनी फिल्मों को ही लोग खूब चाव से अब भी देखते हैं लेकिन उनकी जिस फिल्म को नूतन के अभिनय की वजह से देखा जाता है, वह है छलिया। फ्योडोर दोस्तोयेव्स्की की किताब व्हाइट नाइट्स पर आधारित इस फिल्म का निर्देशन मनमोहन देसाईं ने किया। शादीशुदा महिला शांति के किरदार को नूतन ने बखूबी निभाया। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रही और नूतन को फिल्मफेयर बेस्ट ऐक्टर फीमेल के लिए नामित किया गया।
फिल्म - छलिया (1960)
मशहूर अभिनेता राज कपूर की वैसे तो नरगिस के साथ बनी फिल्मों को ही लोग खूब चाव से अब भी देखते हैं लेकिन उनकी जिस फिल्म को नूतन के अभिनय की वजह से देखा जाता है, वह है छलिया। फ्योडोर दोस्तोयेव्स्की की किताब व्हाइट नाइट्स पर आधारित इस फिल्म का निर्देशन मनमोहन देसाईं ने किया। शादीशुदा महिला शांति के किरदार को नूतन ने बखूबी निभाया। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रही और नूतन को फिल्मफेयर बेस्ट ऐक्टर फीमेल के लिए नामित किया गया।