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Anurag Kashyap Birthday: पांच हजार रुपये लेकर मुंबई पहुंचे थे अनुराग कश्यप, संघर्ष के दिनों में सड़क किनारे भी सोए
एंटरनेटमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: shrilata biswas
Updated Thu, 10 Sep 2020 04:35 AM IST
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अनुराग कश्यप
- फोटो : instagram/anuragkashyap10
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बॉलीवुड निर्देशक अनुराग कश्यप अलग तरह की फिल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं। अपनी फिल्मों के जरिए अनुराग समाज की कड़वी सच्चाई को पर्दे पर दिखाते हैं। भले ही उनकी फिल्में बड़े बजट की नहीं होतीं लेकिन उनका अपना एक अलग दर्शक वर्ग है। 10 सितंबर 1972 को अनुराग कश्यप का जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में हुआ था। उनके जन्मदिन के मौके पर बताते हैं उनसे जुड़ी खास बातें।
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अनुराग कश्यप
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अनुराग कश्यप के पिता बिजली विभाग में चीफ इंजीनियर थे। पिता की नौकरी के चलते अनुराग का बचपन कई शहरों में बीता। उनकी शुरुआती पढ़ाई देहरादून के ग्रीन स्कूल और ग्वालियर के सिंधिया स्कूल में हुई। आगे की पढ़ाई के लिए अनुराग ने दिल्ली के हंसराज कॉलेज में एडमिशन लिया।
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अनुराग कश्यप
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दिल्ली में पढ़ाई के दौरान वो थिएटर ग्रुप 'जन नाट्य मंच' से जुड़े और स्ट्रीट प्ले करने लगे। अनुराग ने 1993 में अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई खत्म की। इसी साल वो मुंबई पहुंचे। उस वक्त उनकी जेब में पांच हजार रुपये थे। शुरुआत में उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। धीरे धीरे पैसे खत्म होने लगे तो उन्हें सड़कों पर भी सोना पड़ा। किसी तरह उन्हें पृथ्वी थिएटर में काम मिल गया।
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अनुराग कश्यप
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1998 में मनोज बाजपेयी ने राम गोपाल वर्मा को बतौर लेखक के लिए अनुराग कश्यप का नाम सुझाया था। राम गोपाल वर्मा ने अनुराग का कुछ काम देख रखा था और उन्हें वो पसंद आया था। इस तरह फिल्म 'सत्या' के लिए सौरभ शुक्ला के साथ अनुराग कश्यप को कहानी लिखने का मौका मिला।
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अनुराग कश्यप
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साल 2003 में अनुराग कश्यप ने अपनी पहली फिल्म 'पांच' बनाई। हालांकि ये कभी सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो सकी। कुछ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में उनकी फिल्म जरूर दिखाई गई। साल 2007 में अनुराग की फिल्म 'ब्लैक फ्राइडे' आई। फिल्म को लेकर काफी विवाद हुआ। इसके बाद उन्होंने 'देव डी', 'गुलाल', 'गैंग्स ऑफ वासेपुर', 'बॉम्बे टॉकीज', 'अगली', 'रमन राघव 2.0' और 'मनमर्जिया' सहित अन्य फिल्में बनाईं।
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