बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रणौत इन दिनों खूब सुर्खियों में रहती हैं। कंगना अपने बयानों की वजह से काफी लाइम लाइट में रह रही हैं। अब कंगना ने कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो से कुछ सवाल किए हैं। जिसकी वजह से वह एक बार फिर से सुर्खियां बटोर रही हैं।
कंगना रणौत ने कनाडा के पीएम से पूछा सवाल, कहा- 'हम एक आदर्श दुनिया में नहीं रहते हैं'
कंगना रणौत सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। वो अक्सर किसी ना किसी मुद्दे को लेकर ट्वीट करती रहती हैं। अब कंगना ने कनाडा के पीएम पर निशाना साधा है। जस्टिन ट्रूडो ने हाल ही में हजरत मोहम्मद का कार्टून बनाए जाने को लेकर बयान दिया था। जिसको लेकर अब कंगना ने उनसे कुछ सवाल किए हैं।
कंगना ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट के जरिए ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा, 'प्रिय जस्टिन, हम एक आदर्श दुनिया में नहीं रहते हैं। लोगों को ऐसा नहीं करना चाहिए लेकिन वह अपनी सीमाएं लांघते हैं, ड्रग्स लेते हैं, दूसरों का शोषण करते हैं, भावनाएं आहत करते हैं। अगर हर छोटे क्राइम की सजा हर एक का सिर कलम करना हो जाए तो हमें एक प्रधानमंत्री की या किसी कानून की जरूरत ही क्या है?'
Please answer this @JustinTrudeau https://t.co/XiloS8F9xw
एक अन्य ट्वीट में कंगना ने लिखा, 'अगर कोई भी राम, कृष्ण, मां दुर्गा या किसी अन्य भगवान चाहे वह अल्लाह हों या ईसा का कार्टून बनाए तो उसे सजा मिलनी चाहिए। अगर वह ऐसा वर्क प्लेस या सोशल मीडिया पर करता है तो उन्हें सस्पेंड कर देना चाहिए। अगर कोई इस तरह बेइज्जती करता है तो उन्हें खुलेआम 6 महीने के लिए जेल भेज देना चाहिए।'
Anybody makes cartoons on Ram, Krishan, Maa Durga or any God for that matter Allah, Christ, must be punished if they do it at work place or social media suspend them, if they disrespect openly send them to jail for 6 months, that’s all, people have a right to be atheist... cont.
आगे कंगना लिखती हैं, 'लोगों को नास्तिक होने का अधिकार है। मैंने आपके भगवान में विश्वास नहीं करने का रास्ता चुना है। यह ठीक है और यह कोई जुर्म नहीं है। मैं अपने विचार रख सकती हूं और बता सकती हूं कि मैं आपके धर्म में विश्वास नहीं रखती हूं। यही फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन है, मेरी आवाज के साथ जीना सीखिए। आपने मेरा गला काटने के बारे में सीखा है क्योंकि आपके पास मेरे सवालों का जवाब नहीं है, खुद से पूछिए।'
I can choose not to believe in your God, that’s fine, it’s not a crime, I can express how I don’t agree with your religion, yes !! that’s freedom of expression, learn to live with my voice, you have learnt to slit my throat cause you have no answers to my questions, ask yourself.
