मुंबई आतंकी हमले के दौरान शहीद हुए एनएसजी कमांडो मेजर संदीप उन्नीकृष्णन के जीवन पर आधारित फिल्म 'मेजर' का ट्रेलर लॉन्च हो चुका है। यह फिल्म आगामी 03 जून 2022 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। इस फिल्म में मेजर संदीप उन्नीकृष्णन के बचपन से लेकर मुंबई हमले के दौरान उनके द्वारा चलाए गए ऑपरेशन तक के सफर को दिखाया गया है। इस फिल्म का लोगों को बेसब्री से इंतजार है। दर्शकों का एक बड़ा वर्ग शहीदों पर आधारित फिल्मों को काफी पसंद करता है। इससे पहले शहीदों पर बनीं यह कुछ फिल्में काफी पसंद की गईं।
Films Based On Martyr: सेना के शहीदों को सिनेमा का सलाम, जवानों पर आधारित हैं यह फिल्में
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शहीद (1965)
अभिनेता मनोज कुमार ने वर्ष 1965 में फिल्म 'शहीद' बनाई। यह फिल्म पूरी तरह से शहीद भगत सिंह पर आधारित रही। इसमें मनोज कुमार ने खुद भगत सिंह का किरदार निभाया। इस फिल्म को हिंदी भाषा की सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5, हंगामा, अमेजन प्राइम पर इस फिल्म को ऑनलाइन देखा जा सकता है।
'प्रहार' (1991)
बॉलीवुड फिल्म 'प्रहार' एक आर्मी मैन के जीवन पर आधारित है। इस फिल्म का निर्देशन नाना पाटेकर ने किया। नाना पाटेकर ने इस फिल्म में अभिनय भी किया है। वह इसमें मेजर चौहान के किरदार में नजर आए हैं। उनके अलावा इस फिल्म में माधुरी दीक्षित, डिंपल कपाड़िया और गौतम जोगलेकर हैं। यह फिल्म पीटर डिसूजा पर आधारित है, जो पहले देश और फिर अपने परिवार और समाज के लिए आखिरी सांस तक लड़े। अमेजन प्राइम, जियो सिनेमा, हंगामा पर इस फिल्म को ऑनलाइन देखा जा सकता है।
बॉर्डर (1997)
यह फिल्म वर्ष 1997 में रिलीज हुई। जे पी दत्ता के निर्देशन में बनी इस फिल्म में सीमा पर जूझ रहे जवानों के हौसले को दिखाया गया है। फिल्म 'बॉर्डर' के जरिए इस बात को महसूस किया जा सकता है कि कैसे हमारे जवान हमारी रक्षा के लिए अपने तमाम सुखों का त्याग करते हैं। इस फिल्म को जी5, प्राइम, नेटफ्लिक्स, हंगामा, एमएक्स प्लेयर आदि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देखा जा सकता है।
धूप (2003)
यह फिल्म कैप्टन अनुज नायर पर आधारित है, जो 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हो गए थे। इस फिल्म में कैप्टन अनुज नायर के पिता एसके नैयर की भूमिका ओम पुरी ने निभाई, जबकि मां सविता कपूर का किरदार अभिनेत्री रेवती ने अदा किया। इस फिल्म में कारगिल युद्ध के दौरान टाइगर हिल पर लड़ी गई लड़ाई को केंद्र में रखा गया। हालांकि, फिल्म में प्रमुख रूप से युद्ध नहीं, बल्कि सेना के शहीद जवान के परिवार के संघर्ष को दिखाया। मेजर रोहित कपूर भारत-पाकिस्तान युद्ध में शहीद हो जाते हैं तो सरकार रोहित के परिवार को अपनी जीविका चलाने के लिए एक पेट्रोल पंप प्रदान करती है। उसे चलाने की इजाजत सरकारी दफ्तरों से पाने में रोहित के परिवार को बहुत संघर्ष करना पड़ता है। फिल्म का निर्देशन अश्विनी चौधरी ने किया। प्राइम, हंगामा पर इस फिल्म को ऑनलाइन देखा जा सकता है।