साउथ की फिल्मों में 'पुष्पा: द राइज' और 'आरआरआर' के बाद अगर किसी फिल्म का क्रेज लोगों के बीच देखने को मिल रहा है तो वह यश की 'केजीएफ चैप्टर 2' है। हालांकि, इस बार फिल्म में रॉकी भाई के साथ अधीरा के किरदार की भी काफी चर्चा हो रही है। फिल्म में यह किरदार बॉलीवुड स्टार संजय दत्त निभा रहे हैं। कैंसर से लड़ने के बाद इस फिल्म से संजय बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं और इस रोल में उन्हें देखने के लिए फैंस काफी उत्साहित हैं। फैंस के साथ-साथ संजय दत्त खुद भी 'केजीएफ 2' को लेकर काफी उत्साहित हैं, क्योंकि प्रशांत नील द्वारा निर्देशित इस फिल्म से बॉलीवुड स्टार कन्नड़ सिनेमा में कदम रखने जा रहे हैं। हाल ही में संजय दत्त ने फिल्म के क्लाइमैक्स के बारे में अपना अनुभव साझा किया।
KGF 2 : संजय दत्त के लिए आसान नहीं था केजीएफ 2 का क्लाइमैक्स, बोले- टीम न होती तो नहीं कर पाता शूट
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केजीएफ 2 ने संजय दत्त को एक ऐसा रोल दिया, जो एक बार फिर उन्हें लाइमलाइट में ले आया। इस फिल्म में संजय खलनायक अधीरा की भूमिका निभा रहे हैं, जिसे वह 'निडर, शक्तिशाली और निर्दयी' बताते हैं। अपने किरदार को निभाने में हुई दिक्कतों के बारे में संजय दत्त ने खुलकर बात की। उन्होंने कहा, 'जब आपको इतना शक्तिशाली और प्रभावशाली किरदार निभाने का मौका दिया जाता है तो उसके लिए आपको पूरे दिल से मेहनत करनी पड़ती है। आपने अब तक जो भी सीखा है, वह सब उस रोल के लिए लगाना पड़ता है। मैंने निर्देशक प्रशांत नील के नजरिए को समझा। इसके बाद हम दोनों ने अधीरा का फर्स्ट लुक तैयार किया, जिसके लिए मैंने काफी सुझाव भी दिए थे।'
सिनेमा के बदलते रूप के बारे में बोले संजय
गौर करने वाली बात यह है कि सिनेमा के बदलते रूप के साथ संजय दत्त ने खुद में भी काफी बदलाव किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि बीते कुछ वक्त में फिल्में काफी बदली हैं। उन्होंने कहा, "हम सभी भूल गए हैं कि सिनेमा हम सभी से बहुत बड़ा है। मुझे बताइए हीरो वाली एक्शन फिल्में कहां गई? हिंदी फिल्मों में दिखाई गई बहादुरी बेशक इसे बेहतर बनाती है, लेकिन इंडस्ट्री के रूप में हमें लोगों की पसंद को समझने की जरूरत है। जब हम दर्शकों को समझेंगे, तभी उन्हें फिल्म देखने के बाद सीटी बजाने के लिए प्रेरित कर पाएंगे।"
केजीएफ की पूरी टीम ने रखा ख्याल
हम सभी जानते हैं कि संजय दत्त ने अपने जीवन में हर तरह के उतार-चढ़ाव देखे हैं, इन्हीं में से एक उनका कैंसर से पीड़ित होना था। साल 2020 में संजय जब इस फिल्म के एक्शन सीन की शूटिंग कर रहे थे, तब उन्हें लंग कैंसर का पता चला। उन्होंने उस समय को याद करते हुए कहा कि फिल्म की पूरी टीम ने उनका हम मुमकिन ध्यान रखा। संजय दत्त ने बताया कि उन्होंने मेरे लिए वह सब किया, जो वे कर सकते थे। यहां तक कि उन्होंने सीन को ग्रीन स्क्रीन पर शूट करने के लिए भी कहा था, लेकिन एक अभिनेता के तौर पर मेरे लिए जरूरी था कि फिल्म को ढंग से शूट किया जाए। हम सबने क्लाइमैक्स को बेहद शानदार तरीके से शूट करने की योजना बनाई थी और मैं उसे वैसे ही करना चाहता था। यह बेहद मुश्किल भरा क्लाइमैक्स था, जिसमें मिट्टी, आग और भरपूर एक्शन था। मैं इसे उन सबकी मदद के बिना कभी शूट नहीं कर पाता।"
संजय ने बताया- अधीरा क्यों हैं इतना शक्तिशाली
संजय दत्त को लगता है कि अधीरा को इतना शक्तिशाली रॉकी की दमदार छवि के कारण बनाया गया है। उन्हें लगा कि यश जैसे बेहतरीन नायक के सामने अधीरा जैसा खलनायक होना बहुत जरूरी था। संजय बोले, "रॉकी खतरनाक इंसान और कुछ लोगों के लिए दयालु भी है। अधीरा को जिस तरह से दिखाया गया है, वह ज्यादातर रॉकी के रोल में यश की दी गई एनर्जी से प्रेरित है। यश बेहद दमदार अभिनेता हैं।"

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