फिल्मों में अपनी बिंदास अभिनय शैली और नृत्य कौशल के लिए मशहूर रहीं अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर पिछले एक दशक से बड़े पर्दे से दूर हैं। बाल कलाकार के रूप में फिल्म इंडस्ट्री में कदम रख देने वाली उर्मिला अब राजनीति में ही अधिक सक्रिय रहती हैं। एक समय ऐसा भी था जब उर्मिला के करोड़ों प्रशंसक रहे और जब ‘रंगीला’ रिलीज हुई तो उनके इमारत को लोगों ने लिफ्ट से लेकर उनके फ्लैट तक फूलों से भर दिया था। आज उनके जन्मदिन के मौके पर हम आपको उर्मिला के कुछ बेहतरीन किरदारों के बारे में बताते हैं।
Urmila Matondkar Birthday: मासूम उर्मिला ने ऐसे दिखाए रंगीले अंदाज, 10 किरदारों से समझिए पूरी कहानी
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किरदार : मीनू सिंह
फिल्म : नरसिम्हा (1991)
उर्मिला मातोंडकर ने बी आर चोपड़ा की वर्ष 1977 में आई फिल्म 'कर्म' से एक बाल कलाकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद वह श्रीराम लागू की मराठी फिल्म 'जाकोल', श्याम बेनेगल की फिल्म 'कलयुग', शेखर कपूर की फिल्म 'मासूम', प्रवीण भट्ट के फिल्म 'भावना', राहुल रवैल की फिल्म 'डकैत' में बाल कलाकार के रूप में ही नजर आईं। एक वयस्क कलाकार के रूप में उर्मिला की पहली फिल्म मलयालम भाषा की 'चाणक्यन' है जिसमें उनके साथ कमल हासन मुख्य भूमिका में रहे। इसके बाद हिंदी भाषा की पहली फिल्म उर्मिला के लिए 'नरसिम्हा' रही जिसमें उनके साथ सनी देओल, डिंपल कपाड़िया, रवि बहल और ओमपुरी मुख्य भूमिकाओं में हैं। इस फिल्म में उर्मिला ने एक युवा लड़की मीनू का किरदार निभाया जो अपने पिता के गलत होने पर उनका बहिष्कार करके सच्चाई का साथ देती है। इस एक्शन ड्रामा फिल्म से उर्मिला को ज्यादा कुछ हासिल नहीं हो सका।
किरदार : मिली जोशी
फिल्म : रंगीला (1995)
उर्मिला ने दक्षिण भारतीय फिल्मों में लोकप्रियता पाई वर्ष 1993 की फिल्म 'गायम' से। रामगोपाल वर्मा की इस पॉलिटिकल थ्रिलर फिल्म में उर्मिला के साथ जगपति बाबू और रेवती मुख्य भूमिकाओं में रहे। यह फिल्म भी सुपरहिट रही है और उर्मिला को भी सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के नंदी पुरस्कार से नवाजा गया। लेकिन, उत्तर भारत में उर्मिला को पहचान मिली रोमांटिक ड्रामा फिल्म 'आ गले लग जा' से। जुगल हंसराज के साथ उनकी रोमांटिक जोड़ी दर्शकों को पसंद आई। मगर, उर्मिला को सुपरस्टार बनाया वर्ष 1995 की राम गोपाल वर्मा की फिल्म 'रंगीला' में। आमिर खान और जैकी श्रॉफ के साथ उर्मिला ने एक खुशमिजाज लड़की मिली का किरदार निभाया। मिली बहुत महत्वकांक्षी है और एक अभिनेत्री बनने के ख्वाब देखती है। इस फिल्म के लिए पहली बार उर्मिला को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामांकन मिला।
किरदार : जान्हवी साहनी
फिल्म : जुदाई (1997)
राज कंवर के निर्देशन में वर्ष 1997 में रिलीज हुई पारिवारिक ड्रामा फिल्म 'जुदाई' से उर्मिला की लोकप्रियता घर-घर तक पहुंची। इस फिल्म में उन्होंने जान्हवी साहनी का किरदार निभाया जो एक अमीर घर की बेटी है। जान्हवी का दिल एक ईमानदार इंजीनियर राज पर आता है और वह शादी की इच्छा जाहिर कर देती है। राज पहले से शादीशुदा है लेकिन उसकी पत्नी काजल पैसों के मामले में थोड़ी लालची है। जान्हवी और काजल के बीच राज को लेकर सौदा होता है और जान्हवी राज से पैसा देकर शादी करती है। एक अमीर सुलझी हुई लड़की का किरदार निभाकर उर्मिला ने सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के फिल्मफेयर पुरस्कार का नामांकन पाया।
किरदार : विद्या
फिल्म : सत्या (1998)
रामगोपाल वर्मा के ही निर्देशन और निर्माण में रिलीज हुई फिल्म 'सत्या' के लिए उर्मिला मातोंडकर ने एक और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामांकन पा लिया। वर्ष 1998 में रिलीज हुई इस फिल्म में उर्मिला के साथ जेडी चक्रवर्ती, मनोज बाजपेयी, सौरव शुक्ला, शेफाली शाह और परेश रावल मुख्य भूमिकाओं में रहे। उर्मिला ने यहां एक गायिका विद्या का किरदार निभाया है। विद्या अपने दम पर सब कुछ करना चाहती है लेकिन जब सत्या से उसके प्रेम संबंध बनते हैं तो सत्या के दम पर ही उसे काम मिलने लगता है। हालांकि, विद्या इस बात से अनजान रहती है कि सत्या एक अपराधी है। यह सच्चाई उसे बाद में पता चलती है।