परिवहन निगम के रेलवे बस स्टेशन के ‘अच्छे दिन’ सिर्फ एक दिन के लिए ही थे। बृहस्पतिवार की रात प्रभारी मंत्रियों के निरीक्षण के बाद अगले दिन यानी शुक्रवार की सुबह रेलवे बस स्टेशन के हालात वैसे ही नजर आए जैसे प्रभारी मंत्रियों के निरीक्षण से पहले थे।
पड़ताल: यात्रियों के लिए सिर्फ एक दिन थे 'अच्छे दिन', तस्वीरों में देखें पूरा हाल
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बस स्टेशन परिसर में लगी एलईडी स्क्रीन जो वर्षों से बंद थी, प्रभारी मंत्री के निरीक्षण के दौरान चल रही थी, फिर बंद हो गई। पूछताछ काउंटर के भीतर एक कर्मचारी मेज पर पैर रखकर मोबाइल फोन चलाता दिखा। वहीं यात्रियों के लिए किसी तरह की कोई सूचना लाउडस्पीकर के माध्यम से प्रसारित नहीं की जा रही थी।
पुरुषों के लिए बस स्टेशन पर शौचालय की व्यवस्था नहीं है। महिलाओं के लिए व्यवस्था है, लेकिन उसमें इतनी गंदगी थी कि कोई जाना नहीं चाहेगा। वहीं निरीक्षण के समय प्रभारी मंत्रियों को दिखाने के लिए रखा गया व्हील चेयर भी अपने स्थान पर नजर नहीं आया।
बता दें कि बृहस्पतिवार रात प्रभारी मंत्री पशुधन व दुग्ध विकास धर्मपाल सिंह, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी और गन्ना विकास मंत्री संजय सिंह गंगवार ने महानगर के कचहरी और रेलवे बस स्टेशन का निरीक्षण किया था। परिवहन निगम के आरएम पीके तिवारी के साथ ही निगम के अन्य जिम्मेदारों को प्रभारी मंत्रियों के निरीक्षण की सूचना पहले ही मिल गई थी, ऐसे में उन्होंने सभी सुविधाओं को दुरुस्त करने का पूरा प्रयास किया था। इसलिए निरीक्षण के समय कम ही कमियां नजर आईं थीं।
गोरखपुर डिपो सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एके मिश्रा ने कहा कि बस स्टेशन की व्यवस्था दुरुस्त है। अगर कोई कमी है तो उसे ठीक करा लिया जाएगा। पूछताछ काउंटर में मेज पर पैर रखकर बैठने वाले कर्मचारी की जानकारी नहीं है। मामला संज्ञान में आने के बाद उस पर कार्रवाई की जाएगी।