विशेषज्ञ कोविड-19 वायरस म्यूटेशन (परिवर्तन) की वजह से चिंतित हैं। जांच का दायरा शासन ने काफी बढ़ा लिया है। बावजूद इसके संक्र मित व्यक्तियों की पहचान उसके मुताबिक नहीं हो पा रही है। इसकी वजह विशेषज्ञ एंटीजन किट से जांच होना बता रहे हैं। उनके मुताबिक किट से जांच के दौरान वायरस पकड़ में ही नहीं आ रहा है । यह तब है जबकि इस किट से जांच कराने पर विभाग का जोर ज्यादा है।
कोरोना वायरस को पकड़ने नाकामयाब हो रहा है एंटीजन किट, जानिए क्या है वजह
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नवंबर महीने में मरीजों की संख्या में काफी कमी देखी जा रही है। अक्तूबर में जहां प्रतिदिन 250 से अधिक मरीज मिलते थे, वहीं इधर अचानक मरीजों की संख्या 50 से कम हो गई। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि अचानक मरीजों की संख्या में कमी आई है। इसकी वजह यह है कि कोविड वायरस की संरचना में बदलाव हुए हैं। इस बदलाव के कारण किट पहले की तरह वायरस को पकड़ नहीं पा रहा है। यही हाल आरटी-पीसीआर की जांच में भी हो रहा है। दोनों ही किट पहले की तरह काम नहीं कर पा रही हैं। इसकी वजह से मरीजों की संख्या भी काफी कम हो रही है।
जीनो टाइपिंग तकनीक को हो रहा इस्तेमाल
डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि अब तक जीनो टाइपिंग तकनीक से हम एंटीजन किट की जांच को पकड़ लेते हैं। लेकिन इस तकनीक में यह बात सामने आ रही है कि एंटीजन किट से जांच में 95 प्रतिशत लोग पकड़ में ही नहीं आ रहे हैं।
बेहतर इम्युनिटी भी हो सकता है बड़ा कारण
डॉ. सिंह ने बताया कि जांच के अलावा बेहतर इम्युनिटी भी इसका बड़ा कारण हो सकती है। लेकिन अब तक इस पर वैज्ञानिक तथ्य सामने नहीं आए हैं जबकि जांच के परिणाम सामने आ चुके हैं। ऐसे में नए जांच पर जोर देना होगा जिससे की सही जानकारी मिल सके।
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