गोरखपुर में मंगलवार देर रात से शुरू हुई झमाझम बारिश गुरुवार तक जारी है। बारिश के कारण मौसम सुहाना हो गया है, वहीं शहर के कुछ निचले इलाकों में जलभराव की समस्या खड़ी होने से स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। हालांकि नगर निगम और गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की टीम की सक्रियता से पानी उतनी ही तेजी से निकला भी गया।
Gorakhpur Weather: गोरखपुर में लगातार हो रही बारिश, जलभराव ने बढ़ाई शहरवासियों की मुश्किलें
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नगर आयुक्त अविनाश सिंह के निर्देश पर नगर निगम की टीम ने मौके का निरीक्षण कर पंपिंग सेट से पानी निकालने की व्यवस्था की। उधर, जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह के निर्देश पर जीडीए टीम ने देवरिया बाईपास के आसपास के प्रभावित मोहल्लों का निरीक्षण किया। सफाई कर्मियों को तैनात कर नालों की सफाई कराई तो वहीं पंपिंग सेट चालू कराकर पानी निकालने की व्यवस्था की।
कहां कितनी बारिश हुई (मंगलवार की रात 8.30 बजे से बुधवार सुबह 8.30 बजे तक)
गोरखपुर : 18.2 मिलीमीटर
कुशीनगर : 3.5 मिलीमीटर
देवरिया : 103 मिलीमीटर
बस्ती : 30.4 मिलीमीटर
सिद्धार्थनगर : 4.5 मिलीमीटर
संतकबीरनगर : 32.5 मिलीमीटर
किसानों को सूखे का लाभ मिलने के आसार कम
मुख्यमंत्री के निर्देश पर चल रहे धान की फसल के नुकसान का सर्वे अभी पूरा नहीं हुआ है मगर अब तक की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ को छोड़ ज्यादातर किसानों को सूखे का लाभ मिलने के आसार कम ही दिखाई पड़ रहे हैं। अभी तक की रिपोर्ट के अनुसार जिले के कुल 1.52 लाख हेक्टेयर धान की फसल में महज 20 से 22 फीसदी के नुकसान का आकलन किया गया है।
करीब 1,200 हेक्टेयर में ही 33 फीसदी से अधिक का नुकसान बताया जा रहा है। सर्वे अधिकारियों का कहना है कि बीते एक सप्ताह से रुक-रुककर बारिश, फसलों के लिए संजीवनी का काम कर रही है। ऐसे में नुकसान ज्यादा नहीं है। उधर किसानों का कहना है कि ये बारिश उन्हीं किसानों के लिए फायदेमंद है जिनकी फसल अभी भी हरी है। या जिन्होंने देर से धान रोपा था। जिन फसलों में पीलापन आ गया है, उनका इस बारिश से भी कुछ नहीं होना है।
सूखा घोषित करने का क्या है मानक
आपदा विभाग के अनुसार बारिश के मौसम में जिले में 40 फीसदी से कम बारिश होने और 33 फीसदी से अधिक फसल के नुकसान होने पर किसी जिले को सूखाग्रस्त जिला घोषित किया जाता है।
15 अगस्त तक तहसीलवार बारिश की रिपोर्ट (तहसील पर लगे वर्षा मापन यंत्र के अनुसार)
तहसील मिमी बारिश प्रतिशत
सदर 468 60
सहजनवां 226 29
चौरीचौरा 212 27
कैम्पियरगंज 054 07
बांसगांव 539 69
खजनी 172 22
गोला 295 38
1,52,247 हेक्टेयर में धान की बुवाई का है लक्ष्य
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक इस साल जिले में कुल 1,52,247 हेक्टेयर में धान की बुवाई व करीब 3,766 मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन, बारिश न होने से धान की रोपाई काफी प्रभावित हुई है। करीब 30 फीसदी तक रोपाई नहीं हो सकी थी।