कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन और अनलॉक की प्रक्रिया को 24 अगस्त को पांच माह पूरे हो जाएंगे। लॉकडाउन के दौरान गोरखपुर जिले में गिने-चुने केस थे, लेकिन अनलॉक वन के साथ ही संक्रमितों और मरने वालों की संख्या बढ़ने लगी। जुलाई और अगस्त में जिले में कोरोना के 6600 से अधिक मामले मिल चुके हैं। जबकि अगस्त में एक सप्ताह शेष है। हालांकि, संक्रमितों की संख्या बढ़ने का एक बड़ा कारण ज्यादा टेस्टिंग भी है।
गोरखपुर में पाबंदी हटी तो संक्रमितों की संख्या बढ़ी, यहां देखें लॉकडाउन से लेकर अनलॉक तक के आंकड़े
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना महामारी के बीच 25 मार्च को पूरे देश में पहला लॉकडाउन 21 दिन के लिए लगा। फिर इसे आगे बढ़ाया गया, जोकि मई माह तक चला। एक जून से अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुई। तालाबंदी के दौरान मार्च और अप्रैल माह में जिले में कोरोना के केवल दो केस मिले थे। जबकि मई में 77 केस सामने आए थे। आठ जून को अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके बाद संक्रमितों की संख्या बढ़ने लगी। जून में 261 केस मिले, लेकिन जुलाई में 1770 केस मिले। 23 अगस्त तक 5180 केस मिल चुके हैं। हालांकि, विभाग का तर्क है कि जांच का दायरा बढ़ाने की वजह से संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है।
जरूरत के मुताबिक नहीं हैं लेबल टू-थ्री के बेड
स्वास्थ्य विभाग के पास लेबल-टू-थ्री के बेड की कमी है। यही वजह है कि गंभीर मरीजों को भर्ती करने में परेशानी होती है। बीआरडी में लेवल-टू और थ्री के 200 बेड हैं, जिनमें लेवल-थ्री के 40 बेड फुल हैं। लेवल-टू में 130 से अधिक मरीज भर्ती हैं। टीबी अस्पताल में हाल में 25 बेड से बढ़ाकर लेवल-टू के 95 बेड बनाए गए हैं। यहां व्यवस्था खराब होने की शिकायत मिलती रही है। रेलवे अस्पताल में लेवल-टू के 25 बेड हैं। स्पोर्ट्स कॉलेज में लेवल-वन के 200 बेड हैं। जिले में निजी और सरकारी अस्पतालों को मिलाकर 683 बेड हैं, इनमें 140 निजी अस्पतालों के हैं।
निजी अस्पताल: रुपये जमा करें तब होगा इलाज
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने कुछ निजी अस्पतालों को कोरोना मरीजों के इलाज के निर्देश दिए हैं। पनेशिया में शुरुआती चरण में कोविड के लिए 75 बेड का अस्पताल बनाया गया। इसमें 45 बेड लेवल-टू और 30 लेवल-थ्री के हैं। फातिमा अस्पताल में लेवल-टू के 25 बेड बनाए गए हैं। दोनों जगहों पर बेड फुल हैं। आर्यन में 20, न्यू उदय हॉस्पिटल में 20 बेड लेवल-टू के बनाए गए हैं। लेकिन इन निजी अस्पतालों में आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों का इलाज संभव नहीं है। यहां पर पांच दिन का बेड चार्ज आठ हजार से 13 हजार रुपये और आठ हजार रुपये दवा के नाम पर पहले ही जमा कर लिए जा रहे हैं।
60 से अधिक डॉक्टर हो चुके हैं संक्रमित
अनलॉक में नागरिकों के साथ डॉक्टरों के भी संक्रमित होने का सिलसिला जारी है। अब तक बीआरडी से लेकर जिला अस्पताल, सीएचसी और निजी अस्पताल के 60 से अधिक डॉक्टर संक्रमित हो चुके हैं। स्वास्थ्य कर्मियों की बात करें तो यह संख्या 100 के पार है।