{"_id":"5e3282b98ebc3e4b44504a6b","slug":"e-ticketing-racket-king-hamid-gang-another-accused-caught-from-azamgarh-biggest-disclosure","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"हामिद गिरोह के एक और ई-टिकटिंग के धंधेबाज को आजमगढ़ से दबोचा, हुआ सबसे बड़ा खुलासा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
हामिद गिरोह के एक और ई-टिकटिंग के धंधेबाज को आजमगढ़ से दबोचा, हुआ सबसे बड़ा खुलासा
डिजिटल न्यूज डेस्क, बस्ती
Published by: विजय जैन
Updated Thu, 30 Jan 2020 12:46 PM IST
विज्ञापन
हामिद गिरोह के एक और ई-टिकटिंग के धंधेबाज को आजमगढ़ से दबोचा
- फोटो : amarujala
हामिद गिरोह के एक और ई-टिकटिंग के धंधेबाज को बस्ती की टीम ने आजमगढ़ से गिरफ्तार किया है। आरोपी के बारे में संतकबीरनगर के धनघटा में छापा के दौरान जानकारी मिली थी। तभी से यह टीम के निशाने पर था। इसका पीछा करते हुए टीम मुंबई तक पहुंची जहां से भागकर आरोपी आजमगढ़ आ गया था।
Trending Videos
तीनों आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला।
उक्त आरोपी करीब दो साल से गिरोह के आईआरसीटीसी के ई टिकट बुकिंग के लिये विशेष प्रकार का एएनएमएस सॉफ्टवेयर को बेच रहा था। पूछताछ पर यह पता चला कि उक्त सेलर टिकट दलालों को वाला ( पैनल) चलाकर व्हाट्सप ग्रुप के जरिये टिकट एजेंटों को मासिक किराये पर देता था।
देश के विभिन्न हिस्सों से टिकट एजेंट व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क कर सॉफ्टवेयर खरीद लेते थे। इसे खरीदने वाले को फर्जी आईडी भी उपलब्ध कराया जाता था। टीम ने अभय के पास से 480 फर्जी आईडी जब्त किया है। उक्त सेलर ने कई अन्य की जानकारी भी टीम को दी है।
आरपीएफ इंसपेक्टर नरेंद्र कुमार यादव ने उक्त की पुष्टि करते हुए कहा कि लगातार कार्रवाई चल रही है। इस धंधे के अभी और चेहरे बेनकाब होंगे। टीम में एसआई श्यामराज, हेडकांस्टेबल लाल बहादुर यादव, कांस्टेबल बेचू खरवार और जितेन्द्र कुशवाहा शामिल रहे हैं।
देश के विभिन्न हिस्सों से टिकट एजेंट व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क कर सॉफ्टवेयर खरीद लेते थे। इसे खरीदने वाले को फर्जी आईडी भी उपलब्ध कराया जाता था। टीम ने अभय के पास से 480 फर्जी आईडी जब्त किया है। उक्त सेलर ने कई अन्य की जानकारी भी टीम को दी है।
आरपीएफ इंसपेक्टर नरेंद्र कुमार यादव ने उक्त की पुष्टि करते हुए कहा कि लगातार कार्रवाई चल रही है। इस धंधे के अभी और चेहरे बेनकाब होंगे। टीम में एसआई श्यामराज, हेडकांस्टेबल लाल बहादुर यादव, कांस्टेबल बेचू खरवार और जितेन्द्र कुशवाहा शामिल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
hamid ashraf
- फोटो : amarujala
ई-टिकटिंग: नेपाल से संचालित हो रहा देश में नेटवर्क
सॉफ्टवेयर के जरिए कमाई कर टेरर फंडिंग करने वाले गिरोह का नेटवर्क देश में ही नहीं,बल्कि पड़ोसी देश नेपाल की सीमा में भी फैला है। यहां से आईआरसीटीसी का सॉफ्टवेयर का धंधा ह्वाट्स एप के जरिए देश भर में किया जा रहा है।
हामिद के सॉफ्टवेयर का नाम खुलने के बाद धंधेबाज अब जांच टीम को झांसा देने का तानाबाना बुन रहे हैं। धंधेबाजों ने कथित सॉफ्टवेयर का नाम बदल दिया है। हालांकि जांच टीम ने धंधेबाजों के पैंतरों पर नजर जमा रखी है, मगर अब तक नेपाल में कोई कार्रवाई नहीं की है।
सॉफ्टवेयर के जरिए कमाई कर टेरर फंडिंग करने वाले गिरोह का नेटवर्क देश में ही नहीं,बल्कि पड़ोसी देश नेपाल की सीमा में भी फैला है। यहां से आईआरसीटीसी का सॉफ्टवेयर का धंधा ह्वाट्स एप के जरिए देश भर में किया जा रहा है।
हामिद के सॉफ्टवेयर का नाम खुलने के बाद धंधेबाज अब जांच टीम को झांसा देने का तानाबाना बुन रहे हैं। धंधेबाजों ने कथित सॉफ्टवेयर का नाम बदल दिया है। हालांकि जांच टीम ने धंधेबाजों के पैंतरों पर नजर जमा रखी है, मगर अब तक नेपाल में कोई कार्रवाई नहीं की है।
डीजी अरुण कुमार, गिरोह का सरगना हामिद अशरफ।
- फोटो : amarujala
देशभर में संचालित ई-टिकटिंग के अवैध धंधे का पर्दाफाश होने के बाद जांच का दायरा टीम ने बढ़ा दिया है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में तमाम तथ्य सामने आए हैं। इनसे जो फीड बैक टीम ने लिया है उसमें यह तथ्य भी शामिल है कि आईआरसीटीसी के सॉफ्टवेयर को बेचने के लिए सीमा से सटे नेपाल के कई क्षेत्र जहां भारत के इंटरनेट का नेटवर्क काम करता है उसका भी प्रयोग धंधेबाज कर रहे हैं।
इस पूरे धंधे के मास्टर माइंड हामिद ने भी मीडिया को भेजे अपने आडियो में इसका खुलासा किया था कि सलमान व शमशेर नेपाल में शरण लिए हुए हैं और वे वहीं से इस धंधे को अंजाम देकर अकूत कमाई कर रहे हैं। हालांकि अब तक हामिद के आडियो से मिले तथ्यों की पुष्टि तो नहीं हो सकी है, मगर जांच टीम के निशाने पर शमशेर व सलमान भी हैं।
इस पूरे धंधे के मास्टर माइंड हामिद ने भी मीडिया को भेजे अपने आडियो में इसका खुलासा किया था कि सलमान व शमशेर नेपाल में शरण लिए हुए हैं और वे वहीं से इस धंधे को अंजाम देकर अकूत कमाई कर रहे हैं। हालांकि अब तक हामिद के आडियो से मिले तथ्यों की पुष्टि तो नहीं हो सकी है, मगर जांच टीम के निशाने पर शमशेर व सलमान भी हैं।
विज्ञापन
hamid ashraf
- फोटो : amarujala
इधर खबर है कि जांच टीम को बरगलाने के लिए सुपर सेलर हामिद के सॉफ्टवेयर का नाम बदल कर नए सिरे से नेटवर्क खड़ा करने के फिराक में हैं। यह अलग बात है कि इस सारे करतूतों की भनक जांच टीम के कानों तक पहुंच गई है, इसके बाद आरपीएफ, यूपी पुलिस व विजिलेंस की टीम सतर्कता से इस पर नजर जमाए हुए है।
प्रत्येक पहलुओं पर तफ्तीश: एसपी
एसपी हेमराज मीणा का कहना है कि अभी इसके बारे में पक्के तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन पिछले दिनों हुई गिरफ्तारी व बरामदगी के मद्देनजर इस तरह के हेरफेर की गुंजाइश से इंकार भी नहीं किया जा सकता। पुलिस प्रत्येक पहलुओं पर तफ्तीश कर रही है।
प्रत्येक पहलुओं पर तफ्तीश: एसपी
एसपी हेमराज मीणा का कहना है कि अभी इसके बारे में पक्के तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन पिछले दिनों हुई गिरफ्तारी व बरामदगी के मद्देनजर इस तरह के हेरफेर की गुंजाइश से इंकार भी नहीं किया जा सकता। पुलिस प्रत्येक पहलुओं पर तफ्तीश कर रही है।