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मनीष हत्याकांड: पुलिस ने पहले तड़पा-तड़पा कर मारा फिर बचने के लिए किए ये उपाय, सीसीटीवी की मदद से पहुंच गए सलाखों के पीछे

अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 08 Jan 2022 02:01 PM IST
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Manish murder case crime of killer police proved by SIT team of Kanpur Police and CBI
मनीष हत्याकांड: सीसीटीवी में कैद हुए हत्यारोपी पुलिस। - फोटो : अमर उजाला।

कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की हत्या मामले में गोरखपुर पुलिस की पहले दिन से ही किरकिरी हुई थी। आरोपियों ने अपने बचने के जितने उपाय किए उतनी ही पुलिस की फजीहत बढ़ती गई। हालांकि उनके एक भी पैतरे काम नहीं आए। पहले कानपुर पुलिस की एसआईटी ने और उसके बाद सीबीआई ने उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा ही दिया।  



घटना वाले दिन पुलिस इस बात को मानने के लिए तैयार ही नहीं थी कि उसके छह मुलाजिमों ने किसी की ऐसी पिटाई की उसकी जान चली गई। पुलिस आला अधिकारी तक इस मामले में कठघरे में आ गए थे। मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी के हंगामा करने के बाद पुलिस ने मामले में हत्या का केस दर्ज किया था। मीनाक्षी के अनुरोध पर ही पहले मामले की जांच कानपुर पुलिस को दी गई। उसके बाद सीबीआई को सौंप दी गई।

Manish murder case crime of killer police proved by SIT team of Kanpur Police and CBI
मनीष हत्याकांड के आरोपी पुलिस वाले। - फोटो : अमर उजाला।

आरोपियों को दिल्ली लेकर जाएगी पुलिस

सीबीआई अब कोर्ट के समन पर आरोपी पुलिस वालों को कस्टडी रिमांड पर लेकर दिल्ली के तिहाड़ जेल में दाखिल करेगी। हालांकि सीबीआई सूत्रों का कहना है कि पुलिस वाले कहां की जेल में रहेंगे, इसका निर्णय कोर्ट लेगा। जबकि इससे पहले मनीष की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने मामले का ट्रायल दिल्ली ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि आरोपी पुलिस वालों को दिल्ली ही ले जाया जाएगा।
Manish murder case crime of killer police proved by SIT team of Kanpur Police and CBI
मनीष हत्याकांड में जांच करती एसआईटी टीम।(फाइल) - फोटो : अमर उजाला।

एसआईटी उलझी थी, 2 नवंबर को सीबीआई ने शुरू की थी जांच

पहले इस मामले की जांच कर रही कानपुर एसआईटी हत्या और गैर इरादतन हत्या में उलझी थी। इस बीच मनीष के परिवार ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। दो नवंबर को सीबीआई ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू की और शुक्रवार को चार्जशीट दाखिल कर दी।

 
 
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मनीष गुप्ता हत्याकांड। - फोटो : अमर उजाला।

अब होंगे बर्खास्त, भेज दी गई फाइल

आरोपी पुलिस वालों को बर्खास्त करने के लिए गोरखपुर पुलिस की ओर से फाइल भेज दी गई है। खबर है इस पर निर्णय भी हो गया है, लेकिन सार्वजनिक नहीं किया गया है।

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मनीष गुप्ता हत्याकांड। - फोटो : amar ujala

27 सितंबर को हुई थी घटना

कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की गत 27 सितंबर को होटल कृष्णा पैलेस में मौत हो गई थी। मनीष अपने दो दोस्तों के साथ गोरखपुर घूमने आए थे। रामगढ़ताल थानाक्षेत्र के होटल कृष्णा पैलेस में ठहरे थे। आरोप है कि देर रात होटल के कमरे में आए, इंस्पेक्टर जेएन सिंह एंड कंपनी ने मनीष व उनके दोस्तों की पिटाई की थी, जिससे मनीष की मौत हो गई थी। मनीष की पत्नी मीनाक्षी ने रामगढ़ताल थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर सहित छह पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। आरोपित पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। एसआईटी जांच कर रही थी कि मनीष की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई जांच की अपील कर दी। सुनवाई होती, इससे पहले ही सीबीआई ने मुकदमा दर्ज करके केस अपने हाथ में ले लिया।

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