मेट्रोपोलिटन शहर की तर्ज पर 25 लाख आबादी को ध्यान में रखकर गोरक्षनगरी के सुनियोजित विकास के लिए तैयार नई महायोजना के प्रारूप को गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) बोर्ड ने अपनी स्वीकृति दे दी है। पिछली महायोजना-2021 में जहां आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक समेत सभी तरह के भू उपयोग को मिलाकर कुल नौ हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल को शामिल किया गया था, वहीं इस बार सीमा विस्तार के बाद प्राधिकरण ने दोगुने से अधिक क्षेत्रफल पर विकास का खाका खींचा है।
Good News: 25 लाख आबादी के लिए महायोजना तैयार, दोगुना होगा गोरखपुर शहर का विस्तार
नई महायोजना में कुल 20 हजार 336 हेक्टेयर क्षेत्रफल को शामिल किया गया है। महायोजना के लागू होने के बाद इन्हीं प्रस्तावों के मुताबिक निर्माण हो सकेगा। करीब साल भर के इंतजार के बाद बुधवार को प्राधिकरण सभागार में हुई बोर्ड की बैठक में महायोजना-2031 के प्रारूप को स्वीकृति मिली। यह पहला मौका है जब महायोजना 10 साल के लिए बनाई गई है। पहले 20 साल की महायोजना होती थी।
एक सप्ताह के भीतर महायोजना को प्राधिकरण की वेबसाइट पर अपलोड कर लोगों से आपत्तियां एवं सुझाव मांगा जाएगा। इसके लिए एक महीने का समय दिया जाएगा। तार्किक आपत्तियों और सुझाव पर महायोजना में परिवर्तन भी हो सकता है। इसके बाद प्राधिकरण, प्रारूप को फाइनल कर अंतिम प्रकाशन के लिए शासन को भेज देगा, जिसके बाद इसे वहीं से लागू कर दिया जाएगा।
नई महायोजना में शहर से सटे सभी इलाकों में बड़ी पैमाने पर कृषि एवं अन्य उपयोग की जमीनों का भू-प्रयोग बदलकर आवासीय कर दिया गया है। इससे आमजन को घर बनवाने के लिए जमीन के पर्याप्त विकल्प मिल सकेंगे।
बैठक के बाद महायोजना को तैयार करने वाले कंसलटेंट गुजरात निवासी गोपालदास प्राणदास शाह व नगर नियोजक हितेश ने पत्रकार वार्ता में बताया कि इसमें आमजन की सुविधा का ज्यादा से ज्यादा ख्याल रखा गया है। उन्होंने बताया कि महायोजना को 125 जनसंख्या घनत्व के आधार पर तैयार किया गया है। इसे तैयार करते समय अवैध निर्माण का अध्ययन भी किया गया। विभिन्न वर्ग के लोगों का सुझाव लेने के लिए पांच बार कंसलटेंसी बैठकें की गई हैं। पुरानी महायोजना में जो समस्या थी, उसे दूर करने का प्रयास भी किया गया है।
हाईवे-रिंग रोड किनारे बनेंगे स्कूल-अस्पताल, होटल
महायोजना में शहर के आसपास के क्षेत्रों खासकर हाईवे और रिंग रोड के किनारे विकास की ज्यादा संभावना तलाशी गई है। कालेसर-जंगल कौड़िया-जगदीशपुर-कालेसर रिंग रोड हो या देवरिया, सोनौली आदि हाईवे, दोनों ओर विकास की पर्याप्त संभावनाएं रहेंगी। हर हाईवे- रिंग रोड के दोनों ओर 300 मीटर तक वाणिज्यिक इस्तेमाल के लिए भूमि सुरक्षित की गई है। हाईवे से 30-30 मीटर की चौड़ाई में बफर जोन बनाया गया है, ताकि भविष्य में सड़क को चौड़ा करने में दिक्कत न हो। इस 30 मीटर के बाद दोनों ओर 18-18 मीटर चौड़ी सड़क होगी। सड़क के बाद दोनों ओर 282 मीटर दूरी में हाइवे फैसिलिटी जोन होगा। यहां स्कूल, अस्पताल, लॉजिस्टिक पार्क, वेयर हाउस, पेट्रोल पंप, होटल- मोटल, रिसार्ट, पेट्रोल पंप, स्कूल, कॉलेज और मैरेज हाल आदि बनवाए जा सकेंगे। इस क्षेत्र में आवासीय निर्माण नहीं हो सकेगा।
जाम से निजात के लिए शहर से बाहर होंगी मंडी, वेयर हाउस
महायोजना में शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के साथ ही यातायात व्यवस्था और दुरुस्त करने के लिए भी योजना बनाई गई है। सभी चौराहों, प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक लोड के अध्ययन के बाद महायोजना में ट्रांसपोर्टनगर, वेयर हाउस, मंडी, शैक्षणिक एवं मेडिकल संस्थाओं को शहर के बाहर शिफ्ट करने का निर्णय किया गया है। इसके लिए महराजगंज रोड, सोनौली रोड, कुशीनगर रोड व देवरिया रोड के आस-पास जगह चिह्नित की गई है। शहर के हर प्रवेश द्वार पर बस अड्डे के लिए भी जगह सुनिश्चित की गई है।
