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Karwa Chauth 2021: पति की दीर्घायु के लिए सुहागिनों ने रखा करवाचौथ व्रत, जानिए अर्घ्य देने का मुहूर्त

संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 24 Oct 2021 10:30 AM IST
करवाचौथ व्रत
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पति की लंबी उम्र के लिए महिलाओं ने आज करवाचौथ का निर्जल व्रत रखा है। मान्यता ऐसी है कि करवाचौथ व्रत रखने से पति के जीवन में किसी भी तरह का कष्ट नहीं आता है। साथ ही पति को लंबी आयु की प्राप्ति होती है। पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार करवाचौथ के व्रत में शिव, पार्वती, कार्तिकेय, गणेश एवं च्रदमा के पूजन करने का विधान है। करवाचौथ को लेकर सुहागिनों में जबरदस्त उत्साह शनिवार को दिखा। दिनभर महिलाएं खरीदारी से लेकर मेहंदी लगवाने और ब्यूटी पार्लर में सजने सवरने में बिताईं।

दांपत्य जीवन में आती है मधुरता
पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार 24 अक्तूबर यानी आज चतुर्थी का मान रात्रि में दो बजकर 51 मिनट तक, रोहिणी नक्षत्र रात 11 बजकर 35 मिनट पर्यंत, वरियान योग भी रात को 11 बजकर 13 मिनट तक है। चंद्रमा की स्थिति रोहिणी नक्षत्र पर है। बताया कि चंद्रमा रोहिणी से अत्यन्त प्रेम करते हैं। इसलिए इस दिन व्रत रखने से व्रती महिला के पति को दीर्घायु के साथ ही उसके दांपत्य जीवन में मधुरता आती है। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
 
करवाचौथ व्रत
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महाभारत से जुड़ी है करवाचौथ की मान्यता
पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, ऐसी मान्यता है कि करवाचौथ का व्रत करने से पति के जीवन में किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं आता है। साथ ही पति को लंबी आयु की प्राप्ति होती है। करवाचौथ के व्रत में शिव, पार्वती, कार्तिकेय, गणेश एवं चंद्रमा के पूजन करने का विधान है। बताया कि मान्यता यह भी है कि महाभारत से संबंधित पौरणिक कथा के अनुसार, पांडव पुत्र अर्जुन तपस्या करने नीलगिरी पर्वत जाते हैं। दूसरी ओर बाकी पांडवों पर कई प्रकार के संकट पड़ते हैं। द्रौपदी भगवान श्रीकृष्ण से उपाय पूछती है। तब श्रीकृष्ण कहते हैं कि यदि वह कर्तिक कृष्ण चतुर्थी के दिन करवाचौथ का व्रत करें तो इन सभी संकटों से मुक्ति मिल सकती है। द्रौपदी विधि-विधान सहित करवाचौथ का व्रत रखती है। इससे उनके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
 
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इस विधि-विधान से करें करवा चौथ का पूजन
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार सूर्योदय से पहले स्नान करें और व्रत का संकल्प लें। पूरे दिन निर्जल व्रत रख शाम को भगवान शिव-पार्वती, कार्तिकेय, गणेश और चंद्रमा का पूजन करें। उनके समक्ष लड्डू रखकर नैवेद्य अर्पित करें। एक लोटा, एक वस्त्र और दक्षिणा समर्पण करें। विधि -विधान सेपूजन करें। करवाचौथ की कथा सुनें या स्वयं वाचन करें। चंद्रमा के उदय होने पर चंद्रमा का पूजन कर अर्घ्य दें। इसके पश्चात ब्राह्मण सुहागिनों को भोजन कराएं, फिर स्वयं भोजन ग्रहण कर निराजल व्रत तोड़े।

 
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अर्घ्य मुहूर्त का समय
चंद्रोदय शाम सात बजकर 52 मिनट पर होगा। उसी समय व्रती महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देकर करवा चौथ की पूजा संपन्न करेंगी। इसके बाद वह पति को देखते हुए व्रत तोड़ेंगी।
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शत प्रतिशत कोविड टीकाकरण का संकल्प दिलाएं  
करवाचौथ का व्रत रखने वाली सुहागिनों से सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने अपील की है। उनका कहना है कि कोरोना महामारी का खतरा बेहद कम हो गया है। ऐसे में प्रोटोकॉल का पालन कराएं। साथ ही शत प्रतिशत कोविड टीकाकरण के लिए भी संकल्प दिलाएं। जिन सुहागिनों के पति कोविड का टीका नहीं लगवाएं हैं, उन्हें टीका लगवाने के लिए प्रेरित करें। अगर दूसरी डोज का समय पूरा हो चुका है, तो उसके लिए भी प्रेरित करें।

 
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