हम जब कभी ट्रेन से कहीं जाते हैं तो हम देखते हैं कोई स्टेशन टर्मिनल नाम से होता है कोई सेंट्रल नाम से और कोई जंक्शन नाम से होता है। जैसे गोरखपुर जंक्शन है और कानपुर सेंट्रल। रेलवे में ट्रेनों की गतिविधियों पर ही जंक्शन, टर्मिनल और सेंट्रल स्टेशन स्थापित है। इनमें क्या अंतर है इसे बहुत कम लोग ही जानते हैं। रेलवे स्टेशन को मूल रूप से चार भागो में बांटा गया है, टर्मिनस/टर्मिनल, जंक्शन, सेंट्रल और स्टेशन। आगे की स्लाइड्स में जानिए इनमें अंतर...
जानिए रेलवे जंक्शन, टर्मिनल और सेंट्रल स्टेशन में क्या है अंतर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टर्मिनस/टर्मिनल स्टेशन
वह स्टेशन जहां रेलवे ट्रैक समाप्त हो जाए या उस स्टेशन के आगे कोई ट्रैक (पटरी) नहीं हो तो उस स्टेशन को टर्मिनल या टर्मिनस कहा जाता है। इस स्टेशन के बाद में रेल को उसी दिशा में जाना पड़ता जिस दिशा से वह आई हो। जैसे– छत्रपति शिवाजी टर्मिनल, लोकमान्य तिलक टर्मिनल, हावड़ा टर्मिनल, बांद्रा टर्मिनल आदि।
रेलवे जंक्शन
वह स्टेशन जहां दो या दो से अधिक रेल मार्ग होते हैं, उसे जंक्शन कहा जाता है। मतलब इस स्टेशन पर एक रेल को जाने के लिए कम से कम तीन मार्ग होते हैं। यानी ट्रेन एक साथ दो रास्तों से आ भी सकती है और जा भी सकती है। जैसे गोरखपुर जंक्शन, लखनऊ जंक्शन आदि।
सेंट्रल स्टेशन
वह स्टेशन जो बहुत बड़ा है जहां व्यस्तता ज्यादा हो और उस स्टेशन पर रेलों की बहुत ज्यादा संख्या में आगमन और प्रस्थान हो तो उसे सेंट्रल स्टेशन कहा जाता है। इस स्टेशन को उस सिटी का सबसे महत्वपूर्ण स्टेशन माना जाता है। जैसे कानपुर सेंट्रल, चेन्नई सेंट्रल आदि।
ऐसा स्टेशन जहां ट्रेन आती है और यात्रियों और सामानों के लिए कुछ देर के लिए रूकती है और फिर अगले स्टेशन के लिए रवाना हो जाती है। उस जगह को स्टेशन कहा जाता है।